तालिबान के साथ अमेरिकी डील से हुआ अफ़ग़ानिस्तान का पतन: अमेरिकी जनरल
अमेरिका के शीर्ष रक्षा अधिकारियों ने कहा है कि तालिबान के अफ़ग़ानिस्तान पर क़ब्ज़ा करने के तार तालिबान और ट्रंप प्रशासन के बीच क़तर की राजधानी दोहा में हुए समझौते से जुड़ते हैं.
अमेरिका के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की सशस्त्र सेवा समिति के सामने दी गई अपनी गवाही में रक्षा अधिकारियों ने ये बात कही है.
यूएस सेंट्रल कमांड के मुखिया के तौर पर अफ़ग़ानिस्तान से सैन्य वापसी की अगुवाई करने वाले जनरल फ़्रैंक मैकेंज़ी ने कहा कि दोहा समझौते का अफ़ग़ानिस्तान की तत्कालीन सरकार और सेना पर "वाक़ई में बहुत बुरा असर" हुआ.
वहीं रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने भी इस पर सहमति जताते हुए कहा कि इस समझौते से तालिबान के "मजबूत" होने में मदद मिली.
दोहा समझौते पर फ़रवरी 2020 में हस्ताक्षर किए गए थे. इस समझौते के बाद ही अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान से अपने सैनिकों को वापस लेने की तारीख़ तय की थी. इस समझौते में, अमेरिका के नेतृत्व वाले पश्चिमी सुरक्षा बलों की वापसी की तारीख़ तय करने के अलावा तालिबान को अल-क़ायदा जैसे आतंकी समूहों को शरण न देने और रोकने की ज़िम्मेदारी दी गई थी.
अमेरिका के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद जो बाइडन ने भी सैन्यबलों की वापसी के फ़ैसले को बरक़रार रखा. बदलाव केवल यही हुआ कि तारीख़ मई की बजाय 31 अगस्त हो गई.
प्रतिनिधि सभा की सशस्त्र सेवा समिति की सुनवाई
ये सुनवाई अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी सेना की अराजक वापसी के क़रीब एक महीने बाद हो रही है. विदेशी सुरक्षा बल अपने नागरिकों को वहां से बाहर निकाल रहे थे, वहीं हज़ारों हताश अफ़ग़ानी उनसे अपनी जान बचाने की भीख मांग रहे थे.
उसी दौरान काबुल एयरपोर्ट पर हुए एक आत्मघाती हमले में कम से कम 182 लोगों की मौत हो गई.
जनरल मैकेंज़ी ने सशस्त्र सेवा समिति को बताया कि दोहा समझौते का अफ़ग़ान सरकार पर असरकारी मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ा क्योंकि "इसने हर तरह की मदद मिलना बंद हो जाने की तारीख़ तय कर दी."
उन्होंने कहा कि वो "लंबे समय से" मानते थे कि यदि अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान में अपने सैनिकों की संख्या 2,500 से कम कर दी तो अफ़ग़ान सरकार और सेना ज़रूर गिर जाएगी.
जनरल मैकेंज़ी ने कहा कि अप्रैल में नए राष्ट्रपति बाइडन द्वारा वहां मौजूद सैनिकों की संख्या में कटौती का आदेश दोहा समझौते के बाद "ताबूत में दूसरी कील" था.
वहीं रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा कि दोहा समझौते के तहत तालिबान के ख़िलाफ़ हवाई हमले बंद करने को लेकर अमेरिका के प्रतिबद्ध होने से तालिबान और "मज़बूत हो गए. उन्होंने अफ़ग़ान सुरक्षा बलों पर अपने हमले बढ़ा दिए जिससे मरने वाले लोगों की संख्या काफ़ी बढ़ गई.".
सीनेट की समिति ने मंगलवार को जांच की
इससे पहले रक्षा अधिकारियों ने मंगलवार को सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति से बात की थी. वहां जनरल मिले और जनरल मैकेंज़ी ने कहा कि अगस्त में अमेरिकी सैनिकों की पूर्ण वापसी की बजाय उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में 2,500 सैनिकों को बनाए रखने की सिफ़ारिश की थी.
जनरल मिले ने ये भी कहा कि अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान के क़ब्ज़े के बाद अमेरिका को आतंकवादी हमलों से बचाना कठिन हो जाएगा क्योंकि तालिबान ने "अभी भी अल-क़ायदा से अपने संबंध नहीं तोड़े हैं".
बुधवार को बीबीसी से बात करते हुए तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि हमने "दुनिया को गारंटी दी है कि हमारी धरती से अमेरिका सहित किसी भी देश को कोई ख़तरा नहीं होगा".
उन्होंने कहा, "हम अफ़ग़ानिस्तान और अमेरिका के बीच दोहा में हुए समझौते के प्रति प्रतिबद्ध हैं. हम ये भी चाहते हैं कि अमेरिका और उनके सहयोगी भी इसे लेकर प्रतिबद्ध हों. नकारात्मक टिप्पणी करने की बजाय उनके लिए बेहतर होगा कि कूटनीति और सहयोग का रास्ता चुनें."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
-
Delhi NCR Weather Today: दिल्ली-NCR में होगी झमाझम बारिश, दिन में छाएगा अंधेरा, गिरेगा तापमान -
युद्ध के बीच ईरान ने ट्रंप को भेजा ‘बेशकीमती तोहफा’, आखिर क्या है यह रहस्यमयी गिफ्ट -
Gold Silver Price: सोना 13% डाउन, चांदी 20% लुढ़की, मार्केट का हाल देख निवेशक परेशान -
Ram Navami Kya Band-Khula: UP में दो दिन की छुट्टी-4 दिन का लंबा वीकेंड? स्कूल-बैंक समेत क्या बंद-क्या खुला? -
इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा पंचतत्व में विलीन, पिता का भावुक संदेश और आखिरी Video देख नहीं रुकेंगे आंसू -
'मुझे 10 बार गलत जगह पर टच किया', Monalisa ने सनोज मिश्रा का खोला कच्चा-चिट्ठा, बोलीं-वो मेरी मौत चाहता है -
Petrol-Diesel Shortage: क्या भारत में पेट्रोल-डीजल समेत ईंधन की कमी है? IndianOil ने बताया चौंकाने वाला सच -
कौन हैं ये असम की नेता? जिनके नाम पर हैं 37 बैंक अकाउंट, 32 गाड़ियां, कुल संपत्ति की कीमत कर देगी हैरान -
Iran Vs America: ईरान ने ठुकराया पाकिस्तान का ऑफर, भारत का नाम लेकर दिखाया ऐसा आईना, शहबाज की हुई फजीहत -
LPG Crisis: एलपीजी संकट के बीच सरकार का सख्त फैसला, होटल-रेस्टोरेंट पर नया नियम लागू -
Trump Florida defeat: ईरान से जंग ट्रंप को पड़ी भारी, जिस सीट पर खुद वोट डाला, वहीं मिली सबसे करारी हार -
Who is Aryaman Birla Wife: RCB के नए चेयरमैन आर्यमन बिड़ला की पत्नी कौन है? Virat Kohli की टीम के बने बॉस












Click it and Unblock the Notifications