अमेरिकी सीक्रेट चुरा-चुराकर 'धनवान' बना है चीन, पहली बार शी जिनपिंग के जासूस को मिली सजा
अमेरिकी विमानन सेक्टर और व्यापार से जुड़ी गोपनीय जानकारियों को चुराने के आरोप में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चायना के जासूस को दोषी ठहराया गया है।
वॉशिंगटन, नवंबर 06: चीन की कंपनियों से लेकर चीन की सरकार पर लगातार जासूसी के आरोप लगते रहे हैं। आरोप लगते रहे हैं कि, चीन की कंपनियों ने अमेरिका से इतने ज्यादा टेक्नोलॉजी की चोरी की, कि वो टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अमेरिका को टक्कर देने लगा। लेकिन, पहली बार एक चीनी जासूसी को जासूसी के आरोप में दोषी ठहराया गया है। अमेरिका में एक चीनी जासूस को अमेरिकी विमान कंपनियों के व्यापारिक सीक्रेट चुराने के आरोप में दोषी ठहराया गया है।

दोषी ठहराया गया चीनी जासूस
अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने चीन के रक्षा मंत्रालय के एक जासूस को अमेरिकी विमानन और एयरोस्पेस कंपनियों से जुड़े कई व्यापारिक सीक्रेट को चुराने की साजिश रचने का दोषी ठहराया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुकदमे के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रत्यर्पित किए गए पहले चीनी ऑपरेटिव यानजुन जू को ट्रेड सीक्रेट चोरी करने की साजिश रचने की कई कोशिशों के अलावा व्यापार की आड़ में कई तरह के और व्यापारिक सीक्रेट की चोरी करने और जासूसी करने के आरोप में दोषी ठहराया गया है। अमेरिका की जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, चायनीज चोर यांजुन को दोषी ठहरा दिया गया है और आगे सजा का ऐलान किया जाएगा।

60 साल की हो सकती है जेल
अमेरिका की जस्टिस डिपार्टमेंट ने कहा है कि, चायनीज चोर यांजुन को 60 साल तक की जेल की सजा हो सकती है, इसके अलावा उसके ऊपर 50 लाख डॉलर का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जस्टिस डिपार्टमेंट ने कहा है कि, आरोपी को संघीय जिला अदालत के न्यायाधीश ने दोषी ठहराया है। वहीं, एफबीआई के सहायक निदेशक एलन कोहलर जूनियर ने कहा कि, एफबीआई दर्जनों अमेरिकी एजेंसियों के साथ काम कर रहा है ताकि पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना जो ऑपरेशंस चला रहा है, उसका मुकाबला किया जा सके और इसके लिए हम सूचनाओं और संसाधनों को आपस में साझा कर रहे हैं।

अमेरिका को 'जगाने' वाला मामला
आपको बता दें कि, 2013 में चीनी रक्षा मंत्रालय के अधिकारी यांजुन पर चीन की ओर से आर्थिक जासूसी करने और व्यापार रहस्य चुराने के लिए कई उपनामों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था। प्रेस रिलीज में कहा गया है कि, जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी की एक इकाई जीई एविएशन सहित कई अमेरिकी विमानन और एयरोस्पेस कंपनियां चीनी जासूस के निशाने पर थीं। एफबीआई ने कहा कि, "उन लोगों के लिए जो पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चायना के वास्तविक लक्ष्यों पर संदेह करते हैं, यह एक वेक-अप कॉल होना चाहिए। वे अपनी अर्थव्यवस्था और सेना को लाभ पहुंचाने के लिए अमेरिकी तकनीक की चोरी कर रहे हैं।"
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