अमेरिका का बड़ा सिलिकॉन वैली बैंक क्रैश, दिवालिया घोषित, 2008 जैसी आर्थिक संकट में फंसेगी दुनिया?
Silicon Valley Bank Crisis: सिलिकॉन वैली बैंक बंद होने का असर पूरी दुनिया पर पड़ा है और भारतीय बाजार भी शुक्रवार को लाल निशान पर बंद हुए हैं।

Silicon Valley Bank Crisis: अमेरिका के बड़े बैंक सिलिकॉन वैली के दिवालिया होने के बाद पूरी दुनिया के सामने 2008 का 'द ग्रेट डिप्रेशन' मंडराने लगा है, जब एक के बाद एक कई अमेरिकी बैंक क्रैश करने लगे थे और पूरी दुनिया बड़े आर्थिक मंदी में फंस गई थी। अमेरिका का प्रतिष्ठित और बड़ा सिलिकॉन वैली बैंक दिवालिया हो गया है और इसके रेग्यूलेटर्स ने बैंक को शटडाउन कर दिया है। अमेरकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिलिकॉन वैली बैंक को शटडाउन करने के बाद इसकी संपत्ति को फ्रीज कर दिया गया है।
सिलिकॉन वैली बैंक दिवालिया घोषित
स्टार्टअप्स के लिए भारी-भरकम लोन देने वाली अमेरिका की सिलिकॉन वैली बैंक, जिसे SVB फाइनेंशियल ग्रुप भी कहा जाता है, वो शुक्रवार को भारी वित्तीय संकट में फंस गया था और फिर दिवालिया हो गया। सिलिकॉन वैली बैंक के अचानक क्रैश करने के बाद पूरी दुनिया के बाजार में सनसनी फैल गई है और वैश्विक बाजार में कई तरह के ट्रांजेक्शन रूक गये हैं। वहीं, बैंक से संबंधिक दर्जनों कंपनियों और निवेशकों के अरबों डॉलर फंस गये हैं, जिससे तहलका मचा हुआ है। यूएस मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि कैलिफोर्निया के बैंकिंग नियामकों ने शुक्रवार को बैंक को बंद कर दिया है और फेडरल डिपाजिट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (FDIC) की तरफ से इसकी जानकारी भी सार्वजनिक कर दी गई है। वहीं, फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (FDIC) को बैंक का रिसीवर नियुक्त किया गया है। वहीं, दुनियाभर के निवेशकों में डर है, कि कहीं अमेरिका 2008 जैसे वित्तीय संकट में ना फंस जाए, क्योंकि उस वक्त भी बैंकों के डूबने के बाद ही दुनिया आर्थिक संकट के भंवर में फंस गई थी।
बैंक बंद होने का असर क्या होगा?
FDIC ने कहा है, कि सिलिकॉन वैली बैंक का मुख्य कार्यालय और सभी शाखाएं 13 मार्च को फिर से खुलेंगी और सभी बीमित जमाकर्ताओं को सोमवार सुबह तक अपनी बीमाकृत जमा राशि तक पूरी पहुंच होगी। लेकिन FDIC ने ये भी कहा है, कि 2022 के अंत तक बैंक के 175 अरब डॉलर के डिपॉजिट में से 89% का बीमा नहीं किया गया है और उन बीमाओं का क्या होगा, इसका फैसला बाद में किया जाएगा। वहीं, वीडियो गेम बनाने वाली कंपनी Roblox Corp RBLX.N और स्ट्रीमिंग डिवाइस बनाने वाली कंपनी Roku Inc (ROKU.O) ने कहा है, कि उनके पास बैंक में करोड़ों जमा हैं। आरोकू ने कहा, कि बैंक में उसने जो भी राशि जमा करा रखा था, उनका इंश्योरेंस नहीं हुआ था, जिसकी वजह से कंपनी के शेयर 10 प्रतिशत से ज्यादा गिर गये हैं।
कर्मचारियों के चेक भी फंसे
रिपोर्ट के मुताबिक, कई अलग अलग कंपनियों के कर्मचारियों के चेक भी, जो बैंक में जमा किए गये थे और जिनकी निकासी बैंक में जमा पैसों पर निर्भर थी, वो भी फंस गये हैं। लिहाजा, हजारों कर्मचारियों में उनके चेक्स को लेकर बेचैनी है। वहीं, सैन फ्रांसिस्को में बैंक की एक शाखा ने ग्राहकों को टोल-फ्री टेलीफोन नंबर पर कॉल करने के लिए दरवाजे पर टेप लगाकर एक नोट चिपकाया है। वहीं, FDIC ने कहा है, कि वह SVB की संपत्तियों को बेचने की कोशिश करेगा और उससे जो रकम मिलेगा, उससे उन राशियों का बीमा किया जाएगा, जिनका अभी तक बीमा नहीं हुआ है। आपको बता दें, कि अतीत में FDIC ने ऐसे मामलों में काफी तेजी से काम किया है और महज एक से दो हफ्तों के अंदर मामलों का निपटान कर दिया है।
भारत पर बैंक होने का असर क्या हुआ?
Recommended Video

सिलिकॉन वैली बैंक बंद होने का असर अमेरिका के साथ साथ दुनियाभर के बाजारों पर हुआ है और भारतीय बाजार भी असर से अछूते नहीं हैं। बैंक के दिवालिया होने की खबर आने के बाद बैंकिंग सेक्टर के बेंचमार्क स्टॉक इंडेक्श में 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार लाल निशान के साथ बंद हुए हैं। माना जा रहा है, कि अगले कुछ दिनों तक अमेरिका के साथ साथ दुनियाभर के बाजारों में खराब सेंटिंमेंट बना रह सकता है और बाजारों में उथलपुथल मची रहेगी। हालांकि, कई एक्सपर्ट्स 2008 जैसे आर्थिक मंदी में दुनिया के फंसने की बात से भी इनकार नहीं कर रहे हैं। वहीं, Cato Digital के सीईओ डीन नेल्सन ने कहा है, कि वह कंपनी के कर्मचारियों को भुगतान करने और खर्चों को कवर करने की क्षमता के बारे में चिंतित हैं। उन्होंने कहा, कि "कैश तक पहुंच पाना सबसे बड़ी समस्या बन गई है और यदि आप एक स्टार्टअप हैं, तो आपके लिए कैश इज किंग होता है। स्टार्टअप चलाने के लिए कैशफ्लो होना सबसे ज्यादा जरूरी है, लिहाजा आने वाला वक्त चिंतित करने वाला हो सकता है।"
सिलिकॉन वैली बैंक क्यों हुआ बंद?
आपको बता दें, कि सिलिकॉन वैली बैंक, अमेरिका का 16वां सबसे बड़ा बैंक है, लिहाजा इसका असर पूरी दुनिया के बाजारों पर पड़ा है। इस बैंक के पास 210 अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति है और कई अमेरिकी शहरों में सिलिकॉन वैली बैंक के ब्रांचेज हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है, कि मुद्रास्फीति से निपटने के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने लगातार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है, जिसके बाद कई बैंकों के स्वास्थ्य में गिरावट आई है और सिलिकॉन वैली बैंक, जो स्टार्ट्सअप के लिए लोन बांटने का काम करती थी, वो क्रैश कर गया। सिलिकॉन वैली बैंक का करीब 44 फीसदी कारोबार नये वेंचर्स, टेक कंपनियों के साथ है, जिनमें हेल्थकेयर कंपनियां भी शामिल हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व पिछले कई महीनों से ब्याज दरों को बढ़ाता जा रहा है, जिसकी वजह से इन सभी सेक्टर्स पर गंभीर असर पड़ा है। निवेशकों ने इन सेक्टर्स में निवेश करना काफी कम कर दिया है, जिसकी मार सिलिकॉन वैली बैंक नहीं सह पाया। जिन कंपनियों ने सिलिकॉन वैली बैंक से कर्ज लिया था, वो कर्ज चुकाने में नाकाम हो गईं और नतीजा ये हुआ, कि सिलिकॉन वैली बैंक ही दिवालिया हो गया।












Click it and Unblock the Notifications