गाजा में फौरन युद्धविराम पर अमेरिका और अरब देशों की वार्ता नाकाम, इजराइली हमले में करीब 10 हजार की मौत
Israel-Hamas War: संयुक्त राज्य अमेरिका और अरब साझेदार के बीच शनिवार को गाजा पट्टी में तत्काल युद्धविराम की आवश्यकता पर सहमत नहीं बन पाई, क्योंकि इजरायली सैन्य हमलों में संयुक्त राष्ट्र आश्रय और एक अस्पताल में कई नागरिकों की मौत हो गई है और इजरायल ने कहा है, कि गाजा पट्टी पर नियंत्रण रखने वाले हमास के साथ उसका मुठभेड़ अभी भी जारी है।
इजराइल की सेना ने कहा है, कि उसने गाजा शहर को घेर रखा है और हमास को पूरी तरह से कुचल देना ही उसका प्रारंभिक लक्ष्य है। वहीं, इजराइल और हमास के बीच चल रहे मुठभेड़ के बीच गाजा पट्टी से बड़े-बड़े धुएं के गुबार उठ रहे हैं।

गाजा के हमास नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है, कि करीब एक महीने के युद्ध में 9,400 से ज्यादा फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए हैं। वहीं, मरने वालों की संख्या में और इजाफा होने की पूरी आशंका है।
जबकि, इजराइल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने कहा, कि "कोई भी, जो गाजा सिटी में है, वो अपनी जान जोखिम में डाल रहा है।" वहीं, इजराइल में प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बातचीत के एक दिन बाद विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने जॉर्डन में अरब विदेश मंत्रियों से मुलाकात की, जिन्होंने जोर देकर कहा, कि जब तक हमास द्वारा बंधक बनाए गए सभी बंधकों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक कोई अस्थायी युद्धविराम नहीं हो सकता।
युद्धविराम पर नहीं बनी बात
जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफ़ादी ने कहा, कि अरब देश तत्काल युद्धविराम चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, कि "पूरा क्षेत्र नफरत के समुद्र में डूब रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रभावित करेगा।"
हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा, कि "अब हमारा विचार है, कि संघर्ष विराम से हमास अपनी जगह पर ही रहेगा, वह फिर से संगठित होने और 7 अक्टूबर को जो किया उसे दोहराने के लिए फिर से पनप जाएगा।"
उन्होंने कहा, कि नागरिकों की रक्षा करने, सहायता प्राप्त करने और विदेशी नागरिकों को बाहर निकालने में मानवीय रुकावटें महत्वपूर्ण हो सकती हैं, लेकिन "इजराइल अभी भी अपने उद्देश्य, हमास की हार को प्राप्त करने में सक्षम है।"
रविवार को डेलावेयर में चर्च से निकलते वक्त जो बाइडेन ने पत्रकारों के इस सवाल पर, कि क्या इजराइल को मानवीय स्थिति को देखते हुए युद्ध विराम के लिए तैयार होना चाहिए, उन्होंने हां में जवाब दिया, हालांकि उन्होंने विस्तार से इसपर बात नहीं की।

जबकि, हमास के वरिष्ठ अधिकारी ओसामा हमदान ने बेरूत में संवाददाताओं से कहा, कि एंटनी ब्लिंकन को "आक्रामकता रोकनी चाहिए और ऐसे विचारों के साथ नहीं आना चाहिए, जिन्हें लागू नहीं किया जा सकता है।" वहीं, हमास के सैन्य शाखा के प्रवक्ता, जो अबू ओबैदा के समर्थक हैं, उन्होंने एक बयान में कहा, कि लड़ाकों ने पिछले दो दिनों में 24 इजरायली वाहनों को नष्ट कर दिया है और इजराइली सैनिकों को हताहत किया है।
इस बीच मिस्र के अधिकारियों ने कहा, कि वे और कतर हर दिन 6 से 12 घंटे गाजा में मानवीय सहायता भेजने की कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए प्रस्ताव कर रहे हैं, ताकि गाजा पट्टी से घायलों और जरूरतमंदों को बाहर निकाला जा सके।
मिस्र के अधिकारियों ने हमास के उस शर्त को आगे बढ़ाया, जिसमें इजराइल से बंधकों के बदले कैदियों को रिहा करने की मांग की गई है। मिस्र ने कहा है, कि बंधकों के बदले इजराइल को कुछ बुजुर्ग और महिला कैदियों को रिहा करना चाहिए। हालांकि, इजराइल के इस शर्त को मानने की कोई संभावना नहीं है।
जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफ़ादी ने कहा, कि अरब देश तत्काल युद्धविराम चाहते हैं। उन्होंने कहा, कि "पूरा क्षेत्र नफरत के समुद्र में डूब रहा है जो आने वाली पीढ़ियों को परिभाषित करेगा।"
इजराइल की मांग क्या है?
इजराइल ने बार-बार कहा है, कि उत्तरी गाजा में रहने वाले 11 लाख लोग दक्षिणी गाजा की तरफ चले जाएं, क्योंकि वो हमास के खिलाफ जमीनी ऑपरेशन तेज करेगा। शनिवार को इजराइल ने 3 घंटे की मोहलत भी दी थी, हालांकि, एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट है, कि उस तीन घंटे में उत्तरी गाजा से एक भी नागरिक निकलकर दक्षिण की तरफ नहीं गये।
गाजा में सरकारी मीडिया कार्यालय के प्रमुख सलामा मारौफ ने कहा, कि कोई भी दक्षिण की ओर नहीं गया क्योंकि इजरायली सेना ने सड़क को क्षतिग्रस्त कर दिया है। लेकिन, इजराइल ने दावा किया, कि हमास ने दक्षिण की ओर जाने वाले लोगों को रोकने के लिए हमास ने नागरिकों पर हमला किया, ताकि लोग दक्षिण की तरफ नहीं जाएं।
कुछ फिलिस्तीनियों ने कहा, कि वे इसलिए नहीं भागे, क्योंकि उन्हें इजरायली बमबारी का डर था। सुरक्षा की मांग कर रहे हजारों फिलिस्तीनियों में से एक, अल-शिफा अस्पताल के मैदान में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ शरण लेने वाले मोहम्मद अबेद ने कहा, "हमें उन पर भरोसा नहीं है।"
हवाई हमलों से गाजा तबाह
हवाई हमलों में उत्तरी गाजा में कई रिहायशी इलाकों को तबाह कर दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र मॉनिटरों का कहना है, कि उत्तरी गाजा के आधे से ज्यादा, करीब 3 लाख नागरिक संयुक्त राष्ट्र के राहत शिविरों में आश्रय ले रहे हैं। लेकिन, घातक इजराइली हमलों ने भी बार-बार उन आश्रयों को निशाना बनाया और उन्हें क्षतिग्रस्त किया है। फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने कहा है, कि उसका उत्तर में कई लोगों से संपर्क टूट गया है।
संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के मुताबिक, शनिवार को गाजा सिटी के ठीक उत्तर में हजारों लोगों को शरण देने वाले संयुक्त राष्ट्र स्कूल पर दो हमले हुए, जिसमें स्कूल के परिसर में तंबू में रहने वाले कई लोगों और इमारत के अंदर रोटी पका रही महिलाओं की मौत हो गई।
प्रवक्ता जूलियट टौमा ने कहा, कि प्रारंभिक रिपोर्टों से संकेत मिलता है, कि 20 लोग मारे गए। गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, कि स्कूल में 15 लोग मारे गए और 70 अन्य घायल हो गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता मेधात अब्बास के मुताबिक, शनिवार को भी गाजा शहर में अल-नासिर अस्पताल के गेट पर हुए हमले में दो लोग मारे गए। फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट ने कहा, कि गाजा शहर में अल-कुद्स अस्पताल के आपातकालीन वार्ड के प्रवेश द्वार के पास एक हमला हुआ, जिसमें कम से कम 21 लोग घायल हो गए। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गाजा में स्वास्थ्य देखभाल पर हमलों को "अस्वीकार्य" कहा है।












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