अमेरिका में 9/11 हमले में मारे गये पीड़ितों की 22 साल बाद हुई पहचान, जानें कैसे एडवांस DNA ने बताए नाम
9/11 Attacks In US News: अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए आतंकी हमले, जो 9/11 आतंकी हमले के नाम से जाना जाता है, उस हमले में मारे गये दो पीड़ितों की पहचान 22 सालों के बाद की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका पर 11 सितंबर के आतंकवादी हमलों के 22 साल बाद पीड़ितों की पहचान की गई है।
रिपोर्ट में बताया गया है, कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ढहने में मारे गए दो लोगों के अवशेषों की पहचान एडवांस डीएनए विश्लेषण के माध्यम से की गई है। अधिकारियों ने कहा, कि दोनों पीड़ितों के परिवार के उनकी पहचान गुप्त रखने के अनुरोध के बाद दोनों पीड़ितों की पहचान को सीक्रेट रखा गया है।

नेक्स्ट जेनरेशेन डीएनए टेस्टिंग
न्यूयॉर्क शहर के मेयर और मुख्य चिकित्सा परीक्षक (ओसीएमई) के कार्यालय ने बताया, कि दो नये पीड़ितों का नंबर 1648 और 1649 है, जिनके अवशेषों का डीएनए टेस्ट कर उनकी पहचान की गई है। लिहाजा, अमेरिका पर किए गये हमले में मारे गये कुल लोगों की संख्या बढ़कर अब 2753 हो गई है।
डॉक्टर के मुताबित, अवशेषों की पहचान के लिए नेक्स्ट जेनरेशन की सिक्वेंसिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया था, जो नॉर्मल डीएनएन टेस्ट की तुलना में काफी अपग्रेड और तेज होता है। इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अमेरिकी सेना में सैनिकों के अवशेषों की पहचान करने के लिए किया जाता है।
शुक्रवार देर रात जारी एक बयान के अनुसार, मेयर एरिक एडम्स ने कहा, कि "हमें उम्मीद है कि ये नई पहचान इन पीड़ितों के परिवारों को कुछ हद तक आराम पहुंचा सकती हैं, और मुख्य चिकित्सा परीक्षक के कार्यालय द्वारा चल रहे प्रयास, सभी वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पीड़ितों को उनके प्रियजनों के साथ फिर से मिलाने के लिए शहर की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।"

हजार से ज्यादा अवशेष अभी भी बाकी
आपको बता दें, कि अभी भी 1104 अवशेषों की पहचान होना बाकी है और इनकी टेस्टिंग दर काफी धीमी है। इससे पहले आखिरी अवशेष की पहचान साल 2021 में की गई थी।
आपको बता दें, कि अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर ये आतंकवादी हमला सऊदी अरब के रहने वाले आतंकवादी ओसामा बिन लादेन और उसके संगठन अलकायदा ने की थी, जिसमें वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का दक्षिणी टावर, और फिर उसका उत्तरी टावर से हवाई जहाज को टकराया गया था।
इस हमले में एक गगनभेदी गर्जना के साथ दोनों टावर ढह गया था, मैनहट्टन की सड़कों पर आग की बाढ़ आ गई थी। दोनों टावर में हवाई जहाज के अत्यधिक संवेदनशील पेट्रोल की वजह से आग लग गई, जिससे टावर में लगे लोग और स्टील पिघल गये और शवों के हालात ऐसे हो गये, जिनकी पहचान के लिए कोई निशान नहीं मिला और हजार से ज्यादा लोगों के अवशेषों की पहचान अभी तक नहीं की जा सकी है।
इस बार जिन दो पीड़ितों की पहचान की गई है, उनमें एक महिला और एक पुरूष हैं।
आपको बता दें, कि 2001 में किए गये इस हमले के बाद से मारे गये पीड़ितों की याद में यूयॉर्क में हर साल 11 सितंबर को श्रद्धांजलि दिवस मनाया जाता है और आज एक बार फिर से पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी जा रही है।
इस हमले में शामिल 19 आतंकवादियों में से ज्यादातर सउदी अरब के रहने वाले थे, जिन्होंने चार विमानों का अपहरण कर लिया था।

आतंकवादियों ने दो विमानों को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दो अलग-अलग टावरों से टकरा दिया था, जबकि तीसरा विमान वॉशिंगटन के पास पेंटागन से टकराया गया था, जो अमेरिका का रक्षा मंत्रालय है। लेकिन, चौथे विमान के अंदर आतंकवादियों से विमान का क्रू मेंबर्स और सवार पैसेंजर भिड़ गये थे, लिहाजा उस विमान को किसी मंजिल से टकराने से अंदर के पैसेंजर्स ने रोक दिया था और वो चौथा विमान शैंक्सविले, पेंसिल्वेनिया के एक मैदान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
कुल मिलाकर उस दिन के आतंकवादी हमलों में 2,977 लोगों की जान चली गई, जिसके बाद ही अमेरिका ने पहली बार अमेरिका ने भारत के आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का समर्थन किया था और फिर अमेरिका ने अफगानिस्तान पर हमला किया था। वहीं, बाद में ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में मारा गया गया था।












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