तालिबान से हार के बाद अमेरिकी राजनीति में भूचाल, 87 रिटायर्ट जनरलों ने मांगा रक्षा मंत्री का इस्तीफा
87 पूर्व सैन्य अधिकारियों ने ओपन लेटर लिखकर कहा है कि रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह से नाकाम रहे हैं और उन्हें नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
वॉशिंगटन, अगस्त 31: अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना 'हार कर' देश से बाहर चली गई है। तालिबान ने अमेरिका को 31 अगस्त तक देश छोड़ने के लिए कहा था, लेकिन एक दिन पहले ही अमेरिका ने अफगानिस्तान खाली कर दिया और काबुल एयरपोर्ट से आखिरी अमेरिकी विमान उड़ते ही तालिबान ने आजादी की घोषणा कर दी। लेकिन, अमेरिका के अंदर अफगानिस्तान के अंदर मिली इस हार से लोग भारी गुस्से में हैं। पूर्व रक्षा अधिकारियों ने अमेरिकी रक्षा मंत्री और अधिकारियों को फौरन अपना पद छोड़ने के लिए कहा है।

अमेरिकन राजनीति में भूचाल
अफगानिस्तान में संकट से निपटने में जो बाइडेन प्रशासन की नाकामयाबी ने अमेरिका को हिला कर रख दिया है और अमेरिका के दर्जनों रिटायर्ट सेनाअधिकारी, जनरलों और एडमिरल्स से बाइडेन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बाइडेन सरकार की जमकर आलोचना की जा ही है और अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल मार्क मिले से इस्तीफा देने की मांग की जा रही है। पूर्व रक्षा अधिकारियों का कहना है कि बाइडेन सरकार के मौजूदा अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुए हैं और उन्हें अपने पदों पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। अमेरिकी सेना ने सोमवार को अफगानिस्तान में अपने दो दशक लंबे मिशन को समाप्त कर दिया है।

रक्षा मंत्री से इस्तीफा देने की मांग
अमेरिका के दर्जनों पूरे सैन्य अधिकारियों ने एक ओपन लेटर लिखा है और कहा कि 'अफगानिस्तान से अमेरिका की इस खतरनाक वापसी के लिए अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और मार्क मिले जिम्मेदार हैं और इन दोनों को अपने पदों पर रहने का कोई हक नहीं है'। अमेरिका के पूर्व अधिकारियों ने कहा कि 'रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और मार्क मिले को नैतिकता के आधार पर अंतर्रात्मा की आवाज को सुनते हुए फौरन अपना पद छोड़ देना चाहिए'। अमेरिकी पूर्व सैन्य अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि ''अमेरिकी मिशन का अंत एक अराजक और खूनी वापसी के साथ हुआ है, जिसमें सैकड़ों अमेरिकी नागरिक और हजारों ऐसे अफनानी नागरिक फंसे हुए थे, जिन्होंने पिछले 20 सालों से अमेरिका का साथ दिया था, लेकिन सरकार ने उन्हें बेबस छोड़ दिया''।

बाइडेन सरकार के खिलाफ गुस्सा
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, बाइडेन सरकार के खिलाफ ओपन लेटर कई पूर्व रक्षा अधिकारियों ने लिखा है और ज्यादातर ऐसे अधिकारी हैं जो अफगानिस्तान युद्ध में अपनी भूमिका निभा चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, "इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले पूर्व अधिकारियों ने फ्लैग ऑफिसर रक्षा सचिव (एसईसीडीईएफ) और संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ (सीजेसीएस) के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और उन्हें अफगानिस्तान से अमेरिका की नविनाशकारी वापसी के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। रिटायर्ट अधिकारियों ने कहा है कि बाइडेन सरकार के रक्षा अधिकारियों ने अपने काम में भारी लापरवाही दिखाई है, लिहाजा इन्हें फौरन पद से बर्खास्त करना चाहिए। बाइडेन सरकार के खिलाफ इस ओपन लेटर में 87 पूर्व अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने साइन किए हैं।

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने क्या कहा?
अमेरिका के रक्षा मंत्री ने अफगानिस्तान से आखिरी अमेरिकी विमान उड़ने के बाद एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं और उन्होंने कहा कि ''आज हमने अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों और सेना को बाहर निकालने का काम पूरा कर लिया है। मुझे गहरा दुख है कि इस ऐतिहासिक निकासी के दौरान हमने अपने 13 लोगों को खो दिया और क्रूर आतंकवादियों द्वारा कई बेगुनाह लोग मारे गये।'' उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि ''इस ऑपरेशन का अंत अमेरिका के सबसे लंबे युद्ध के के खत्म होने का संकेत दे रहा है''। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि ''पिछले 20 सालों में अफगानिस्तान मिशन के दौरान अमेरिका को काफी नुकसान हुआ है और अब अमेरिकी सैनिकों की जान ना जाए, इसके लिए सबसे बेहतर तरीका अफगानिस्तान मिशन को खत्म करना था।'' अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने काबुल से लोगों को निकालने के इस रेस्क्यू मिशन को इतिहास का सबसे बड़ा एयरलिफ्ट करार दिया है और कहा है कि अमेरिकी सैनिकों के साथ साथ अमेरिकी सैनिकों की मदद करने वाले अफगानों को मिलाकर पिछले दो हफ्तों में करीब एक लाख 20 हजार लोगों को अफगानिस्तान से बाहर निकाला गया है।

तालिबान की प्रतिक्रिया
आपको बता दें कि अमेरिकी सैनिकों के लेकर जैसे ही आखिरी प्लेन ने काबुल एयरपोर्प छोड़ा, ठीक वैसे ही तालिबान ने पूरे एयरपोर्ट को अपने कब्जे में ले लिया और पूरे रनवे पर तालिबान के लड़ाकों ने दौर लगाते हुए अपनी जीत का ऐलान करना शुरू कर दिया। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने इस मौके पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि 'अब दुनिया को अफगानिस्तान को देखते हुए सबक सीखना चाहिए'। तालिबान के लड़ाकों ने अपने मोबाइल फोन से अमेरिकी अधिकारियों के निकलने का वीडियो भी बनाया है। जो अब पूरी दुनिया में वायरल हो रहा है।












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