पीएम मोदी ने चीन को धोया, जयशंकर के निशाने पर होगा पाकिस्तान, UNSC में भारत की 'अगस्त क्रांति'

पीएम मोदी के बाद यूएनएससी की अगली मीटिंग की अध्यक्षता भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे, जहां पाकिस्तान को घेरने की कोशिश होगी।

नई दिल्ली, अगस्त 10: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर 18 और 19 अगस्त को आतंकवाद और शांति स्थापना पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के विशेष सत्रों की अध्यक्षता करेंगे। इसके लिए भारतीय विदेश मंत्री अगले सोमवार को न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो रहे हैं। भारत इस महीने के लिए यूएनएससी का अध्यक्ष है। इससे पहले सोमवार को पहली बार भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक का आयोजन किया गया था, जिसमें चीन पर भारत और सहयोगी सदस्य देशों ने जमकर हमला बोला और माना जा रहा है कि अगली बारी पाकिस्तान की होने वाली है।

अगली बारी पाकिस्तान की

अगली बारी पाकिस्तान की

संयुक्त राष्ट्र के डिप्लोमेट्स के मुताबिक, विश्व में शांति स्थापना पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर का सत्र एक नए आवेदन के माध्यम से शांति सैनिकों की सुरक्षा पर केंद्रित होगा। भारत का 1950 के दशक तक संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना का गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। जिसमें भारत के 1 लाख 95 हजार से ज्यादा सैनिकों ने अपना योगदान दिया है और किसी भी देश से सबसे बड़ी संख्या में हिंदुस्तानी सैनिकों ने हिस्सा लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक 1950 तक विश्व में चलने वाली 49 से ज्यादा मिशनों में भारत ने भाग लिया था और 168 भारतीय शांति सैनिकों ने मिशन की सेवा करते हुए अपनी जान गंवाई थी। भारत संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख मिशनों के लिए अपने सैनिकों को भी भेजता है।

अफगानिस्तान पर होगी बातचीत

अफगानिस्तान पर होगी बातचीत

रिपोर्ट के मुताबिक, यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल की अगली बैठक में आतंकवाद, तालिबान का उदय, पाकिस्तान में आतंकियों को मिलने वाली सुरक्षा पर खास तौर पर चर्चा होगी। लिहाजा, इस महीने पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर भारत पूरी तरह से बेनकाब करने की कोशिश करेगा। 1986 से भारत ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर एक व्यापक सम्मेलन का प्रस्ताव रखा है, लेकिन भारत के प्रस्तावों और दस्तावेजों को अपनाया नहीं गया है क्योंकि यूनाइटेड नेशंसक के सदस्य राज्यों के बीच आतंकवाद की परिभाषा पर सभी सदस्य राज्य एकमत नहीं हो पाते हैं।

दो बैठकों की अध्यक्षता करेंगे जयशंकर

दो बैठकों की अध्यक्षता करेंगे जयशंकर

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर दो बैठकों की अध्यक्षता करने के लिए 16 अगस्त को यूएनएससी के लिए रवाना होंगे। जिसके बाद वो फिर से भारत सिर्फ 2 दिनों के लिए वापस लौटेंगे और फिर वो लंबे समय से पेंडिंग द्विपक्षीय यात्राओं के लिए न्यूयॉर्क के रास्ते मैक्सिको, गुयाना और पनामा के लिए निकल जाएंगे। भारत का मानना है कि आतंकवाद उन सभी के खिलाफ है, जो संयुक्त राष्ट्र के सदस्य हैं और संयुक्त राष्ट्र के साथ खड़े हैं और भारत मानता है कि अपने राजनीति आकाओं के उद्यश्ये की पूर्ति के लिए निर्दोषों की जान ली जाती है और 1990 के दशक के बाद से भारत में, विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर में हजारों निर्दोषों को अपनी जान गंवाना पड़ा। वहीं, पाकिस्तान लगातार भारतीय क्षेत्र में आतंकवादियों को भेजता रहा। इसके अलावा, पश्चिम एशिया, यूरोप और अमेरिका के देश भी इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकवादी संगठन से प्रभावित रहे हैं।

पाकिस्तान को घेरने का सही मौका

पाकिस्तान को घेरने का सही मौका

आतंकवाद पर यूएनएससी की बैठक ऐसे समय बहोने वाली है, जब तालिबान के अति-रूढ़िवादी इस्लामवादी संगठन अफगानिस्तान में बेगुनाहों की जान ले रहे हैं और अफगानिस्तान की सत्ता को हथियाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि पाकिस्तान की सरकार प्रत्यक्ष तौर पर तालिबान का समर्थन कर रही है और इस सुन्नी पश्तून संगठन को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा से हथियार, ईंधन, भोजन, मेडिकल सामानों की सप्लाई की जा रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि अफगानिस्तान के मुद्दे पर पाकिस्तान को भारत पूरी दुनिया के सामने बेनकाब कर सकता है, लिहाजा पाकिस्तान ने भी अपनी बौखलाहट दिखानी शुरू कर दी है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+