अमेरिका सहित 9 देशों ने रोकी UNRWA की फंडिंग, हमास से नजदीकी का आरोप, अब 60 लाख फिलिस्तीनियों का क्या होगा?
UNRWA fund cuts: इजराइल-हमास जंग के बीच जारी जंग के बीच अमेरिका समेत 6 देशों ने संयुक्त राष्ट्र संघ यानी UN की एक एजेंसी की फंडिंग बंद कर दी है। फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी जिसे UNRWA भी कहा जाता है, इसकी फंडिंग में कटौती कर दी गई है।
इजराइल ने UNRWA नाम की संस्था के 12 कर्मचारियों पर हमास के आतंकियों के साथ मिलकर 7 अक्टूबर के हमले में शामिल होने का आरोप लगाया था। इसके बाद एजेंसी ने 12 में से 9 कर्माचरियों को बर्खास्त कर दिया।

UNRWA को गाजा में लगभग 20 लाख लोगों के लिए जीवन रेखा माना जाता है। इसकी स्थापना 1949 में उन हजारों फ़िलिस्तीनियों की सेवा के लिए की गई थी, जिन्हें यहूदी लड़ाकों ने उन क्षेत्रों से जातीय रूप से उनके घरों से निकाल दिया था, जो वर्तमान में इज़राइल का हिस्सा हैं।
संयुक्त राष्ट्र एजेंसी UNRWA इजराइली कब्जे वाले वेस्ट बैंक, पूर्वी येरुशलम और गाजा के साथ-साथ जॉर्डन, लेबनान और सीरिया में भी काम करती है। ऐसे में ये संस्थान लगभग 60 लाख लोगों से प्रत्यक्ष जुड़ी हुई है। ऐसे में संस्था ने गाजा में मानवीय आपदा के बीच कई पश्चिमी देशों द्वारा फंडिंग में कटौती पर हैरानी जताई है।
UNRWA के चीफ फिलिपे लजारिनी ने कहा कि एजेंसी की साख को बचाने के लिए सभी आरोपियों को बर्खास्त करने का फैसला किया गया। लेकिन पश्चिमी देशों द्वारा संयुक्त राष्ट्र फिलिस्तीनी शरणार्थी एजेंसी की फंडिंग रोकना एक सामूहिक सजा है। UNRWA चीफ फिलिप लेज़ारिनी ने कहा कि गाजा में "अकाल मंडरा रहा है"।
अब तक अमेरिका, ब्रिटेन, फिनलैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, इटली, जर्मनी, फिनलैंड और स्विटजरलैंड UNRWA को फंड देना बंद करने की घोषणा कर चुके हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2022 में UNRWA को 1.17 बिलियन डॉलर की फंडिंग की गई थी। अमेरिका के अलावा क्रमशः जर्मनी, ईयू, स्वीडन, नॉर्वे और जापान सबसे अधिक फंडिंग करने वाले देश हैं।
अमेरिका ने UNRWA को सबसे अधिक 344 मिलियन डॉलर की फंडिंग की थी। इसके बाद जर्मनी ने 202 मिलियन डॉलर, ईयू ने 114 मिलियन डॉलर, स्वीडन ने 60 मिलियन डॉलर, नॉर्वे ने 34 मिलियन डॉलर, जापान ने 30 मिलियन डॉलर की फंडिग की थी।
एजेंसी की फंडिंग बंद होने पर खुशी जताते हुए इजराइल के विदेश मंत्री इजरायल काट्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि गाजा के पुनर्निर्माण में यूएनआरडब्ल्यूए को सच में शांति और विकास के लिए समर्पित एजेंसियों से बदला जाना चाहिए।
UNRWA के पूर्व प्रवक्ता क्रिस गुनेस ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के पास गाजा में फिलीस्तीनी लोगों के जीवन को बचाने के लिए अब बस कुछ ही सप्ताह का धन बचा हुआ है। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर को इज़राइल द्वारा अपना आक्रमण शुरू करने के बाद से 26,000 से अधिक फ़िलिस्तीनी मारे गए हैं। ऐसे में अरब दुनिया, विशेषकर खाड़ी देशों के लिए मेरा संदेश है कि आप कहाँ हैं?
गुनेस ने कहा कि तेल सब्सिडी पर आप सभी हर दिन अरबों डॉलर कमा रहे हैं। उन तेल राजस्व के एक छोटे से हिस्से से UNRWA की वित्तीय समस्याएं रातोंरात गायब हो जाएंगी। गनेस ने अल जज़ीरा को बताया, "मिडिल ईस्ट के कुछ सबसे हताश लोग अब भुखमरी का सामना कर रहे हैं, वे अकाल का सामना कर रहे हैं, अब अरब राज्यों को आगे आने की जरूरत है।"












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