बम बनाने में माहिर, खुद को कहता है इंसाफ की तलवार, जानें कौन है सैफ अल-अदेल, जो बना अलकायदा का नया चीफ
पिछले साल अमेरिका ने काबुल में एक घर की बालकनी में टहल रहे अयमान अल जवाहिरी को अपने मिसाइल से मार गिराया था और उसके बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थीं, कि सैफ अल-अदेल अलकायदा का नया प्रमुख बन सकता है।

Saif al-Adel Al-Qaeda: अयमान अल जवाहिरी के पिछले साल अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मारे जाने के बाद अलकायदा ने अपना नया नेता चुन लिया है और मिस्र के पूर्व विशेष सुरक्षा बल के अधिकारी को अलकायदा का नया चीफ नियुक्त किया गया है। संयुक्त राष्ट्र ने इस हफ्ते पहचान करते हुए कहा है, कि अलकायदा का नया वास्तविक नेता सैफ अल-अदेल है, जिसके सिर पर एक करोड़ डॉलर का इनाम है। सैफ अल-अदेल एक मोस्ट वांटेड आतंकवादी है, जिसने अलकायदा के कई आतंकी ऑपरेशन को डिजाइन किया है।

सैफ अल-अदेल बना नया अलकायदा चीफ
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है, कि ईरान स्थित मिस्र के सैफ अल-अदेल जुलाई 2022 में अयमान अल-जवाहिरी की मौत के बाद अल-कायदा का प्रमुख बन गया है। अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के बाद कहा, कि "हमारा आकलन संयुक्त राष्ट्र के साथ ही मिलता है, कि अल-कायदा का नया वास्तविक नेता सैफ अल-अदेल है, जो ईरान में है।" अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा, कि 'जवाहिरी के मरने के ठीक बाद अल-अदेल अलकायदा का नया नेता बन गया था।' हालांकि, अफगानिस्तान में तालिबान के अधिकारियों की चिंताओं के बीच अल-कायदा ने उसे अभी तक औपचारिक रूप से प्रमुख घोषित नहीं किया है, लेकिन यूनाइटेड नेशंस के साथ साथ अमेरिका ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है, कि सैफ अल-अदेल ही नया अलकायदा प्रमुख बनाया गया है।

मोस्ट वांटेड आतंकी है सैफ
एफबीआई में दर्ज डिटेल्स के मुताबिक, सैफ अल-अदेल का जन्म 11 अप्रैल 1960 या 1963 में हुई है। जवाहिरी की तरह अदेल भी मिस्र का नागरिक है और अल जवाहिरी की तरह अल-अदेल भी इस्लामिक जिहाद का सदस्य था। ऐसा माना जाता है कि अल-अदेल बम बनाने में माहिर है। FBI ने अल-अदेल पर एक करोड़ डॉलर इनाम रखा है, जो तंजानिया और केन्या में अमेरिकी दूतावासों पर 1998 के बम विस्फोटों के लिए वांटेड है। इन हमलों में 224 लोग मारे गये थे और हजार से ज्यादा लोग बुरी तरह से घायल हुए थे। इसने मोगादिशू, सोमालिया में अमेरिकी हेलीकाप्टरों और सैनिकों के खिलाफ आतंकी हमलों को अंजाम देने वाले लड़ाकों को ट्रेनिंग भी दी है, जिसपर मशहूर फिल्म "ब्लैक हॉक डाउन" बनी है। इसके अलावा माना जाता है, कि सैफ अल-अदेल का हाथ अमेरिका में 9 /11 हमलों में भी सक्रिय तौर पर थी, जिसे ओसामा बिन लादेन और अयमान-अल जवाहिरी के नेतृत्व में अंजाम दिया गया था।

ओसामा और जवाहिरी का राइट हैंड
अमेरिकी मीडिया रिरोर्ट्स के मुताबिक, सैफ अल-अदेल, ओसामा-बिन-लादेन और अल-जवाहिरी का करीबी भी माना जाता है। अल-अदेल ने मिस्र के इस्लामिक जिहाद में शामिल होने से पहले आतंकवादी समूह मकतब अल-खिदामत में ओसामा और अल जवाहिरी से मुलाकात की थी। 2011 में ओसामा के मारे जाने के बाद सैफ अल-अदेल अलकायदा की रणनीति का खास हिस्सा बन गया। अल-अदेल को आतंकवादी समूह की कमान संभालने से रोकने वाला एकमात्र स्टिकिंग प्वाइंट ये है कि वह बीते 19 सालों से ईरान में ही फंसा हुआ बताया जाता है। अल-अदेल को उसकी क्रूरता और शातिर तरीके से आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए जाना जाता है।
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खुद को कहता है इंसाफ की तलवार
सैफ अल-अदेल के बारे में अब तक कम ही जानकारी बाहर आ पायी है। 1980 के दशक के अंत में वह आतंकवादी समूह मकतब अल-खिदामत में शामिल हो गया था। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलकायदा के इस नये चीफ की उम्र करीब 60 साल के आसपास है और वो काफी खतरनाक है। वह मिश्र की सेना का पूर्व अधिकारी रह चुका है, लिहाजा वो लड़ाई के दांवपेंच भी जानता है। आतंक की दुनिया का पुराना नाम सैफ अल-अदेल का असली नाम मोहम्मद सलाह अल-दीन जैदान बताया जाता है। इस नाम का असली अर्थ है स्वार्ड्स ऑफ जस्टिस। अपने नाम के अनुरूप वह खुद को इंसाफ की तलवार भी कहता है।

कई आतंकी वारदातों को दिया अंजाम
एफबीआई के मुताबिक 7 अगस्त 1998 को दार-अस-सलाम, तंजानिया और नैरोबी में अमेरीकी दूतावासों पर हुई बमबारी में वह शामिल था। इस आतंकी हमले में 224 लोग मारे गए थे जिसमें 12 अमेरिकी नागरिक भी थे। इसके अलावा इस हमले में 4,500 से अधिक लोग घायल भी हुए थे। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि अलकायदा की कमान संभालने की बाद सैफ अल-अदेल को निशाना बनाने की प्रक्रिया और तेज हो जाएगी। वहीं, समचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट में कहा गया है, कि सैफ अल-अदेल पाकिस्तान की यात्राएं करता रहा है।












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