पाकिस्तान में चर्च जलाए जाने पर भड़का संयुक्त अरब अमीरात, अल्पसंख्यकों को लेकर दी नसीहत
UAE condemns Pakistan: अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले अत्याचार, धर्म परिवर्तन और घिनौनी हरकतों को लेकर पाकिस्तान की अब मुस्लिम दुनिया में भी फजीहत होने लगी है और पहली बार संयुक्त अरब अमीरात ने चर्च जलाने को लेकर पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए नसीहत दी है।
दुनिया के किसी भी कोने में कुरान जलाने पर सबसे ज्यादा बिलबिलाने वाले पाकिस्तान में मंदिरों को खुलेआम तोड़ा जाता है, भगवानों का अपमान किया जाता है, चर्च जलाए जाते हैं, लेकिन पाकिस्तान की सरकार और देश की प्रशासन शुतुरमुर्ग की तरह रेत में सिर घुसाए रखता है। लेकिन, दोगलेपन में माहिर पाकिस्तान को अब जबाव देना होगा, कि उसके देश में अल्पसंख्यक 24 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत से नीचे कैसे आ गये।

पाकिस्तान को मुस्लिम दुनिया ने फटकारा
संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक प्रेस बयान में कहा है, कि संयुक्त अरब अमीरात ने पाकिस्तान में चरमपंथियों द्वारा कई चर्चों और दर्जनों घरों को जलाने की कड़ी निंदा की है, और साथ ही अल्पसंख्यकों के साथ की गई हिंसा की भी कड़ी निंदा की है।
संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा, कि "मानवीय और नैतिक मूल्यों और सिद्धांतों की सुरक्षा में हुआ उल्लंघन और स्थिरता को कमजोर करने के मकसद से किए गये सभी काम, सभी प्रथाओं की संयुक्त अरब अमीरात आलोचना करता है।"
UAE ने इस बात पर जोर दिया, कि घृणास्पद भाषण और उग्रवाद लोगों के बीच सहिष्णुता, सह-अस्तित्व और शांति के मूल्यों को फैलाने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का खंडन करते हैं।
इसके अलावा, यूएई ने पाकिस्तान को, हर किसी के धार्मिक प्रतीकों का सम्मान करने और उत्तेजना और ध्रुवीकरण से बचने की नसीहत दी है और कहा है, कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सहिष्णुता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सार्वभौमिक सिद्धांतों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता की पुष्टि करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।
पाकिस्तान में चर्चों पर हुए हैं हमले
आपको बता दें, कि इस सप्ताह की शुरुआत में, बुधवार को, पवित्र कुरान को अपवित्र करने के अफवाह पर एक भीड़ ने औद्योगिक शहर फैसलाबाद के बाहरी इलाके मेंस मुख्य रूप से ईसाई क्षेत्र में हमला कर दिया। सैकड़ों की संख्या में मौजूद भीड़ ने कम से कम पांच चर्चों को तोड़ दिया और ईसाई कॉलोनी में दर्जनों मकानों को जला दिया।
वहीं, जियो न्यूज ने पंजाब की अंतरिम सरकार के प्रवक्ता के हवाले से बताया, कि चर्च में तोड़फोड़ के मामले में 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, एक्सपर्ट्स का कहना है, कि ईसाइयों पर किए गये हमले के बाद अंतर्राष्ट्ररीय समुदाय के दबाव में पाकिस्तान कार्रवाई का दिखावा कर रहा है।
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, ईसाई नेताओं ने आरोप लगाया है, कि हमले के वक्त पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
घटना के संबंध में 100 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी के एक दिन बाद, फैसलाबाद जिले की जरनवाला पुलिस ने गुरुवार को कहा है, कि उन्होंने एक दिन पहले ईसाइयों के घरों और एक चर्च की इमारत में तोड़फोड़ और आग लगाने के लिए 600 लोगों के खिलाफ दो आतंकी मामले दर्ज किए हैं।
पाकिस्तान स्थित डॉन ने अधिकारियों के हवाले से बताया है, कि बुधवार को पाकिस्तान के फैसलाबाद के जरनवाला जिले में ईशनिंदा के आरोप में कई चर्चों में तोड़फोड़ की गई। इसके अलावा, ईसाई समुदाय के सदस्यों के निवासियों पर भी हमला किया गया।
ये पहली बार है, जब पाकिस्तान अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थान पर किए गये हमले को लेकर एक्शन ले रहा है, नहीं तो पाकिस्तान में हर दूसरे दिन मंदिर तोड़े जाते हैं और हिन्दुओं की बेटियों को अगवा कर जबरन धर्म परिवर्तन और शादी करवाई जाती है, लेकिन आज तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।












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