बाल्टिक सागर से तेजी से मीथेन हो रही लीक, अब तक की सबसे बड़ी घटना, UN ने जताई चिंता
बाल्टिक सागर (Baltic Sea) में बिछी नेचुरल गैस पाइपलाइन सिस्टम नॉर्ड स्ट्रीम (Nord Stream) फट गई है।
कोपेनहेगन, 1 अक्टूबर : बाल्टिक सागर में बिछी नेचुरल गैस पाइपलाइन सिस्टम नॉर्ड स्ट्रीम के फटने से पर्यावरण का इससे काफी नुकसान होने का खतरा ( Baltic Sea gas pipelines and methane leaks) उत्पन्न हो गया है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) ने कहा है कि गैस पाइपलाइन प्रणाली के फटने से हानिकारक मीथेन से भारी नुकसान हो सकता है।

नेचुरल गैस पाइपलाइन सिस्टम नॉर्ड स्ट्रीम के फटने से बढ़ी टेंशन
बाल्टिक सागर (Baltic Sea) में बिछी नेचुरल गैस पाइपलाइन सिस्टम नॉर्ड स्ट्रीम (Nord Stream) फट गई है। जिसकी वजह से भयानक मीथेन लीक हो रहा है। इससे इतना बड़ा विस्फोट हुआ, जो अंतरिक्ष से भी दिखाई दिया। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण प्रोग्राम (UNEP) का मानना है कि ये विस्फोट कई टीएनटी बमों के बराबर है।इसकी वजह से बाल्टिक सागर के इकोसिस्टम पर बुरा असर पड़ा है। अगर इसे जल्दी नहीं रोका गया तो आसपास के बड़े इलाके में समुद्री जीव-जंतुओं पर गहरा असर पड़ेगा। समुद्री परिवहन पर भी इसके असर पड़ने की संभावना जताई गई है।

भारी मात्रा में कंसेनट्रेटेड मीथेन का रिसाव हो रहा है
UNEP का इंटरनेशनल मीथेन एमिशन ऑब्जरवेटरी (IMEO) के मुताबिक पाइपलाइन के फटने से भारी मात्रा में कंसेनट्रेटेड मीथेन का रिसाव हो रहा है। मीथेन कार्बन डाईऑक्साइड से कम समय पर्यावरण में रहता है। हालांकि इससे नुकसान ज्यादा होता है। वहीं, IMEO के प्रमुख मैनफ्रेडी काल्टाजिरोन ने कहा कि यह बेहद बुरी घटना है।

मीथेन लीक की अब तक की सबसे बड़ी घटना
मैनफ्रेडी के अनुसार यह मीथेन लीक की अब तक की सबसे बड़ी घटना है। विश्व भर में मीथेन पर नजर रखने वाली सैटेलाइट GHGSat के अनुसार यहां से करीब 23 हजार किलोग्राम मीथेन हर घंटे निकल रही है। यानी यह पूरी दुनिया में हर घंटे में जलने वाले 2.85 लाख कोयले के बराबर है।

यूएन ने जताई चिंता
नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन की कंपनी ने कहा पिछले चार दिनों से मीथेन लीक की गति इतनी ज्यादा है कि उसे सही करना काफी मुश्किल होगा। क्योंकि इसकी तीव्रता पिछले साल हुए मेक्सिको की खाड़ी में हुए ऑफशोर ऑयल एंड गैस फील्ड लीक से ज्यादा खतरनाक है। मैनफ्रेडी ने कहा कि मेक्सिको की खाड़ी में भी 100 मीट्रिक टन प्रतिघंटे की दर से मीथेन निकली थी. यह लीक भी अंतरिक्ष से दिखाई दे रहा था। नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन के जरिए रूस से यूरोप तक नेचुरल गैस की सप्लाई होती है। वहीं, इस नुकसान को लेकर रूस से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। यूरोपीयन संघ भी चुप है। हालांकि, दोनों ने इसकी असली वजह तोड़फोड़ बताई है। लेकिन असली वजह किसी को पता नहीं है।
(Photo Credit :Twitter)












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