तालिबान के 'राष्ट्रपति' समेत 133 नेताओं के लिए बड़ी खुशखबरी, यूनाइटेड नेशंस जल्द दे सकता है गुड न्यूज
यूनाइटेड नेशंस से तालिबान के 'राष्ट्रपति' मुल्ला बरादर के साथ साथ उसके सैकड़ों नेताओं को बैन कर रखा है।
काबुल, अगस्त 21: अफगानिस्तान पर काबिज हो चुके तालिबान को जल्द ही बहुत बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। अमेरिका ने भले ही अफगानिस्तान की तिजोरी पर ताला जड़ दिया हो, लेकिन रिपोर्ट मिल रही है कि यूनाइटेन नेशंस तालिबान के आर्थिक संकट को बहुत हद तक कम कर सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के सौ से ज्यादा नेताओं को प्रतिबंधित लिस्ट से जल्द बाहर किया जा सकता है।

तालिबान को बहुत बड़ी राहत
यूनाइटेड नेशंस से मिल रही रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान का प्रमुख अब्दुल गनी बरादर, हक्कानी नेटवर्क के सिराजुद्दीन हक्कानी और तालिबान के दूसरे 133 नेताओं को जल्द ही संयुक्त राष्ट्र की 1988 सेंक्शन कमिटी, प्रतिबंधित लिस्ट से बाहर निकाल सकता है। आपको बता दें कि बरादर को 23 फरवरी 2001 को प्रतिबंधित लिस्ट में शामिल किया गया था। इस साल जून में तालिबान के शीर्ष नेताओं को यात्रा प्रतिबंध पर कुछ छूट दी गई थी और इस छूट को 90 दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया था, जो 21 सितंबर को समाप्त होगा। सूत्रों का कहना है कि तालिबान-अमेरिका सौदे के तहत तालिबानी नेताओं को प्रतिबंधित लिस्ट से बाहर निकाला जा सकता है।

तालिबान प्रतिबंध समिति करेगा फैसला
रिपोर्ट के मुताबिक, यूएन सेंक्शन कमिटी 1988, जिसे तालिबान सेंक्शन कमिटी भी कहा जाता है, उसका संशोधन 2011 में किया गया था, उसने अलकायदा पर 1267 अलग अलग प्रतिबंध लगाए थे। वहीं, भारत ने कहा है कि, ''ऐसे समय में जब अफगानिस्तान में हिंसा के खतरनाक स्तर को देखते हुए दुनिया भर में चिंता बढ़ रही है। तालिबान का अत्याचार बढ़ता जा रहा है।'' उस वक्त संयुक्त राष्ट्र में भारत के दूत टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि, ''यूनाइटेड नेशंस 1988 कमिटी, अफगानिस्तान की शांति, सुरक्षा, विकास और प्रगति के लिए अपने मजबूत हित और प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए "हमेशा भारत के लिए एक उच्च प्राथमिकता रही है"।

प्रतिबंध हटने के बाद क्या होगा?
यूनाइटेड नेशंस से तालिबान के 'राष्ट्रपति' मुल्ला बरादर के साथ साथ उसके सैकड़ों आतंकियों को बैन कर रखा है। लेकिन, पिछले कुछ महीनों ने तालिबान के टॉप लीडरशिप को छूट दी गई थी, ऐसे में अगर इनके ऊपर से प्रतिबंध हटाया जाता है, तो माना जाएगा कि अब ये तालिबानी नेता 'आतंकवादी' नहीं रहे और फिर ये किसी भी देश में आने जाने के लिए स्वतंत्र हो सकते हैं, बशर्ते उस देश ने पाबंदी नहीं लगाई हो। इसके साथ ही इन नेताओं को फ्रीज खातों से पैसों का लेन-देन शुरू हो जाएगा और सबसे बड़ी बात ये है कि इन नेताओं तक सीधे तौर पर कोई भी देश और संगठन बिना किसी रूकावट के पैसे पहुंचा सकता है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या धीरे धीरे सारे देश तालिबान को मान्यता दे देंगे? और दूसरा बड़ा सवाल ये है कि जब तालिबान ने अमेरिका के साथ हुए करार का उल्लंघन किया है, तो फिर यूनाइटेड नेशंस आखिर 133 तालिबानी नेताओं को प्रतिबंधित लिस्ट से बाहर क्यों कर रहा है?

जारी है तालिबान का आतंक
एक तरफ दुनिया से तालिबान को रियायतें मिल रही हैं, तो दूसरी तरफ तालिबान उसी तरह से बेरहम बना हुआ है, जैसा वो पहले था। तालिबान की कथनी और करनी में अब फर्क साफ नजर आने लगा है। विदेशी पत्रकारों को नुकसान ना पहुंचाने का दावा करने वाला तालिबान अब जर्नालिस्ट को निशाना बना रहा है। जर्मन सार्वजनिक प्रसारक ने कहा कि तालिाबान के लड़ाकों ने काबुल में काम कर रहे जर्मन न्यूज चैनल डॉयचे वेले के एक जर्नलिस्ट के रिश्तेदार की हत्या कर दी है। जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉयचे वेले के एक पत्रकार की तलाश में तालिबान घर-घर जाकर तलाशी ले रहे थे। यह पत्रकार अब जर्मनी में काम करते हैं। इस तलाशी के दौरान पत्रकार के दो रिश्तेदारों को गोली मार दी गई जिनमें से एक की मौत हो गई।

महिलाओं पर प्रतिबंध
वहीं, अफगानिस्तान की महिला पत्रकार और टीवी एंकर शबनन डारवार ने मौजूदा स्थिति और ग्राउंड रिपोर्ट को लेकर सनसनीखेज खुलासे किए हैं। महिला पत्रकार ने इंडिया टूडे को दिए इंटरव्यू के दौरान जो खुलासे किए हैं, उससे साफ पता चलता है अफगानिस्तान में शासन को लेकर तालिबान जो दावे करता है और जो असलियत है, उसमें जमीन आसमान का फर्क है। इंडिया टूडे की तरफ से पूछा गया कि तालिबान ने महिलाओं की आजादी शरिया कानून के तहत देने की बात की है, आपके साथ क्या हुआ? इस सवाल के जवाब पर शबनन डारवार ने कहा कि, ''मैं सरकारी समाचार संगठन आरटीए पश्तो में काम करती हूं। तालिबान के काबुल पर कब्ज़ा करने के बाद,मैं अगली सुबह अपने कार्यालय गई, जहां मुझे काम पर नहीं आने के लिए कहा गया। जब मैंने पूछा कि क्या कारण है, तो उन्होंने कहा कि नियम अब बदल गए हैं और महिलाओं को अब आरटीए में काम करने की अनुमति नहीं है।
-
Gold Silver Price Today: सोना चांदी धड़ाम, सिल्वर 15,000 और गोल्ड 4000 रुपये सस्ता, अब इतनी रह गई कीमत -
Khamenei Last Photo: मौत से चंद मिनट पहले क्या कर रहे थे खामनेई? मिसाइल अटैक से पहले की तस्वीर आई सामने -
38 साल की फेमस एक्ट्रेस को नहीं मिल रहा काम, बेच रहीं 'ऐसी' Photos-Videos, Ex-विधायक की बेटी का हुआ ऐसा हाल -
Uttar Pradesh Petrol-Diesel Price: Excise Duty कटौती से आज पेट्रोल-डीजल के दाम क्या? 60 शहरों की रेट-List -
KBC वाली तहसीलदार गिरफ्तार, कहां और कैसे किया 2.5 करोड़ का घोटाला? अब खाएंगी जेल की हवा -
Lockdown का PM मोदी ने क्या सच में ऐलान किया? संकट में भारत? फिर से घरों में कैद होना होगा?- Fact Check -
साथ की पढ़ाई, साथ बने SDM अब नहीं मिट पा रही 15 किलोमीटर की दूरी! शादी के बाद ऐसा क्या हुआ कि बिखर गया रिश्ता? -
Kal Ka Mausam: Delhi-Noida में कल तेज बारिश? 20 राज्यों में 48 घंटे आंधी-तूफान, कहां ओलावृष्टि का IMD अलर्ट? -
27 की उम्र में सांसद, अब बालेन सरकार में कानून मंत्री, कौन हैं सोबिता गौतम, क्यों हुईं वायरल? -
'मेरा पानी महंगा है, सबको नहीं मिलेगा', ये क्या बोल गईं Bhumi Pednekar? लोगों ने बनाया ऐसा मजाक -
Gajakesari Yoga on Ram Navami 2026: इन 4 राशियों की बदलेगी किस्मत, पैसा-सम्मान सब मिलेगा -
IPS Success Love Story: एसपी कृष्ण ने अंशिका को पहनाई प्यार की 'रिंग', कब है शादी? कहां हुई थी पहली मुलाकात?












Click it and Unblock the Notifications