रूस पर काउंटर अटैक में बुरी तरह हार रहा यूक्रेन, पश्चिमी हथियार हुए बेदम, जिद्दी जेलेंस्की ने खोए हजारों सैनिक
Ukraine lost Counter-Ops: एक प्रमुख अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई शुरू होने के बाद से यूक्रेन ने पिछले महीनों में करीब 40,000 सैनिक खो दिए हैं और फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग इतनी ही संख्या में सैनिक घायल हुए हैं।
अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ ने अमेरिका पर कीव को हथियार देकर, उसे अनावश्यक युद्ध में घसीटने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, कि अब अगर ये युद्ध और बढ़ता है, तो इसमें उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के शामिल होने का जोखिम है, और वाशिंगटन इस स्थिति में रूस से सैन्य रूप से मुकाबला करने के लिए बुरी तरह तैयार नहीं है।

पूर्व अमेरिकी अधिकारी का बड़ा खुलासा
ये बातें अमेरिकी सेना के पूर्व बख्तरबंद कोर अधिकारी कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने अमेरिकी मीडिया हस्ती टकर कार्लसन के साथ एक इंटरव्यू में कही है। मैकग्रेगर, जो पिछले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन में व्हाइट हाउस के सलाहकार थे, वो युद्ध में अमेरिका और नाटो की नीति के प्रसिद्ध आलोचक रहे हैं, जिसके बारे में उनका मानना है, अमेरिका और नाटो ने रूस को युद्ध के लिए उकसाया है।
उनका कहना है, कि मुख्यधारा का मीडिया जानबूझकर यूक्रेन के जबरदस्त नुकसान और रूस को हुए अविश्वसनीय लाभ, सैन्य ताकत और यूक्रेन की युद्ध में नाकामी को छिपा रहा है।
द यूरेशियन टाइम्स ने मैकग्रेगर के दावे के आधार पर लिखा है, कि इस साल फरवरी में यूक्रेन में 400,000 लोगों के घायल होने और 1,57,000 लोगों के मारे जाने की खबर दी थी। उस लेख में सामाजिक-आर्थिक आयाम पर जोर दिया गया था, जहां पिछले कुछ वर्षों में कम जन्म दर के कारण इसकी गिरती जनसंख्या का नुकसान ज्यादा था।
इसलिए, रिपोर्ट में कहा गया है, कि ये स्थिति आने वाले आर्थिक संकट को जन्म देने का खतरा पैदा करती है। हालांकि, यूक्रेन में हताहतों की संख्या के प्रकाशन पर प्रतिबंध और रूस में अपने नुकसान की संख्या का खुलासा करने के बारे में पारंपरिक गोपनीयता के कारण, इन संख्याओं को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सकता है।

काउंटर अटैक में बुरी तरह हार रहा यूक्रेन
मैकग्रेगर के अनुसार, अकेले जुलाई 2023 में, जब यूक्रेन ने "युद्ध के मैदान को ख़त्म करने" के लिए अपने जवाबी हमले का चरम पर चलाया, तो उसके 40,000 सैनिक मारे गए। समान संख्या में विकलांग लोग हैं।
उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि अस्पताल भरे हुए हैं और कंपनी और प्लाटून स्तर पर यूक्रेनी इकाइयां (150 से 200 पुरुष) टुकड़ों में रूसियों के सामने आत्मसमर्पण कर रही हैं।"
उन्होंने कहा, कि "ऐसा इसलिए नहीं है, क्योंकि वे लड़ना नहीं चाहते, बल्कि ऐसा इसलिए, क्योंकि वे लड़ नहीं सकते।" कमांडर कहते हैं, कि 'अगर मैं अपने घायल सैनिकों को नहीं निकाल सकता, तो मैं आत्मसमर्पण कर दूंगा, अन्यथा घायल मर जाएंगे। इसलिए, वे रेडियो पर रूसियों को बुलाते हैं, रूसी में बात करते हैं, और कहते हैं, कि मेरे पास 50-60 घायल हैं, और मैं आत्मसमर्पण करने जा रहा हूं, क्योंकि मैं नहीं चाहता कि वे मारे जाएं।''

घायल सैनिकों से भर चुके हैं यूक्रेनी अस्पताल
सरकार की ओर से आधिकारिक आंकड़ों के अभाव में, यूक्रेनी अस्पतालों की स्थिति के बारे में रिपोर्टें कुछ हद तक जमीनी जानकारी प्रदान करती हैं। एसोसिएटेड प्रेस (एपी) में 26 जुलाई, 2023 की एक रिपोर्ट में यूक्रेन के सबसे प्रमुख अस्पतालों में से एक डीनिप्रो, मेचनिकोव को दिखाया था, जिसमें बताया गया था, कि युद्ध में घायल होने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
डॉ. सेरही रायज़ेंको हर रात 50 से 100 के बीच घायल सैनिकों की सर्जरी करने की बात कहते हैं और उन्होंने कहा, कि अस्पताल में 50 ऑपरेशन रूम हैं, जो इतने घायलों का ऑपरेशन करने में सक्षम नहीं हो रहे हैं।
एपी की एक अन्य रिपोर्ट में कीव में कई सैन्य अस्पतालों की स्थापना का जिक्र किया गया है, जिसमें एक ऐसे "शीर्ष-स्तरीय ट्रॉमा सेंटर" की कहानी बताई गई है, जिसमें सबसे जटिल घायल सैनिकों को भर्ती किया जा रहा है।
वहीं, अभी तक यूक्रेन में सबसे ज्यादा दवाएं भारत ने भेजी हैं, और आशंका है, कि आने वाले वक्त में यूक्रेन के अस्पताल घायल सैनिकों का इलाज करने में असमर्थ होंगे।
मृतकों की संख्या पर अलग-अलग दावे
हालांकि, प्रमुख अमेरिकी मीडिया, यूक्रेन की मौत और घायलों की संख्या के बारे में अपनी रिपोर्ट में काफी अलग अलग बाते करता है। न्यूयॉर्क टाइम्स (एनवाईटी) की एक खबर में कहा गया है, कि यूक्रेन में लगभग 70,000 लोग मारे गए हैं और 100,000 से 200,000 लोग घायल हुए हैं।
वहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा, कि रूस की सैन्य हताहतों की संख्या 300,000 के करीब पहुंच रही है। इस संख्या में 120,000 मौतें और 170,000 से 180,000 घायल सैनिक शामिल हैं।
इस साल की शुरुआत में पेंटागन लीक में कहा गया था, कि रूस को 189,500 से 223,000 लोग हताहत हुए हैं, जिनमें 43,000 सैनिक मारे गये हैं। वहीं, एक दस्तावेज़ में कहा गया है, कि फरवरी तक, यूक्रेन के 124,500 से 131,000 लोग हताहत हुए थे, जिनमें से 17,500 लोग मारे गये हैं।












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