Video: स्टूडियो में लाइव न्यूज के दौरान देखा हमले का वीडियो, रो पड़ी यूक्रेनी रिपोर्टर

लंदन, 27 फरवरी। यूक्रेन पर रूसी हमले का चौथा दिन है। यूक्रेन की राजधानी कीव के पास भीषण संघर्ष चल रहा है। राजधानी कीव जंग के मैदान में बदलती जा रही है। शहरों में इमारतों पर रूसी मिसाइलें गिर रही हैं। ऐसा ही एक दृश्य देखने के बाद एक यूक्रेनी पत्रकार रो पड़ी क्योंकि जिस बिल्डिंग पर रूसी मिसाइल का हमला हुआ था वह पत्रकार का घर था जो समाचार दे रही थी।

यूक्रेन से आ रहीं विचलित करने वाली तस्वीरें

यूक्रेन से आ रहीं विचलित करने वाली तस्वीरें

जंग के हालात में यूक्रेन से विचलित करने वाली तस्वीरें आ रही हैं। इस जंग में तमाम लोग अपनों को गंवा चुके हैं। रूसी सेनाएं शहर पर कब्जे के लिए घुसने की कोशिश कर रही हैं लेकिन यूक्रेनी सैनिकों से उन्हें तगड़ी टक्कर मिल रही है। कीव में रहने वाले अनहोनी की आशंका से डरे हुए हैं तो तमाम लोग ऐसे हैं जिनके परिजन या करीबी यूक्रेन की राजधानी कीव में हैं। बीबीसी की रिपोर्टर ओग्ला मालचेवस्का ऐसे ही लोगों में हैं। ओग्ला बीबीसी के लंदन स्थित स्टूडियो से काम कर रही हैं जबकि उनका परिवार यूक्रेन की राजधानी कीव में मौजूद हैं।

ओग्ला यूक्रेन के संकट पर चर्चा करने के लिए लंदन में बीबीसी वर्ल्ड न्यूज पर मौजूद थी लेकिन जब उन्होंने खबर पढ़ने के दौरान अपने शहर का हाल देखा तो वह टूट गईं। ओग्ला मालचेवस्का ने कहा "जब मैं कल मैने तय किया था कि मैं सुबह स्टूडियों आऊंगी तो मैं सोचा भी नहीं था कि लंदन के समय 3 बजे मुझे पता चलेगा कि मेरे घर पर बमबारी हुई है।

घर पर हमले का विजुअल देख रो पड़ीं

घर पर हमले का विजुअल देख रो पड़ीं

उन्होंने कहा कि हम देख रहे हैं कि फायर ब्रिगेड मदद के लिए आ रही है। हम कीव की सड़कों पर देख रहे हैं। जब वह इस बारे में बात कर रही थीं उस समय विजुअल में एक इमारत की छठीं मंजिल पर एक तबाह घर को दिखाया जा रहा था। उन्होंने कहा "यह बिल्डिंग असल में मेरा घर है।"

रिपोर्टर ने अपनी मां से मिले संदेश का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा "आखिरकार, मुझे अपनी मां का संदेश मिला है। मैं उन तक नहीं पहुंच सही। आगे कहा वह (मां) शेल्टर ले रही है और बेसमेंट में छिपी हुई हैं। सौभाग्य ये रहा है कि वह उस बिल्डिंग में नहीं है जिस पर बमबारी की गई थी।

भीषण संघर्ष जारी

भीषण संघर्ष जारी

बता दें कि रूसी हमले के चौथे दिन भी यूक्रेन में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त, शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी का अनुमान है कि 1,50,000 लोग देश छोड़कर भाग गए हैं। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कीव के लोगों से देश छोड़ने के बजाय वापस लड़ने की अपील की है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने खुद को अमेरिका द्वारा बाहर निकाले जाने का ऑफर यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि उन्हें लड़ाई के लिए "हथियार की जरूरत है, सवारी की नहीं।"

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