‘भारत जानता है रूस यूक्रेन से क्या चाहता है, इसीलिए तटस्थ है’, रूसी दूत का भारत पर बड़ा बयान
अमेरिका और पश्चिमी देश भारत पर रूस की निंदा करने के लिए लगातार दवाब बना रहे हैं। वहीं, अब भारतीय मूल के अमेरिकी सांसदों ने भारत सरकार से यूक्रेन युद्ध में रूस के खिलाफ आवाज उठाने की मांग की है।
नई दिल्ली/मॉस्को, मार्च 19: यूक्रेन संकट के बीच भारत ने 'न्यूट्रल' पॉजिशन ले रखा है, लेकिन रूस ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि, भारत ने यूक्रेन युद्ध पर संतुलित रूख अपना रखा है और भारत अच्छी तरह से जानता है कि, रूस जिस ऑपरेशन को अंजाम दे रहा है, उसका लक्ष्य क्या है।

रूस का भारत पर बड़ा बयान
भारत में रूसी राजजूत डेनिस अलीपोव ने रूस -24 टीवी चैनल को दिए गये एक इंटरव्यू में यूक्रेन युद्ध के बीच भारत की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया है और उन्होंने कहा है कि, भारत यूक्रेन में रूसी विशेष सैन्य अभियान के लक्ष्यों से अवगत है और इस मुद्दे पर एक संतुलित स्थिति ले रहा है। उन्होंने इंटरव्यू में कहा कि, "भारत न केवल ऑपरेशन के लक्ष्यों के बारे में अच्छी तरह से जानता है, बल्कि यूरोप में सुरक्षा स्थिति की उत्पत्ति, हाल के वर्षों और दशकों में रूस-यूक्रेनी संबंधों की सभी परिस्थितियों से भी अवगत है। और यही एक वजह है कि, भारत ने यूक्रेन को लेकर संतुलित रूख कायम कर रखा है''। रूस का भारत को लेकर बड़ा बयान उस वक्त आया है, जब अमेरिका समेत पश्चिमी देश रूस की निंदा करने के लिए भारत पर दवाब बना रहे हैं।

‘तटस्थ नीति अपनाता है भारत’
रूसी दूत ने रूसी समाचार चैनल को दिए गये इंटरव्यू में कहा कि, पश्चिमी देशों के विपरीत, भारत यूक्रेन की स्थिति के संबंध में रूस के पक्ष का प्रदर्शन नहीं करता है। उन्होंने जोर देकर कहा, "भारत अपनी तटस्थ स्थिति अपनाता है।" रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 24 फरवरी को डोनबास गणराज्यों के नेताओं से मदद के अनुरोध के जवाब में यूक्रेन में एक विशेष अभियान शुरू किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मास्को की यूक्रेनी क्षेत्रों पर कब्जा करने की कोई योजना नहीं है। इसका एकमात्र उद्देश्य, पुतिन ने जोर दिया है कि, यूक्रेन को विसैन्यीकरण है।

अमेरिका बना रहा है दवाब
आपको बता दें कि, अमेरिका और पश्चिमी देश भारत पर रूस की निंदा करने के लिए लगातार दवाब बना रहे हैं। वहीं, अब भारतीय मूल के अमेरिकी सांसदों ने भारत सरकार से यूक्रेन युद्ध में रूस के खिलाफ आवाज उठाने की मांग की है। अमेरिका के सांसद जो विल्सन और भारतीय-अमेरिकी सांसद रो खन्ना के नेतृत्व में सांसदों ने अमेरिका में भारत के शीर्ष दूत तरनजीत सिंह संधू के साथ टेलीफोन पर बात की है और उनसे यूक्रेन संकट पर बात की है। इस बातचीत के बाद भारतीय-अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने ट्वीट करते हुए कहा कि, "राजदूत संधू के साथ द्विदलीय कॉल में विल्सन के साथ शामिल होने के अवसर की सराहना करता हूं। हमने भारत से आग्रह किया है कि, युद्ध में निशाना बनाकर यूक्रेनियनों को मारने के खिलाफ वो रूस क खिलाफ बोले।' वहीं रो खन्ना ने आगे लिखा है कि, ''हमने भारत से अपील की है, कि रूस के साथ दोस्ती का इस्तेमाल करते हुए युद्ध में शांति स्थापित करने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे''।












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