Ukraine crisis: अमेरिका की अकड़ पड़ी ढीली? पुतिन अनफ्रेंड, UN वोटिंग से फिर गैर हाजिर भारत... बड़े अपडेट्स

UNHRC में आज शाम एक बार फिर से यूक्रेन संकट पर वोटिंग हुई है और भारत ने एक बार फिर से वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया है और अमेरिकी दबाव के बाद भी भारत ने अभी तक यूक्रेन संकट पर किसी भी देश का साथ नहीं दिया।

वॉशिंगटन/मॉस्को, मार्च 04: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का आज 9वा दिन चल रहा है और भीषण जंग के 9वें दिन रूस ने यूक्रेन के सबसे बड़े न्यूक्लियर पावर प्वांट, जेपोरिजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट पर कब्जा कर लिया है। जेपोरिजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट में लगी आग के बाद पूरी दुनिया में सनसनी फैल गई थी और आशंका जताई जा रही थी, कि कहीं न्यूक्लियर रेडिएशन ना शुरू हो जाए, हालांकि यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा है कि, न्यूक्लियर रेडिएशन शुरू नहीं हुआ है। इन सबके बीच अमेरिका की तरफ से रूसी राष्ट्रपति को बड़ा ऑफर दिया गया है।

यूक्रेन युद्ध का 9वां दिन

यूक्रेन युद्ध का 9वां दिन

जेपोरिजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट पर रूस का कब्जा हो गया है, वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और यूके के प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने परमाणु प्लांट पर रूसी कब्जे के बाद वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से बात की और रेडिएशन के बारे में जानने की कोशिश की। हालांकि, आग बुझ चुकी है और अधिकारियों ने पुष्टि कर दी है, कि कोई रेडिएशन नहीं फैला है। यह हमला तब किया गया है, जब मास्को ने यूक्रेन में अपने पूर्ण आक्रमण को जारी रखा है और दोनों पक्षों के बीच सैन्य और मानवीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बेलारूस में अपने दूसरे दौर की बातचीत चल रही है।

काफी महत्वपूर्ण है जेपोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट?

काफी महत्वपूर्ण है जेपोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट?

यूक्रेन के न्यूक्लियर पॉवर ऑपरेटर एनर्गोआटॉम के मुताबिक इस संयंत्र में 6 पॉवर यूनिट संचालन में हैं और पहले की शुरुआत 1984 में हुई थी। इस प्लांट से 4,000 से 4,200 करोड़ किलोवॉट घंटा बिजली का उत्पादन होता है, जो कि यूक्रेन के सालाना बिजली उत्पादन का औसतन 20 से 25 फीसदी है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक यहां यूक्रेन की करीब एक चौथाई बिजली उत्पादित होती है। यही नहीं, यूक्रेन के विभिन्न न्यूक्लियर पॉवर प्लांट में जितनी बिजली पैदा होती है, उसका करीब 47% इसी प्लांट पर निर्भर है।

यूएनएचआरसी में फिर बैठक

यूएनएचआरसी में फिर बैठक

यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन रिसोर्स में आज शाम एक बार फिर से यूक्रेन संकट पर वोटिंग हुई है और भारत ने एक बार फिर से वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया है और अमेरिकी दबाव के बाद भी भारत ने अभी तक यूक्रेन संकट पर किसी भी देश का साथ नहीं दिया है और रूस और अमेरिका के बीच बराबर संतुलन बनाकर चल रहा है। इससे पहले भी भारत ने यूएनएससी और यूएनजीए की बैठक में रूस की आचोचना नहीं की थी और यूक्रेन संकट का शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की थी।

क्वाड में यूक्रेन संकट पर चर्चा

क्वाड में यूक्रेन संकट पर चर्चा

यूक्रेन पर रूस का हमला लगातार जारी है और भारत ने संयुक्त राष्ट्र में वोटिंग के दौरान गैर- हाजिर रहने का फैसला किया था, लेकिन अमेरिका किसी भी हाल में रूस विरोधी अभियान में भारत को शामिल करने की कोशिश कर रहा है और गुरुवार को जब क्वाड की बैठक हो रही थी, उस दौरान एक बार फिर से अमेरिका की तरफ से रूस विरोधी अभियान चलाया गया, लेकिन भारत को अपने स्टैंड से बदलने की कोशिश में अमेरिका को खास सफलता नहीं मिल पाई। क्वाड की बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, ऑस्ट्रेलियन प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधानमंत्री किशिदा फुमियो शामिल हुए थे, लेकिन क्वाड की बैठक में भारत ने साफ कर दिया, कि यूक्रेन उद्येश्य के लिए क्वाड के मंच का उपयोग करने की बात को स्पष्ट तौर पर खारिज कर दिया।

भारत ने रूस के साथ सैन्य सौदा रद्द किया?

भारत ने रूस के साथ सैन्य सौदा रद्द किया?

अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि भारत ने हाल ही में रूसी सैन्य उपकरणों के कई ऑर्डर रद्द कर दिए हैं। दक्षिण और मध्य एशिया के सहायक विदेश मंत्री डोनाल्ड लू ने बुधवार को सीनेट की विदेश संबंध उपसमिति के सदस्यों से कहा कि, भारत अमेरिका के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण भागीदार है और यह राष्ट्रपति जो बाइडेन को तय करना है, कि भारत पर प्रतिबंध लागू करना है या नहीं। अमेरिकी अधिकारी डोनाल्ड लू ने कहा है कि, भारत ने रूस को दिए पिछले कुछ हफ्तों में मिग-29 (लड़ाकू जेट), रूसी हेलीकॉप्टर और टैंक रोधी हथियारों के ऑर्डर रद्द कर दिए हैं।

यूरोपीयन यूनियन में शामिल होने की कोशिश

यूरोपीयन यूनियन में शामिल होने की कोशिश

सोवियत संघ के दो पूर्व राज्य जॉर्जिया और मोल्दोवा ने आधिकारिक तौर पर यूरोपीय संघ की सदस्यता लेने के लिए आवेदन किया है और माना जा रहा है कि, इन देशों के इस फैसले के बाद रूस का गुस्सा भड़क सकता है, जो पहले ही यूक्रेन में भीषण युद्ध कर रहा है। माना जा रहा है कि, जॉर्जिया और मोल्दोवा ने यूक्रेन युद्ध के बीच आने वाले वक्त में रूसी गुस्से से बचने के लिए यूरोपीयन यूनियन की सदस्यता लेने की कोशिश की है। जॉर्जिया और मोल्दोवा का यूरोपीय यूनियन में शामिल होने का फैसला उस वक्त आया है, जब ये खबर आई है कि, अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन पोलैंड, बाल्किक्स देशों के साथ ही मोल्दावा की यात्रा करने का फैसला किया है।

अमेरिकी सीनेटर का पुतिन को मारने का आह्वान

अमेरिकी सीनेटर का पुतिन को मारने का आह्वान

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने लाइव टेलीविजन पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हत्या का आह्वान किया है। फॉक्स न्यूज पर एक लाइव कार्यक्रम के दौरान उन्होंने रूसी राष्ट्रपति पुतिन को लेकर विवादित बयान दिया है और उनके बयान को लेकर रूस ने अमेरिका से सफाई मांग है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि, रूस में किसी को कदम बढ़ाना होगा और "इस आदमी को बाहर निकालना होगा"। सीनेटर ने दोहराते हुए कहा कि, केवल रूसी लोग ही इस मुद्दे को ठीक कर सकते हैं। वहीं, अमेरिकी सीनेटर का दिया गया विवादित बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

पुतिन ने सऊदी अरब को दी चेतावनी

पुतिन ने सऊदी अरब को दी चेतावनी

पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन 'के वास्तविक' नेता सऊदी अरब ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को कम करने में मदद करने के लिए और अधिक तेल उत्पादन करने के अमेरिकी अनुरोध को खारिज कर दिया है। यूक्रेन युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 116 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया है कि, सउदी अरब और अन्य लोगों के साथ उच्च स्तरीय वार्ता का उद्देश्य एक-दूसरे के कार्यों में समन्वय करना और समझना था और रूस ने कहा है कि, सऊदी अरब वैश्विक ऊर्जा के मुद्दों का राजनीतिकरण कर रहा है।

मीडिया पर रूस में पाबंदी

मीडिया पर रूस में पाबंदी

रूसी इंटरनेट उपयोगकर्ताओ को फेसबुक समेत दूसरे समाचार वेबसाइटों को एक्सेस करन में काफी परेशानी उठाना पड़ रहा है। कई समाचार वेबसाइट, जैसे मेडुज़ा, डीडब्ल्यबू न्यूज और बीबीसी की रूसी भाषा की सेवा तक पहुंचने के लिए लोग संघर्ष कर रहे हैं।

अमेरिका की अकड़ पड़ी ढीली?

अमेरिका की अकड़ पड़ी ढीली?

यूक्रेन संकट के 9वें दिन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूस को बड़ा ऑफर देते हुए कहा है कि, अगर राष्ट्रपति पुतिन अभी भी यूक्रेन से अपनी सेना को हटा लेते हैं और जंग को फौरन खत्म कर देते हैं, तो फिर रूस पर जितने भी प्रतिबंध लगाए गये हैं, उन्हें हटा लिया जाएगा। अमेरिका की तरफ से राष्ट्रपति पुतिन को बड़ा प्रस्ताव दिया है, लेकिन अमेरिका की तरफ से साफ किया गया है कि, शर्त यही है कि, रूस को फौरन जंग खत्म करना होगा और यूक्रेन से अपनी सेना को हटाना पड़ेगा। लेकिन, अभी तक रूस की तरफ से बाइडेन के प्रस्ताव पर बयान नहीं आया है।

बाइडेन ने पुतिन को किया अनफ्रेंड

बाइडेन ने पुतिन को किया अनफ्रेंड

वहीं, अब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फेसबुक पर अनफ्रेंड कर दिया है। यूक्रेन पर रूसी हमले के बीच ये काफी दिलचस्प खबर है, कि अमेरिका किस स्तर तक रूस के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। अमेरिका पहले ही रूसी राष्ट्रपति और उनके करीबी साथियों और कैबिनेट पर प्रतिबंध लगा चुका है, लेकिन अब फेसबुक पर अनफ्रेंड करने के बाद इसकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा की जा रही है।

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