USA, फ्रांस के बाद अब ब्रिटेन भी हुआ PM का मुरीद, कहा- अपनी बात मजबूती से रखते हैं मोदी
अमेरिका और फ्रांस के बाद ब्रिटेन भी उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने यूक्रेन संघर्ष पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए "आज का युग, युद्ध का नहीं है" टिप्पणी पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्
नई दिल्ली, 22 सितंबरः अमेरिका और फ्रांस के बाद ब्रिटेन भी उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने यूक्रेन संघर्ष पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए "आज का युग, युद्ध का नहीं है" टिप्पणी पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की है। ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वैश्विक मंच पर प्रभावशाली तरीके से अपनी बात रखने के लिए जाना जाता है और रूसी नेतृत्व भी वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति का सम्मान करता है।

शांति की मांग को लेकर उठ रही आवाज पर ध्यान देंगे पुतिन
ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली ने कहा कि मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी का हस्तक्षेप बहुत, बहुत स्वागत योग्य है। लंदन को उम्मीद है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उन आवाजों पर ध्यान देंगे जो यूक्रेन संघर्ष के बीच शांति की मांग को लेकर उठ रही हैं। क्लेवरली रूस-यूक्रेन युद्ध और प्रधानमंत्री मोदी के रूस के राष्ट्रपति से की गई बातचीत से जुड़े एक सवाल का जवाब दे रहे थे। इससे पहले पीएम मोदी ने बीते हफ्ते उज्बेकिस्तान के समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 22वीं शिखर बैठक के इतर पुतिन से कहा था, ''आज का युग युद्ध का नहीं है।''

भुखमरी से जूझ रही पूरी दुनिया
क्लेवरली ने 'पीटीआई-भाषा' को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ''यकीनन, हमने इस युद्ध में कई जिंदगियां तबाह होते देखी हैं, यूक्रेन के लोगों के साथ-साथ रूस के नागरिकों की भी... जो कि सच में बेहद ही भयावह है।'' उन्होंने कहा कि लोगों पर मंडराता खाद्य असुरक्षा और अकाल का खतरा यूक्रेन पर रूस के आक्रमण से पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में जो लोग पहले से ही भूखमरी से परेशान हैं, उनकी स्थिति पुतिन के यूक्रेन पर आक्रमण से बदतर हो गई है।

विश्व स्तर पर भारत की भूमिक महत्वपूर्ण
क्लेवरली ने भारत के संबंध बोलते हुए कहा, ''निश्चित रूप से भारत विश्व मंच पर एक अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण व प्रभावशाली देश है। मुझे लगता है कि दुनिया में जब इतनी उथल-पुथल चल रही है, तब भारत के साथ हमारी घनिष्ठ साझेदारी और कामकाजी संबंध अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण हैं।'' वैश्विक स्तर पर अशांति, मानवीय व भू-राजनीतिक संकट के बीच विश्व नेताओं के संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एकत्रित होने के संदर्भ में क्लेवरली ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अब भी प्रासंगिक है।

तेजी से बदलती दुनिया के हिसाब से बदलाव लाना जरूरी
ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने कहा कि कई क्षेत्रों में दुनिया बेहद तेजी से बदल रही है। यह बेहद जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय संस्थान उन बदलती चुनौतियों व परिस्थितियों का सामना करने के हिसाब से खुद में बदलाव लाएं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र जैसे बहुपक्षीय मंच हमेशा हमारे संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने द्विपक्षीय संबंध को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया।

ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने एस जयशंकर से की मुलाकात
यूएनजीए के सत्र के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे क्लेवरली ने बुधवार देर शाम विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की थी। इससे पहले दिन में क्लेवरली ने कहा था कि वह अपने भारतीय समकक्ष से मिलने को लेकर उत्साहित हैं। क्लेवरली ने कहा, ''जयशंकर हमें अच्छी तरह से जानते हैं। उन्होंने मेरे पूर्ववर्तियों के साथ काम किया है। मैं वैश्विक मुद्दों, क्षेत्रीय मुद्दों और हमारे द्विपक्षीय संबंधों पर उनके साथ चर्चा करने के लिए उत्साहित हूं।''












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