ब्रिटेन में अवैध अप्रवासियों की No Entry, PM सुनक ला रहे खतरनाक बिल, क्या अब बचा पाएंगे अपनी कुर्सी?
ब्रिटेन में अवैध आप्रवासन एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है। इसे थामने और देश की सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए पीएम सुनक 'रवांडा बिल' लेकर आ रहे हैं। इसे निचले सदन में 12 को पेश किया जाएगा।
सुनक ने दावा किया है कि ये अवैध प्रवासियों को लेकर अब तक का सबसे कठोर कानून है। इस कानून के तहत अवैध अप्रवासियों को लेकर कानूनी चुनौतियों को समाप्त कर न्यायधीशों की शक्तियों को कमजोर कर दिया गया है जबकि अधिकांश शक्तियां संसद को दे दी गई हैं।

इससे पहले जून में, अपील अदालत ने अप्रावासियों को रवांडा भेजने की यूके सरकार की योजना को गैरकानूनी बताया था। अदालत का मानना था कि रवांडा एक सुरक्षित देश नहीं है। पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे लेकर सहमति जताई थी।
लेकिन, ऋषि सुनक के प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए आपातकालीन कानून प्रकाशित किया है कि रवांडा को एक सुरक्षित देश माना जाए। ये कानून मंत्रियों को मानवाधिकार अधिनियम के कुछ हिस्सों की अवहेलना करने की शक्ति भी देता है।
इस कानून पर 12 दिसंबर को संसद में मतदान होगा। हालांकि सुनक की पार्टी कंजरवेटिव पार्टी के बड़े नेता जो हैं सुएला ब्रेवरमैन, लिज ट्रस इसे बेहद कमजोर कानून बता रहे हैं। अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर नरम रुख अपनाने का आरोप लगा रहे हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सुनक की पार्टी के कुछ संसद सदस्यों ने कहा कि संभावना है कि पीएम को नेतृत्व की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। अब तक केवल एक कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद एंड्रिया जेनकिन्स ने सार्वजनिक रूप से ऋषि सुनक के खिलाफ अविश्वास मत का आह्वान किया है।
लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि सुनक की पार्टी के कम से कम 6 नेता सुनक के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले हैं। इसमें पूर्व पीएम लिज ट्रस और सुनक की पूर्व सहियोगी सुएला ब्रेवरमैन का भी नाम शामिल है।
कहा जा रहा है कि सुनक विरोधी नेता ज्यादा से ज्यादा कंजरवेटिव पार्टी के नेताओं को इस्तीफे के लिए लामबंद कर रहे हैं। इसके लिए सीक्रेट मीटिंग का दौर चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक हाउस ऑफ कॉमंस में सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी की नेता पेनी मॉरडॉन्ट भी सुनक के खिलाफ मोर्चे में शामिल हैं।
भारतवंशी पूर्व गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन ही PM सुनक के खिलाफ इस बगावत का नेतृत्व कर रही हैं। लिज ट्रस को भी उनका पूरा समर्थन है। दोनों नेताओं की सुनक के खिलाफ सियासी रंजिश भी है। लिज ट्रस को हटाकर ही ऋषि सुनक प्रधानमंत्री बने थे।
सुनक ने हाल ही में सुएला को अपने मंत्रिमंडल से हटाया था। ये दोनों नेता अवैध प्रवासियों से जुड़े रवांडा बिल पर सुनक का विरोध कर पार्टी के कट्टरपंथी खेमे से समर्थन पा रहे हैं। हाल में ही देश में बढ़ते आप्रवासन को कम करने के ऋषि सुनक के प्रयास के कारण ब्रिटेन के आप्रवासन मंत्री रॉबर्ट जेनरिक ने इस्तीफा दे दिया था। जेनरिक भी अब ब्रेवरमैन खेमें से मिल चुके हैं।












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