XL Bully Dog: ब्रिटेन में ऋषि सुनक ने खतरनाक नस्ल के कुत्ते पर लगाया प्रतिबंध, जानिए क्यों लेना पड़ा ये फैसला
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने अमेरिकी बुली एक्सएल कुत्तों पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने कहा कि साल के अंत तक इन कुत्तों को ब्रिटेन में प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। इस नस्ल के कुत्तों ने हाल ही में कई हमले किए हैं।
इसी हफ्ते स्टैफर्डशायर में एक व्यक्ति पर एक्सएल बुली नस्ल के कुत्ते ने हमला कर दिया था जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी। इससे पहले इसी हफ्ते इसी नस्ल के कुत्ते ने एक 11 साल की बच्ची पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।

ब्रिटेन में इस नस्ल के कुत्ते के बढ़ते हमले को देखकर कई लोग इसे बैन करने की मांग कर रहे थे। इसके बाद ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक ने एक्स पर एक वीडियो संदेश जारी कर इसकी घोषणा की।
सुनक ने कहा कि यह स्पष्ट है कि अमेरिकन एक्सएल बुली कुत्ता हमारे समुदायों, विशेष रूप से हमारे बच्चों के लिए खतरा है। मैंने इस नस्ल को प्रतिबंधित करने के लिए तत्काल आदेश दिया है ताकि हम इन हिंसक हमलों को समाप्त कर सकें और लोगों को सुरक्षित रख सकें।
इसमें उन्होंने कहा कि हाल के हमलों के पीछे की नस्ल को कानूनी रूप से परिभाषित करने के लिए काम करने का आदेश दिया है ताकि इसे खतरनाक कुत्ते अधिनियम के तहत प्रतिबंधित किया जा सके। उन्होंने कहा, यह मौजूदा कानून में परिभाषित नस्ल नहीं है, इसलिए यह महत्वपूर्ण कदम तेजी से होना चाहिए।
अमेरिकन बुली अपनी भारी-भरकम कदकाठी के लिए दुनियाभर में पहचाना जाता है। एक अमेरिकी बुली एक्सएल का वजन 60 किलो तक हो सकता है जो किसी भी व्यसक इंसान को अकेले ही जान से मारने के लिए काफी है।
अमेरिकन बुली एक्सएल की उत्पत्ति 1980 के दशक के अंत में अमेरिका में हुई थी। यह अमेरिकन पिट बुल टेरियर्स और अमेरिकन स्टैफ़ोर्डशायर टेरियर्स का क्रॉसब्रीड है। इसे और भी अधिक मांसल और ताकतवर बनाने के लिए अन्य बेहतर नस्ल के कुत्तों संग मिलाया गया है।
अमेरिका में यूनाइटेड केनेल क्लब का कहना है कि एक अमेरिकन बुली एक्सएल बेहद ताकतवर होने के बावजूद अपने सौम्य और मैत्रीपूर्ण व्यवहार के लिए जाना जाता है। क्लब का कहना है कि आक्रमक होना इस नस्ल की विशेषता है लेकिन मनुष्यों के प्रति आक्रामक व्यवहार अस्वाभाविक है।
इसे बैन किए जाने से पहले भी ब्रिटेन की डॉग एसोसिएशंस आधिकारिक तौर पर इस नस्ल को मान्यता नहीं दी थी। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोनाकाल में ब्रिटेन में अमेरिकन बुली एक्सएल की संख्या अचानक तेजी से बढ़ी है।
- शनिवार को बर्मिंघम में एक 11 साल की लड़की पर अमेरिकी बुली एक्सएल ने हमला कर दिया। इस दौरान उसने बीच-बचाव करने वाले दो लोगों को भी घायल कर दिया जिनका अस्पताल में इलाज किया गया।
- इसी साल अप्रैल में लिवरपूल में अपने घर पर दो अमेरिकी बुली के बीच लड़ाई को रोकने की कोशिश करने के दौरान उन्होंने 65 वर्षीय महिला की हत्या कर दी गई थी।
- बीते साल सेंट हेलेंस में एक 17 महीने की बच्ची को उसके ही घर में एक कुत्ते ने मार डाला था। उस कुत्ते को खरीदे सिर्फ एक सप्ताह ही हुआ था।
- 2021 में, वेल्स के कैर्फ़िली में एक अमेरिकी बुली एक्सएल ने 10 वर्षीय बच्चे पर हमला कर दिया था। जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी। बच्चे की मां ने सरकार से इस नस्ल के कुत्ते पर बैन करने की अपील की थी।
आपको बता दें कि तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिकी बुली पहले से बैन हैं। इतना ही नहीं आयरलैंड में भी इसे बैन किया जा चुका है।
यूके में कुत्तों की कौन सी नस्लें प्रतिबंधित हैं?
- पिट बुल टेरियर
- जापानी टोसा
- डोगो अर्जेंटीना
- फिला ब्राज़ीलिरो












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