London: पाकिस्तानियों के निशाने पर सिख लड़कियां, बहला-फुसलाकर करते हैं गैंगरेप, अब जागे सिख- Video
London: देर रात लंदन की सड़कों और एक अपार्टमेंट में एक अजीब कांड हुआ, जब 200 से ज्यादा सिख समुदाय के लोगों ने हाउंस्लो इलाके के एक अपार्टमेंट को घेर लिया। आरोप था कि वहां एक नाबालिग लड़की को पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग ने किडनैप कर लिया है। इसके बाद उसका सामूहिक बलात्कार किया गया। कई घंटों तक पुलिस की निष्क्रियता को लेकर सिख समुदाय में भारी गुस्सा देखा गया।
घर के बाहर हुआ हंगामा
लड़की की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता के बीच सिख समुदाय ने एकजुट होकर अपार्टमेंट के बाहर घेराव कर दिया। हालात इतने दबाव वाले हो गए कि आखिरकार पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और नाबालिग को सुरक्षित बाहर निकाला गया। एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें संदिग्ध को पुलिस वैन में ले जाते हुए दिखाया गया है, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया।

कैसे शिकार हुई मासूम?
सामुदायिक सूत्रों के मुताबिक, इस लड़की को कई सालों तक धीरे-धीरे ग्रूम किया गया। उसे एक रिश्ते में फंसाकर अपार्टमेंट तक लाया गया, जहां कई पुरुषों ने उसे बंधक बनाकर रखा, धमकाया और यौन शोषण किया। जब उसने भागने की कोशिश की, तो उसे कमरे में बंद कर चुप रहने की चेतावनी दी गई।
पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग बनाती है लड़कियों को शिकार
सिख यूथ यूके सहित कई सिख संगठनों का कहना है कि ऐसे मामले कोई अपवाद नहीं हैं। उनका आरोप है कि ग्रूमिंग नेटवर्क कानूनी खामियों और अंतरधार्मिक तनाव का फायदा उठाकर नाबालिग लड़कियों को उनके परिवारों से अलग करते हैं और लंबे समय तक उनका शोषण करते हैं।
यूके में फिर उठे ग्रूमिंग मामलों पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर यूके में ग्रूमिंग मामलों से निपटने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह वही मुद्दा है, जिस पर ब्रिटिश सरकार ने पिछले साल प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर द्वारा राष्ट्रीय जांच की घोषणा के बाद कार्रवाई का वादा किया था।
एलन मस्क की टिप्पणी से बढ़ा विवाद
यह मामला 2025 में तब और ज्यादा चर्चा में आया, जब एलन मस्क ने ग्रूमिंग मामलों से निपटने में ब्रिटिश सरकार की खुलकर आलोचना की थी। उनकी टिप्पणियों ने राजनीतिक दबाव बढ़ाया और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग को और तेज कर दिया।
पुलिस के रवैये से भड़के सिख
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है, लेकिन सिख समुदाय त्वरित कार्रवाई और सिस्टम लेवल पर जवाबदेही की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि सिर्फ जांच का भरोसा काफी नहीं है।पिछले साल जून में प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ब्रिटेन भर में हजारों लड़कियों के यौन शोषण से जुड़े ग्रूमिंग गिरोहों की राष्ट्रव्यापी जांच की घोषणा की थी। इसे सरकार के रुख में एक बड़ा बदलाव माना गया था।
पुराने मामलों ने खोली कड़वी सच्चाई
पहले की जांचों में सामने आया था कि मुख्य रूप से पाकिस्तानी के रूप में पहचाने गए गिरोहों ने रॉदरहैम, रॉचडेल और टेलफोर्ड जैसे शहरों में युवतियों को व्यवस्थित तरीके से फंसाया, उनकी तस्करी की और बलात्कार किया।
चेतावनियों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
अधिकारियों को समय-समय पर चेतावनियां मिलने के बावजूद कार्रवाई न करने के लिए कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी। कई बार नस्लीय प्रतिक्रिया या सामुदायिक अशांति के डर को इसकी वजह बताया गया।
पीड़ितों के लिए न्याय की नई मांग
2025 की शुरुआत में एलन मस्क की सार्वजनिक आलोचना के बाद यह मुद्दा फिर सुर्खियों में आया। इससे देशभर में गुस्सा बढ़ा और पीड़ितों के लिए न्याय, जवाबदेही और ठोस कार्रवाई की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है।इस खबर पर
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