लहंगा पहनकर ब्रिटिश गृहमंत्री ने जमकर की भारत की तारीफ, एक हफ्ते में अकल आई ठिकाने! FTA पर पलटीं
मंगलवार शाम लंदन में यूके स्थित इंडिया ग्लोबल फोरम (IGF) द्वारा आयोजित दिवाली कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, भारतीय मूल की ब्रिटिश कैबिनेट मंत्री भारत के साथ ट्रेड डिल को लेकर काफी अहम बात कही है।
India-UK trade Deal: पिछले हफ्ते भारत के साथ ट्रेड डिल को लेकर मीन-मेख निकालने वाली ब्रिटिश वित्तमंत्री के सुर इस हफ्ते बदल गये हैं और यूनाइटेड किंगडम की गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन ने अब कहा है कि, दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देने के लिए ब्रिटेन भारत के साथ एक व्यापार समझौते को सुरक्षित करने के लिए उत्सुक है और उन्होंने कहा कि, ब्रेक्सिट का मतलब है, कि ब्रिटेन अब व्यापार या वीजा के प्रति यूरोकेंद्रित मानसिकता नहीं रखता है।

सुएला ब्रेवरमैन के बयान का मतलब
मंगलवार शाम लंदन में यूके स्थित इंडिया ग्लोबल फोरम (IGF) द्वारा आयोजित दिवाली कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, भारतीय मूल की ब्रिटिश कैबिनेट मंत्री भारत के साथ ट्रेड डिल को लेकर काफी अहम बात कही है। उन्होंने ब्रिटिश भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि, उन्होंने अपने आप को एक गौरवान्वित ब्रिटिश भारतीय बताया और ब्रिटिश जीवन में भारतीय प्रवासियों ने जो योगदान दिया है, उन्होंने उसकी सराहना की है। लेकिन, इस दौरान उन्होंने वीजा को लेकर पिछले दिनों दिए गये विवादित बयान पर भी यूटर्न लेने की कोशिश की। उन्होंने कहा था कि, वीजा लेकर ब्रिटेन आने वाले भारतीय तय वक्त से काफी ज्यादा वक्त बिताते हैं और उन्होंने ट्रेड डील के फाइनल होने के पीछे इसे सबसे बड़ा मुद्दा बताया था। उन्होंने कहा था, कि ट्रेड डील होने से यूके में भारतीय अप्रवासियों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। लेकिन, अब उन्होंने अपने बयान से पलटने की कोशिश करते हुए कहा कि, यूके के गांवों, कस्बों और शहरों को "भारत से आप्रवासन से बहुत समृद्ध" किया गया है।

क्या ट्रेड डील पर लेने वाली हैं यूटर्न?
उन्होंने कहा कि, "स्वाभाविक रूप से, हमारे देशों के लिए एक साथ काम करने के लिए एक आर्थिक अनिवार्यता है, यही वजह है कि हम एक व्यापार समझौते को सुरक्षित करने के लिए इतने उत्सुक हैं।" ब्रिटिश गृहमंत्री ने आगे कहा कि, "लेकिन हमारी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना हमारी दोस्ती को और भी मजबूत बनाने का एकमात्र गुण नहीं है। हमारा एक साझा दृष्टिकोण है, कि 2030 तक हम और भी मजबूत साझेदारी का आनंद लेंगे... गृह सचिव के रूप में, मैं विशेष रूप से हमारे दोनों देशों के बीच सुरक्षा मामलों पर सहयोग को महत्व देती हूं। यह भारत और यूके में घरेलू स्तर पर महत्वपूर्ण है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अधिक व्यापक रूप से महत्व रखता है, खासतौर पर इंडो-पैसिफिक में इसका काफी महत्व है।"

नई ब्रिटिश सरकार का नजरिया क्या है?
पिछले महीने ही ब्रिटेन में लिज ट्रस के नेतृत्व में नई सरकार बनी है, जो अपने आर्थिक फैसलों को लेकर विवादों में है। वहीं, पिछले हफ्ते ब्रिटिश मंत्रियों ने संकेत दिए थे, कि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता दिवाली तक होने की उम्मीद नहीं है, जबकि, पूर्ववर्ती बोरिस जॉनसन की सरकार ने दिवाली तक भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता फाइनल करने का लक्ष्य रखा था। इसी को लेकर दीवाली कार्यक्रम के दौरान ब्रिटिश गृहमंत्री ब्रेवरमैन ने यह दोहराना चाहा, कि लिज ट्रस की नेतृत्व वाली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा निर्धारित गति पर निर्माण करने के लिए दृढ़ है। उन्होंने कहा कि, "स्पष्ट रूप से, यूरोपीय संघ (ईयू) छोड़ने का मतलब है कि यूनाइटेड किंगडम यूरोसेंट्रिक मानसिकता से बाहर सोचने और हर क्षितिज को देखने और भारत जैसे पुराने दोस्तों के साथ संबंधों को संजोने और पोषित करने के लिए बेहतर स्थिति में है। पॉइंट-बेस्ड इमिग्रेशन सिस्टम का मतलब है, कि अब हम यूरोप के लोगों को कहीं और के लोगों के पक्ष में नहीं रखते हैं। इस बीच, यूके में सभी विदेशी छात्रों में से लगभग एक चौथाई भारत से हैं।"
भारतीय परिधान में आईं नजर
सबसे खास बात ये थी, कि दिवाली कार्यक्रम के दौरान ब्रिटिश गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन भारतीय परिधान लहंगा में नजर आईं और इस दौरान कार्यक्रम में ब्रिटेन के वरिष्ठ सांसदों के अलावा व्यापार जगत की वरिष्ठ हस्तियां, राजनयिक भी मौजूद थे। कार्यक्रम में बोलते हुए सुएला ब्रेवरमैन ने अपनी भारतीयता का परिचय दिया और बताया, कि कैसे उनकी यात्रा केरल से होते हुए बिहार और फिर दिल्ली से कोलकाता तक रही। उन्होंने भारत और ब्रिटेन के रिश्ते को फ्रेश और जीवंत बताया। उन्होंने कहा कि, "भारत मेरे दिल में है, वह मेरी आत्मा में है, वह मेरे खून में है। मुझे बहुत गर्व है, कि मेरे पिता की जड़ें और उनका परिवार गोवा में है और मेरी मां का पैतृक मूल मद्रास में है।" उन्होंने कहा कि, "भारत मेरी अपनी विरासत का हिस्सा है, मैं अपने परिवार के दोनों तरफ से भारतीय हूं। मेरी मां मॉरीशस से यहां आई थीं और मेरे पिता केन्या से यहां आए थे। यहां आने से पहले ही उन्होंने ब्रिटेन के लिए एक गहरा संबंध और प्यार महसूस किया। यह एक प्यार है जिसे मैं साझा करती हूं। और, मैंने इसमें कभी कोई विसंगति नहीं देखी, क्योंकि कोई विसंगति नहीं है।"

भारतीय संस्कृति को समझें ब्रिटिश
ब्रिटिश गृहमंत्री ने कहा कि, वह चाहती हैं कि ब्रिटिश लोग भारत में जाकर वहां की संस्कृति को समझें और ब्रिटेन में आकर भारतीय संस्कृत को गहराई से जीने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि, "हम एक दूसरे के देशों के भोजन, संगीत, फिल्मों और कला का बड़े चाव से सेवन करते हैं। भारत की कहानी और यूके की कहानी इतनी गहराई से जुड़ी हुई है कि वे काफी हद तक एक ही कहानी हैं।"












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