पत्नी का टैक्स बचाने ऋषि सुनक ने बदल दिए नियम? नारायण मूर्ति के दामाद बन पाएंगे ब्रिटेन के PM?
ऋषि सुनक के ऊपर अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति का 20 मिलियन पाउंड टैक्स बचाने का आरोप लगा है और ऋषि सुनक ब्रिटेन के काफी ताकतवर नेताओं में से एक माने जाते हैं।
लंदन, अप्रैल 08: पत्नी अक्षता मूर्ति के कारोबार और दौलत ने ब्रिटेन के वित्तमंत्री ऋषि सुनक की मुसीबतें काफी बढ़ा दी हैं और ब्रिटेन की विपक्षी पार्टियां ऋषि सुनक पर काफी हमलावर हैं। ऋषि सुनक को ब्रिटेन का संभावित वित्त मंत्री माना जाता है और अपनी साफ छवि के लिए प्रसिद्ध ऋषि सुनक को ब्रिटेन में काफी समर्थन है, लेकिन पत्नी के कारोबार ने ऋषि सुनक की राजनीतिक स्थिति को डंवाडोल कर दिया है और अब सवाल उठ रहे हैं, कि क्या ऋषि सुनक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बन पाएंगे?

पत्नी के कारोबार पर घिरे
ब्रिटेन के विपक्ष ने इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति की बेटी और भारत में जन्मी अक्षता मूर्ति की गैर-अधिवास टैक्स स्थिति पर सवाल उठाया है, और अक्षता मूर्ति के पति - यूके के चांसलर ऋषि सुनक से तत्काल स्पष्टीकरण की मांग की है। गैर-अधिवास दर्जे का मतलब यह है, कि अक्षता मूर्ति, जिसके पास इंफोसिस में शेयर हैं, ब्रिटेन में विदेशों में अर्जित इनकम पर टैक्स का भुगतान करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है। जिसके बाद 42 साल की अक्षता मूर्ति के एक प्रवक्ता, जो वेंचर कैपिटल फर्म कैटामारन यूके के निदेशक हैं, उन्होंने कहा कि, गैर-अधिवास का दर्जा इसलिए है, क्योंकि भारत दोहरी राष्ट्रीयता को मान्यता नहीं देता है और भारत से आने वाले सभी प्रोफेशनल्स यूके में सभी कानूनी रूप से आवश्यक टैक्स का भुगतान करता है। ऋषि सुनक पर आरोप इसलिए लग रहे हैं, क्योंकि विपक्ष का आरोप है, कि वित्त मंत्री बनने के बाद उन्होंने देश के टैक्स स्ट्रक्चर में ऐसा बदलाव किया, कि कानूनी तौर पर उनकी पत्नी टैक्स देने से बच सकें, क्योंकि वो ब्रिटेन की नहीं, बल्कि भारत की नागरिक हैं और 'नो-डोमिसाइल' सर्टिफिकेट के आधार पर ब्रिटेन में रह रही हैं।

कौन हैं अक्षता मूर्ति?
अक्षता मूर्ति, भारत की आईटी दिग्गज कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति की बेटी हैं, जिन्होंने भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक ऋषि सुनक से शादी की है। वहीं, विवाद पर अक्षता मूर्ति की प्रवक्ता ने कहा कि, "अक्षता मूर्ति भारत की नागरिक हैं, उनके जन्म का देश और माता-पिता का घर भारत है।" प्रवक्ता ने कहा कि, "भारत अपने नागरिकों को एक साथ दूसरे देश की नागरिकता रखने की अनुमति नहीं देता है। इसलिए, ब्रिटिश कानून के अनुसार, अक्षता मूर्ति को यूके के टैक्स उद्देश्यों के लिए गैर-अधिवासी माना जाता है। उन्होंने हमेशा यूके के नियमों के मुताबिक, अपने इनकम पर टैक्स का भुगतान किया है'। आपको बता दें कि, अक्षता मूर्ति पर 20 मिलियन पाउंड टैक्स नहीं देने का आरोप लगा है।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने क्या कहा
वहीं, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने गुरुवार को देश की नई ऊर्जा रणनीति के शुभारंभ के लिए एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र की यात्रा के दौरान, अक्षता मूर्ति के सवाल पर टिप्पणी करते हुए इस मुद्दे पर जानकारी होने से इनकार कर दिया। जॉनसन ने कहा कि, "मुझे लगता है कि राजनीति में यह बहुत महत्वपूर्ण है, कि आपको (मीडिया और विपक्ष) कोशिश करनी चाहिए, कि जो लोग राजनीति में हैं, उन्हें आप राजनीति से दूर ही रखें"। लेकिन विपक्षी लेबर पार्टी के नेता सर कीर स्टारर ने तथाकथित "गैर-डोम" व्यवस्था को "लुभावनी पाखंड" कहा और जोर देकर कहा कि, जॉनसन के वित्त मंत्री के पास अपने परिवार के फाइनेंस के बारे में "जवाब देने के लिए बहुत गंभीर प्रश्न" हैं।

ऋषि सुनक से सफाई की मांग
लेबर पार्टी के नेता स्टारर ने कहा कि, "यह एक बार फिर दिखाता है कि हमें एक ऐसा चांसलर मिला है, जो उन संघर्षों (यूक्रेन संकट) से पूरी तरह से खुद को बाहर रखे हुए हैं, जो इस समय इतने सारे लोगों की जिंदगी को संकट में डाले हुए है'। वहीं, लिबरल डेमोक्रेट पार्टी ने यह भी मांग की है, कि सुनक को "सफाई देने की जरूरत है" कि उनका परिवार क्या विदेश (भारत) में टैक्स चुकाता है और क्या वो देश (कोई बाहरी देश) टैक्स हेवन है?'

कहां से शुरू हुआ विवाद?
ब्रिटिश वित्त मंत्री ऋषि सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ति के टैक्स को लेकर विवाद उस वक्त शुरू हुआ, जब वित्त मंत्री बनने के बाद ऋषि सुनक ने ये वित्त वर्ष के लिए नये टैक्स स्ट्रक्चर का ऐलान किया। 'द इंडिपेंडेंट' अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, नये टैक्स स्ट्रक्चर के ऐलान के बाद ब्रिटेन की विपक्षी पार्टी लेबर पार्टी ने ऋषि सुनक से उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति के व्यवसाय और उनके टैक्स को लेकर सफाई की मांग की। ऋषि सुनक इस वक्त अपने परिवार के साथ लंदन में 11-डाउनिंग स्ट्रिट में रहते हैं और ब्रिटेन की विपक्षी पार्टियों का कहना है कि, ऋषि सुनक ने जो टैक्स स्ट्रक्चर जारी किया है, उसमें उन्होंने टैक्स रिडक्शन स्कीम के जरिए अपनी पत्नी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की है, जो गैर-अधिवास दर्जे पर ब्रिटेन में रहती हैं।

ऋषि सुनक पर विपक्ष कड़ा
लेबर पार्टी के ट्रेजरी के आर्थिक सचिव ट्यूलिप सिद्दीकी ने कहा कि, 'चांसलर ने टैक्स वृद्धि के बाद फिर से टैक्स को बढ़ा कर ब्रिटेन के लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है, जबकि ये काफी चोंकाने वाला है कि उसी समय टैक्स योजनाओं में कटौती का लाभ उनके परिवार को हो रहा है'। बांग्लादेशी मूल के ब्रिटिश लेबर पार्टी के नेता ट्यूलिप सिद्दीकी ने कहा कि, 'ऋषि सनक को अब तत्काल स्पष्टीरपण जारी करना चाहिए कि, उन्होंने और उनके परिवार ने अपने स्वयं का चैक्स बिल कितना बचाया है, जबकि वह लाखों कामकाजी परिवारों के ऊपर टैक्स लगा रहे हैं'।

ऋषि सुनक सरकार को दे चुके हैं जानकारी
आपको बता दें कि, ब्रिटिश कानून के तहत अक्षता मूर्ति को 15 सालों के बाद खुद-ब-खुद ब्रिटिश नागरिक मान लिया जाएगा, जबकि वो पिछले 9 सालों से ब्रिटेन में रह रही हैं। वहीं, ब्रिटेन के सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह समझा जाता है कि, ऋषि सुनक ने अपनी पत्नी की टैक्स स्थिति को कैबिनेट कार्यालय में उस वक्त घोषित किया था, जब वह 2018 में मंत्री बने थे और साथ ही उन्होंने एक साल बाद यूके के ट्रेजरी मेंपहली बार अपनी भूमिका निभाई थी। यानि, सरकार का मानना है कि, ऋषि सुनक पहले ही अपनी पत्नी के टैक्स को लेकर सारी जानकारियां सरकार को दे चुके हैं। आपको बता दें कि, इंफोसिस का कारोबार रूस में भी है और इंफोसिस में अक्षता मूर्ति का भी शेयर है, लिहाजा ब्रिटेन में यूक्रेन युद्ध के बाद इस मुद्दे पर भी लोगों में गुस्सा है और ऋषि सुनक से सवाल पूछे जा रहे हैं। ब्रिटिश न्यूज चैनल 'स्काई न्यूज' से बात करते हुए ऋषि सुनक ने साफ तौर पर अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारा है और कहा है कि, पत्नी के व्यापार से उन्हें कोई मतलब नहीं है। ऋषि सुनक से सवाल पूछा गया है, कि, ब्रिटेन ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन वो खुद प्रतिबंधों का पालन क्यों नहीं कर रहे हैं?

कौन हैं ऋषि सुनक?
आपको बता दें कि, 12 मई 1980 को जन्मे ऋषि सुनक यूनाइटेड किंगडम के बड़े राजनेता माने जाते हैं, जिन्होंने फरवरी 2020 में ब्रिटेन के वित्तमंत्री का कार्यभार संभाला था। वह कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य हैं और 2019 से 2020 तक ट्रेजरी के मुख्य सचिव के रूप में भी कार्य किया। ऋषि सुनक 2015 से उत्तरी यॉर्कशायर में रिचमंड (यॉर्क) सीट से संसद सदस्य हैं और साउथेम्प्टन में पूर्वी अफ्रीका से आए भारतीय माता-पिता के संतान हैं। उनके माता पिता पूर्वी अफ्रीका से यूनाइटेड किंगडम गये थे। ऋषि सुनक ने अपनी शिक्षा विनचेस्टर कॉलेज से प्राप्त की और बाद में उन्होंने लिंकन कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की और बाद में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से फुलब्राइट स्कॉलर के रूप में एमबीए किया।

पंजाब से अफ्रीका गये थे माता-पिता
ऋषि सुनक के माता पिता मूल रूप से भारत के पंजाब के रहने वाले थे और वो बाद में पूर्वी अफ्रीका चले गये थे, लेकिन फिर वो पूर्वी अफ्रीका से लंदन आ गये। ऋषि सुनक के पिता एक डॉक्टर थे, जबकि उनकी मां एक केमिस्ट थीं और दवा की दुकान चलाती थीं। राजनीति में कदम रखने से पहले ऋषि सुनक एक इन्वस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स और हेज फंड में काम करते थे और बाद में उन्होंने अपनी इन्वेस्टमेंट कंपनी भी बनाई। बाद में ऋषि सुनक की बनाई कंपनी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म की बाजार वैल्यू करीब 10 करोड़ पाउंड से भी ज्यादा हो गई।

गीता पर हाथ रखकर शपथ
आपको बता दें कि ब्रिटेन में काफी मशहूर हो चुके ऋषि सुनक 2017 से ही श्रीमद्भागवत गीता पर हाथ रखकर अपने पथ की शपथ लेते आए हैं और उनकी उम्र अभी सिर्फ 41 साल है। उनका परिवार पहले भारत से ईस्ट अफ्रीका गया था और फिर ईस्ट अफ्रीका से ब्रिटेन आ गया था। उनका संबंध एक साधारण परिवार से रहा है, लिहाजा ब्रिटेन के आम नागरिकों के बीच वो काफी पसंद किए जाते हैं और उनके काम को लेकर उनकी काफी तारीफ होती है। 2020 में भी जब ब्रिटेन की एक प्राइवेट कंपनी ने सर्वे करवाया था तो ब्रिटेन की करीब 60 प्रतिशत जनता ने ऋषि सुनक को अपना पसंदीदा प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताया था। और ब्रिटेन में ऋषि सुनक को देश के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर देखा जाता है, लेकिन नये विवादों ने ऋषि सुनक की राजनीतिक मजबूती को कम कर दिया है।












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