यरुशलम के मुद्दे पर अमेरिका ने UN में लगाया वीटो
यरुशलमः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो सप्ताह पहले यरुशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता दी थी, उनके इस फैसला का दुनिया भर के कई देशों में विरोध हुआ था। अमेरिका के फैसले को खारिज करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में एक मसौदा प्रस्ताव तैयार किया था, जिस पर अमेरिका ने वीटो लगा दिया है। अमेरिका ने वीटो लगा दिया हो लेकिन सुरक्षा परिषद के अन्य 14 देशों ने इस प्रावधान का समर्थन किया था।

निक्की हेले ने अमेरिकी वीटो का इस्तेमाल किया
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की हेले ने अमेरिकी वीटो का इस्तेमाल किया, वीटो के बाद यरुशलम मुद्दे पर अमेरिका अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अलग-थलग पड़ गया है। संयुक्त राष्ट्र में बोलते हुए निक्की हेले ने कहा,'अमेरिका को कोई देश नहीं बता सकता कि हम अपना दूतावास कहां रख सकते हैं।'

संयुक्त राष्ट्र में इस मुद्दे पर मतदान करवाने का अनुरोध किया है
मिस्र ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र में इस मुद्दे पर मतदान करवाने का अनुरोध किया है। मिस्र ने कहा था कि यरुशलम एक ऐसा मुद्दा है जिसे इजरायल और फिलीस्तीन के साथ बातचीत के ज़रिए सुलझाया जाना चाहिए। मिस्त्र ने यरुशलम की स्थिति पर भी गहरी चिंता जताई थी।

6 दिसंबर को की थी घोषणा
इस बात की आशंका जताई जा रही थी अमेरिका इस पर वीटो ले सकता है। बता दें, दुनिया के कई देशों से अलग होकर अमेरिका के राष्ट्रपति ने 6 दिसंबर को एक घोषणा की थी वो यरूशलम को इजराइल की राजधानी के रूप में मान्यता देंगे और अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से हटाकर उसे यरूशलम में स्थापित करे देंगे। उनकी इस घोषणा का कड़ा विरोध किया गया था।












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