ईरान में 2 आतंकियों को सड़क पर दी गई फांसी, ISIS की मदद से मस्जिद में किया था हमला, 13 लोगों की हुई थी मौत
ईरान में एक मस्जिद पर हमला करने वाले 2 आतंकियों को शनिवार को फांसी दे दी गई। इन दोनों को बीते साल अक्टूबर में ईरान के दक्षिणी शहर शिराज में एक शिया मस्जिद में हमला करने का दोषी पाया गया था।
इस हमले में 13 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले की जिम्मेदारी आईएसआईएस संगठन ने ली थी। इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। शनिवार को हमला करने वाली जगह के पास ही दोषियों को फांसी दी गई।

सुनवाई के दौरान आरोपियों ने कबूल किया था कि वो अफगानिस्तान में आतंकी संगठन ISIS के संपर्क में थे। उन्होंने मस्जिद पर हमला करने में आतंकियों की मदद की थी। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों आरोपियों का नाम मोहम्मद रमेज रशीदी और नईम हशेम घोटाली है।
बीते साल 16 मार्च को दोनों दोनों दोषियों को सजा सुनाई गई थी। इस मामले में तीन अन्य लोगों को आईएस का सदस्य होने के कारण पांच, 15 और 25 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।
पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक घटना को अंजाम देते समय एक हमलावर बैग में राइफल छिपाकर मंदिर में दाखिल हुआ था। जिसके बाद उसने मस्जिद में मौजूद लोगों पर अंधाधुन गोलीबारी शुरू कर दी।
हमलवार ने इस दौरान भागने और गलियारों में छिपने की कोशिश कर रहे लोगों को भी नहीं बख्शा और उन्हें ढूंढकर गोली मार दी। हालांकि पुलिस ने इस दौरान 2 आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि एक वहां से भागने में कामयाब हो गया था।
अधिकारियों ने कहा कि भागने वाले आतंकी की पहचान हमीद बदख्शां के रूप में की गई। बाद में उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन उसकी गिरफ्तारी के दौरान लगी चोटों से मौत हो गई।
एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान में साल 2023 में अभी तक 354 लोगों को फांसी दी जा चुकी है। नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स (आईएचआर) ने कहा कि फांसी की गति 2022 की तुलना में बहुत अधिक है। ईरान ने साल 2022 में 582 लोगों को फांसी की सजा दी थी।












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