'युक्रेन युद्ध को फंड कर रहे भारत और चीन', UN में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने उगला जहर, लगाया बड़ा आरोप
Trump speech in UNGA: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भाषण लगभग एक घंटे तक चला। न्यूयॉर्क में दिए गए इस भाषण में ट्रम्प ने भारत को लेकर दो बार टिप्पणी की, जो भारत के रुख पर सीधा हमला था। ट्रंप ने एक बार फिर से दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच "युद्ध रोका", जिसे उन्होंने ऐसे सात मामलों में से एक बताया।
हालांकि इससे पहले ट्रंप ये दावा अब तक 36 से अधिक बार कर चुके हैं लेकिन वैश्विक कूटनीति के सबसे बड़े मंच पर ऐसा पहली बार हुआ। ट्रंप ने दोनों देश के बीच सीजफायर करवाने का क्रेडिट लेते हुए अपने लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग की। इसके साथ ही ट्रम्प ने अपने भाषण ने भारत के लिए जो दूसरी टिप्पणी की वो चुभने और अचंभित कदेने वाली है। ट्रम्प ने कहा चीन और भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखकर यूक्रेन में चल रहे युद्ध के लिए प्राइमरी फाइंनेंसर है।

ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में यूरोपीय देशों से रूस और उससे खरीदारी करने वालों पर प्रतिबंध बढ़ाने का भी आग्रह किया, जिसमें यूरोप के कुछ देश भी शामिल हैं। पहले भी उन्होंने ऐसी खरीद को "पुतिन की युद्ध मशीन को ईंधन देने वाला इंजन" बताया है। ट्रंप ने कहा कि "शक्तिशाली शुल्कों का एक बहुत मजबूत दौर है, मेरे विचार में बहुत जल्दी रक्तपात रोक देगा।"
ट्रम्प का ये बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हाल ही में बढ़ी दोस्ती के बाद व्यापार वार्ता फिर से शुरू हो चुकी है।
गौरतलब है कि अगस्त 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय आयात पर 25% का अतिरिक्त शुल्क लगाया था, जिससे कुल शुल्क 50% हो गया, ताकि नई दिल्ली पर मॉस्को के साथ अपने तेल सौदों को समाप्त करने का दबाव डाला जा सके। भारत ने तर्क दिया है कि वह बेहतर कीमतों के लिए तेल खरीदना जारी रखेगा, और अमेरिका ने एक समय, रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला करने के बाद भी, वैश्विक कीमतों को कम रखने के लिए रूसी तेल खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया था।












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