Donald Trump China Tariff War: टैरिफ की जंग अब 145% तक पहुंची, चीन का पलटवार भी हुआ 84% का- क्या होगा असर?
Donald Trump China Tariff War: अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध अब अपने चरम पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आयातित वस्तुओं पर टैरिफ को बढ़ाकर 145% कर दिया है, जबकि चीन ने भी जवाब में 84% टैरिफ लगाकर अमेरिका को सीधी चुनौती दी है।
9 अप्रैल को ट्रंप ने 125% टैरिफ की घोषणा की, लेकिन व्हाइट हाउस ने बाद में स्पष्ट किया कि यह पहले से लगे 20% शुल्क के अतिरिक्त है, जो फेंटेनाइल सप्लाई चेन में चीन की कथित भूमिका के कारण लगाया गया था। इस तरह अब अमेरिका का कुल टैरिफ 145% हो चुका है - जो आधुनिक इतिहास में सबसे आक्रामक व्यापार नीति मानी जा रही है।

चीन ने भी छोड़ा कड़ा जवाब
चीन ने न सिर्फ 84% टैरिफ लागू कर दिया है, बल्कि उसने साफ कर दिया है कि 'हम टैरिफ युद्ध में अंत तक लड़ेंगे।' साथ ही चीन ने अमेरिका से दूरी बनाते हुए यूरोप और एशियाई देशों के साथ व्यापारिक संबंध मज़बूत करना शुरू कर दिया है।
क्या है व्यापार के आंकड़े?
- 2024 में चीन ने अमेरिका को $463 बिलियन का सामान और सेवाएं भेजीं
- अमेरिका से चीन को $199 बिलियन का निर्यात हुआ
- चीन अब अमेरिका का तीसरा सबसे बड़ा आयात स्रोत बन गया है, मैक्सिको और कनाडा के बाद
ट्रंप का तर्क क्या है?
- ट्रंप का कहना है, 'हम चाहते हैं कि दुनिया हमारे साथ उचित व्यवहार करे। अमेरिका इस वक्त बहुत अच्छी स्थिति में है।'
- टैरिफ को वह अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग और जॉब्स को सुरक्षित रखने का हथियार मानते हैं।
चीन की रणनीति क्या है?
चीन ने इस स्थिति को संभालने के लिए...
- यूरोपीय यूनियन से संपर्क बढ़ाया
- ASEAN देशों से बातचीत की
- प्रधानमंत्री ली ने कहा कि चीन 'हर अनिश्चितता से निपटने के लिए तैयार' है और 'नई नीतियां पेश करेगा।'
क्या होगा असर?
- वैश्विक व्यापार महंगा होगा - टैरिफ के कारण उत्पादों की लागत बढ़ेगी
- अमेरिकी उपभोक्ताओं पर असर - चीनी वस्तुएं महंगी होंगी
- आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव - कंपनियां चीन के बजाय वियतनाम, मैक्सिको जैसे विकल्प तलाशेंगी
- ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता - स्टॉक्स और करेंसी बाजार पर असर पड़ सकता है
क्या आगे बातचीत की संभावना है?
फिलहाल चीन ने बातचीत से इंकार किया है और अमेरिका भी आक्रामक मोड में है। ऐसे में निकट भविष्य में समाधान मुश्किल लगता है। टैरिफ की ये जंग सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि राजनीतिक, कूटनीतिक और वैश्विक शक्ति संतुलन की लड़ाई बन चुकी है। अमेरिका ने जहां 145% टैरिफ के जरिए चीन पर दबाव बनाया है, वहीं चीन भी 84% के पलटवार और नए गठबंधन के जरिए अपनी स्थिति मज़बूत कर रहा है। अब सवाल है - क्या यह टकराव विश्व व्यापार की दिशा ही बदल देगा? या फिर आने वाले समय में कोई डील या समझौता इसका हल निकालेगा? वक्त ही बताएगा।












Click it and Unblock the Notifications