'Tiktok पर भारत ने लगाया बैन, FBI भी खिलाफ', हम US से क्यों न निकालें? सवाल पर CEO की बोलती बंद
डेबी लेस्को ने 21 मार्च को फोर्ब्स के एक लेख का जिक्र करते हुए कहा जिसमें खुलासा किया गया था कि कैसे टिकटॉक का इस्तेमाल करने वाले भारतीय नागरिकों का डेटा कंपनी और उसके बीजिंग स्थित आकाओं तक पहुंच रहा है।

Image: Oneindia
बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और कंपनी पर चीनी सरकार के संभावित प्रभाव के बीच टिकटॉक के सीईओ शौ जी च्यू ने गुरुवार को अमेरिकी कांग्रेस के सामने गवाही दी। इस दौरान च्यू को पांच घंटे से भी अधिक समय तक हाउस एनर्जी एंड कॉमर्स कमेटी के कई कड़े सवालों का सामना करना पड़ा। अमेरिकी सांसदों द्वारा बाइटडांस पर चीनी सरकार के प्रभाव को लेकर च्यू ने कहा कि उनकी चीनी आईटी कंपनी चीनी सरकार के साथ डेटा शेयर नहीं करती है। च्यू ने कहा कि अमेरिका में टिकटॉक के 150 मिलियन यूजर्स का डेटा बिल्कुल सुरक्षित है।
भारत बैन का दिया उदाहरण
सुनवाई के दौरान डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन दोनों ही पार्टियों के सांसदों ने टिकटॉक सीईओ पर तीखे हमले किए। अमेरिकी रिपब्लिकन सांसद डेबी लेस्को ने पूछताछ के दौरान भारत और अन्य देशों का हवाला दिया। लेस्को ने कहा कि टिकटॉक के बारे में सालों से कई दावे किए जाते रहे हैं। किसी न किसी वजह से इसे कई देशों में बैन किया जा चुका है? आखिर इतने देश और उसके साथ ही हमारे एफबीआई निदेशक कैसे गलत हो सकते हैं?" इस पर च्यू ने कहा कि मुझे लगता है कि बहुत सारे देशों की चिंता काल्पनिक और सैद्धांतिक हैं। इसका किसी ने अभी तक सबूत नहीं दिया है।
फोर्ब्स की रिपोर्ट में खुलासा
च्यू के जवाब के बाद एक बार फिर से डेबी लेस्को ने सुरक्षा चिंता को दोहराते हुए भारत की तरफ से लगाए गए प्रतिबंध की चर्चा की। लेस्को ने अपने साथियों से 21 मार्च को फोर्ब्स के एक लेख की जानकारी दी। दरअसल तीन दिन पहले फोर्ब्स ने खुलासा किया था कि टिकटॉक के पास अब भी भारतीय नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा के ट्रूप्स तक पहुंच है। टिकटॉक के एक कर्मचारी ने फोर्ब्स को बताया कि मुझे नहीं लगता कि भारतीयों को यह पता है कि प्रतिबंध के बावजूद उनका कितना डेटा अभी चीन के सामने है। सार्वजनिक हस्तियों और बाकी लोगों सहित भारत में जो भी टिकटॉक यूजर्स रहे हैं, उनके डिटेल्ड डेटा को टिकटॉक दोबारा प्राप्त कर सकता है और उसका विश्लेषण कर सकता है।
टिकटॉक सीईओ ने क्या दिया जवाब
अमेरिकी सांसद के इस दावे पर टिकटॉक सीईओ च्यू ने जवाब दिया कि यह हाल में ही प्रकाशित हुआ एक लेख है। उन्होंने इस आर्टिकल को लेकर अपनी टीम को सूचित किया है और इसके बारे अधिक जानकारी जुटाने को कहा है। च्यू ने कहा कि उनके यहां पर कठोर डेटा एक्सेस प्रोटोकॉल है। ऐसा संभव नहीं है कि कोई भी यूजर्स के डेटा तक आसानी से पहुंच सकता है। च्यू ने यकीन दिलाते हुए कहा कि उनकी कंपनी कंटेंट को किसी भी सरकारी हस्तक्षेप से मुक्त रखेगी।












Click it and Unblock the Notifications