इस हरकत की टीचर ने बच्ची को दी ऐसी सजा कि जीवन भर के लिए अपंग हो गई बच्ची
हमारे वेद-पुराणों में अध्यापक को भगवान का दर्जा दिया गया है, लेकिन यहां हम जिस अध्यापिका की बात करने जा रहे हैं वह इतनी पत्थरदिल हो गई कि उसकी वजह से एक छात्रा जीवन भर के लिए विकलांग हो गई।
बीजिंग, 9 अक्टूबर। हमारे वेद-पुराणों में अध्यापक को भगवान का दर्जा दिया गया है, लेकिन यहां हम जिस अध्यापिका की बात करने जा रहे हैं वह इतनी पत्थरदिल हो गई कि उसकी वजह से एक छात्रा जीवन भर के लिए विकलांग हो गई। दरअसल यह मामला चीन के एक स्कूल का है। आइए जानते है कि टीचर ने उस बच्ची के साथ ऐसा क्या किया जिससे वह जीवन भर के लिए अपंग हो गई।

क्लास में चुपके से लंच कर रही थी बच्ची
दरअसल यह मामला चीन के एक स्कूल का है, जहां एक बच्ची क्लास में ही टीचर से छुपकर लंच करने लगी यह भी खबर है कि वह खाने में कुछ ऐसा लाई थी जिसे लाने की स्कूल में अनुमति नहीं थी, जो कि कोई बड़ी बात नहीं है। बच्चे खाने-पीने की चीजों में अक्सर ऐसा करते हैं। लेकिन अचानक वह बच्ची टीचर की नजरों में आ गई। अध्यापिका ने जैसे ही बच्ची को क्लास में खाना खाते देखा वह गुस्से से आग बबूला हो गई। फिर क्या था अध्यापिका ने सजा के तौर पर बच्ची से सैकड़ों उठक-बैठक लगवाने का फरमान जारी कर दिया। 14 वर्षीय वह लड़की दक्षिण-पश्चिमी चीन का सिचुआन प्रांत के एक स्कूल में 10वीं की छात्रा थी। बच्ची की मां ने बताया कि यह घटना 10 जून को रात्रि 10 बजे घटी।

बच्ची को दी 300 उठक-बैठक लगाने की सजा
दरअसल शिक्षिका को उस बच्ची के बिस्तर पर कुछ नाश्ता मिला। पूछने पर लड़की ने बताया कि यह नाश्ता उसका नहीं है। इसके बावजूद टीचर ने उसे 300 उठक-बैठक करने की सजा दी। सजा देने के बाद वह टीचर वहां से चली गई लेकिन दूसरे टीचर से सजा पूरी होने तक बच्ची की निगरानी करने को कहा। बता दें कि उस बच्ची के पैर में अप्रैल 2020 में चोट लगी थी, इस बात का टीचर को पता था, लेकिन फिर भी उस बच्ची को सजा दी गई। 150 उठक-बैठक लगाने के बाद बच्ची की तबीयत खराब हो गई। उसके माता पिता बच्ची को तुरंत अस्पताल ले गए।

डॉक्टर की बात सुनकर माता-पिता के उड़ गए होश
इसके बाद वो हुए जिसने बच्ची और उसके मां-बाप के होश उड़ा दिए। अस्पताल के डॉक्टर ने कहा कि यह बच्ची अब कभी भी अपने पैरों पर नहीं चल सकती, इसे जीवन भर बैसाखी के सहारे चलना पड़ेगा। डॉक्टर की बातों से बच्ची को मानसिक स्तर पर भारी आघात पहुंचा है और तभी से वह डिप्रेसन में है। जब स्कूल को बच्ची की हालत का पता चला तो स्कूल प्रशासन ने तुरंत अध्यापिका को सस्पेंड कर दिया और मामले की जांच के आदेश दिये। खबरों के अनुसार स्कूल के बच्ची को हर्जाने के तौर पर 13 लाख रुपए का भुगतान करने के लिए कहा गया, जिसे उसके माता-पिता ने लेने से मना कर दिया। बता दें की चीन मे इस तरह का यह दूसरा मामला है।












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