'भारत पीछे नहीं हटा तो', टैरिफ विवाद पर अमेरिका का नया अल्टीमेटम, धैर्य को कमजोरी न समझने की चेतावनी
भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ विवाद लगातार गहराता जा रहा है। रिश्तों में नरमी की बजाय खिंचाव बढ़ता दिख रहा है। ऐसे माहौल में अमेरिकी राष्ट्रीय आर्थिक परिषद के निदेशक केविन हैसेट (Kevin Hassett) ने साफ चेतावनी दी है कि अगर भारत झुकने को तैयार नहीं हुआ, तो राष्ट्रपति ट्रंप भी किसी तरह की रियायत नहीं देंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय आयात पर अमेरिकी टैरिफ दोगुना होकर 50% तक पहुंच चुका है।
ट्रंप के टॉप एडवाइजर हैसेट ने बुधवार को कहा कि, 'अगर भारत नहीं झुकता, तो मुझे नहीं लगता कि राष्ट्रपति ट्रंप भी झुकेंगे।' उन्होंने भारत के व्यापारिक रुख से व्हाइट हाउस की निराशा की ओर इशारा किया, क्योंकि वाशिंगटन ने भारतीय आयातों पर टैरिफ दोगुना कर दिया है।

भारत पर 'अड़ियल' रवैया अपनाने का आरोप
व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए, हैसेट ने भारत पर अमेरिकी उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने में 'अड़ियल' रवैया अपनाने का आरोप लगाया और सुझाव दिया कि अगर नई दिल्ली झुकने से इनकार करता है, तो राष्ट्रपति ट्रंप अपना रुख और कड़ा कर सकते हैं।
हैसेट ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह एक मुश्किल रिश्ता है।' उन्होंने आगे कहा कि, 'इसका एक कारण वह दबाव है जो हम शांति समझौता करने और लाखों लोगों की जान बचाने के लिए रूस पर डाल रहे हैं। और फिर हमारे उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने में भारत की अड़ियल रवैया है।'
भारतीय सामानों पर 50% तक पहुंचा टैरिफ
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा विभाग ने पुष्टि की है कि ट्रंप के 6 अगस्त के कार्यकारी आदेश के बाद, बुधवार को अमेरिका में प्रवेश करने वाले भारतीय सामानों पर शुल्क 50 प्रतिशत तक बढ़ गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम भारत द्वारा रूसी तेल की निरंतर खरीद और व्यापार समझौते पर बातचीत की धीमी गति, दोनों के कारण उठाया गया है।
धैर्य को कमजोरी न समझने की चेतावनी
हैसेट ने बातचीत को एक लंबी प्रक्रिया बताया, लेकिन चेतावनी दी कि धैर्य को कमजोरी न समझा जाए। उन्होंने कहा कि, 'जब आप व्यापार वार्ताओं को देखते हैं, तो हम सभी ने एक सबक सीखा है कि आपको अपनी नजर क्षितिज (लंबी दूरी की सोच) पर रखनी चाहिए और यह समझना चाहिए कि अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उतार-चढ़ाव आते रहेंगे।'
भारत के साथ समझौते की गुंजाइश
इससे पहले, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भी द्विपक्षीय संबंधों के बारे में बात की और कहा कि ये 'जटिल' हैं, लेकिन उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देश 'अंततः' एक साथ आ जाएंगे। फॉक्स बिजनेस को दिए एक साक्षात्कार में, बेसेंट ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मई या जून तक भारत के साथ एक व्यापार समझौता हो जाएगा।












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