डेनमार्क के दौरे पर विदेश मंत्री से मिले एस जयशंकर, इन मुद्दों पर हुई बातचीत
कोपेनहेगन, सितंबर 05। डेनमार्क के दौरे पर गए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को अपने समकक्ष जेप्पे कोफोड से मुलाकात की। इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि डेनमार्क के साथ भारत के संबंधों की खासियत ही यही है कि दोनों देशों के बीच हरित रणनीतिक साझेदारी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने समकक्ष से मुलाकात के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त कार्य समूहों की प्रगति की समीक्षा की। आपको बता दें कि विदेश मंत्री क्रोएशिया की यात्रा संपन्न कर डेनमार्क पहुंचे हैं।

हमारे मुद्दों को डेनमार्क से मिल रहा है सपोर्ट
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस दौरान कहा कि हमारे पास इंडिया में से 200 डेनिश कंपनियां काम कर रही हैं। हमारे यहां भारतीय कंपनियों की संख्या बढ़ रही है। हमने अपने स्वयं के द्विपक्षीय सहयोग के अलावा इस बात पर भी चर्चा की कि हम यूरोपीय संघ के साथ अपने बड़े व्यापार-निवेश समझौतों को कैसे आगे बढ़ा सकते हैं और जो हमारे पास है, मुझे विश्वास है कि उसे डेनमार्क का समर्थन प्राप्त है।
इसके अलावा दोनों समकक्षों के बीच स्वास्थ्य सेवा पर भी बाातचीत हुई। जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में हमारे संयुक्त कार्य समूहों में निरंतर प्रगति हो रही है। उन्होंने डेनमार्क की कंपनियों वेस्तास, ग्रंडफोस, सीआईपी, हल्दोर टॉपसो और मार्सक और चैंबर प्रतिनिधियों के सीईओ के साथ भी चर्चा की। विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने संयुक्त आयोग में विचार-विमर्श किया जिसने अगले पांच वर्षों के लिए संयुक्त कार्य योजना तैयार की है। उन्होंने बीते डेढ़ वर्ष के दौरान यात्रा संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए काम करने वाले दोनों ओर के अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा, '' हमने देखा कि कोविड के दौर में किस तरह संयुक्त कार्य योजना का क्रियान्वयन हुआ।'' उन्होंने बताया, ''हमारे संयुक्त आयोग में 10 कार्य समूह हैं और हमने अभी अभी स्वास्थ्य विषय पर 11वां कार्य समूह जोड़ा है। कोविड के संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता स्पष्ट है।''












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