टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल: ओपनिंग जोड़ियां निभा सकती हैं जीत में अहम भूमिका
मेलबर्न में रविवार को खेले जाने वाले टी-20 विश्व कप के फाइनल का परिणाम काफी हद तक पाकिस्तान और इंग्लैंड की ओपनिंग जोड़ियों पर निर्भर रहने वाला है. असल में इन जोड़ियों ने ही दोनों को सेमीफाइनल में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है.
सही मायनों में पॉवरप्ले इस फाइनल में मैच की दिशा तय करने वाला है. इसकी वजह है कि दोनों टीमों की बल्लेबाजी की जान ओपनिंग जोड़ियां हैं.
इंग्लैंड के ओपनर जोस बटलर और एलेक्स हेल्स तो इस पूरे अभियान में इंग्लैंड के लिए अहम भूमिका निभाते रहे हैं. लेकिन पाकिस्तान के ओपनरों कप्तान बाबर आज़म और रिज़वान की जोड़ी ने सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के ख़िलाफ़ शतकीय साझेदारी निभाकर लय पकड़ी है.
इसलिए पॉवरप्ले में जो जोड़ी टीम को झटका लगने से बचाकर 65 रन बना सकेगी, मैच उसके पक्ष में मुड़ सकेगा.
हेल्स हैं ज़बरदस्त फार्म में
एलेक्स हेल्स क्रिकेट के इस सबसे छोटे प्रारूप के बेहतरीन खिलाड़ी रहे हैं. लेकिन वह 2017 में ब्रिस्टल में पब के बाहर हुए झगड़े के बाद दल से बाहर कर दिए गए थे.
दोबारा टीम में लौटने के बाद से वह 14 टी-20 मैचों में 429 रन बना चुके हैं. यह रन उन्होंने 145.91 के स्ट्राइक रेट से बनाए हैं.
जहां तक जोस बटलर की बात है तो उन्हें इस प्रारूप के बेहतरीन क्रिकेटरों में गिना जाता है.
इस जोड़ी की गति थामने के लिए पाकिस्तान के पास शाहीन शाह आफ़रीदी होंगे. इस टूर्नामेंट की शुरुआत के समय शाहीन पूरी लय में नहीं दिख रहे थे, इसकी वजह चोट की समस्या के बाद टीम में लौटना था. पर सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के ख़िलाफ़ उन्होंने जिस तरह की गेंदबाज़ी की उससे वह पूरी लय में लौट आए हैं. उनका साथ निभाने के लिए नसीम और रऊफ़ रहेंगे.
जहां तक पेस अटैक की बात है तो उसमें पाकिस्तान इंग्लैंड के मुक़ाबले बेहतर नजर आता है. पर दिक्कत यह है कि उन्हें ऐसी टीम से पार पाना ह, जिसकी बल्लेबाज़ी में बहुत गहराई है.
इंग्लैंड की टीम की बल्लेबाज़ी की गहराई का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नौवें नंबर पर क्रिस वॉक्स बल्लेबाजी करने को आते हैं, जिन्हें ऑलराउंडर माना जाता है. उनके बाद आने वाले आदिल रशीद भी अच्छी बल्लेबाज़ी कर लेते हैं.
जहां तक पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी की बात है तो उसके पास बाबर आज़म और मोहम्मद रिज़वान की ओपनिंग जोड़ी के अलावा मोहम्मद हैरिस, शान मसूद, इफ्तिख़ार, मोहम्मद नवाज़ और शादाब ख़ान के रूप में अच्छे बल्लेबाज़ हैं.
पर शादाब के सातवें नंबर पर आने के बाद बल्लेबाज़ों से रनों की उम्मीद नहीं की जा सकती है.
इसलिए यह कहना कहीं ज़्यादा सही होगा कि यह मुक़ाबला दोनों टीमों की ओपनिंग जोड़ियों के अलावा इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी और पाकिस्तान की गेंदबाज़ी के बीच भी है.
पाकिस्तान की पेस बैट्री तो दमदार है ही, साथ ही उसके पास शादाब और मोहम्मद नवाज़ के रूप में दो अच्छे स्पिनर भी हैं. यह गेंदबाज़ी अटैक यदि इंग्लैंड को 150 रन तक रोकने में सफल रहा तो वह मैच को पाकिस्तान के पक्ष में मोड़ सकता है.
विकेट से मिलेगी गेंदबाज़ों को मदद
मेलबर्न के मैदान पर दोनों ही टीमें एक-एक मैच खेल चुकी हैं. दोनों को ही हार का सामना करना पड़ा था. पाकिस्तान को भारत से और इंग्लैंड को आयरलैंड के ख़िलाफ़ हार का सामना करना पड़ा था.
इस मैदान पर 160 का स्कोर चुनौतीभरा हो सकता है. आयरलैंड की टीम 157 रन बनाकर इंग्लैंड पर फतह करने में सफल रही थी.
इस मैदान पर बड़े स्कोर नहीं बन पाने की वजह है विक्टोरिया में इस सीज़न में बारिश. इस वजह से विकेट से गेंदबाज़ों को अतिरिक्त उछाल मिल रही है. इस कारण यहां पेस गेंदबाज घातक साबित हो रहे हैं.
इंग्लैंड के ट्रंप कार्ड साबित हो रहे हैं सैम करन
इंग्लैंड के पेस गेंदबाज़ सैम करन टीम के ट्रंप कार्ड साबित हो रहे हैं. भारत के ख़िलाफ़ टीम के मुख्य पेस गेंदबाज़ मार्क वुड की अनुपस्थिति में कप्तान जोस ने उन्हें अटैक की शुरुआत सौंपी तो वह इस भूमिका में सफल रहे.
वह असल में अच्छी स्विंग से बल्लेबाज़ की परीक्षा लेने में सफल रहते हैं. वैसे इंग्लैंड उनका डेथ ओवर्स में इस्तेमाल करता है और वह इस भूमिका को अच्छे से निभा रहे हैं. इंग्लैंड के कोच ने मार्क वुड के खेलने के बारे में कहा है कि उन्हें खिलाने का विकल्प खुला हुआ है. वह यदि खेलते हैं तो इंग्लैंड के अटैक में और जान आ जाएगी. वह इस विश्व कप के सबसे तेज गेंदबाज़ों में शुमार किया जा रहा है. वह 155 किलोमटर तक की रफ्तार से गेंद फेंक रहे हैं.
क्या भाग्य निभा रहा है पाकिस्तान का साथ
कहा जा रहा है कि पाकिस्तान के लिए 1992 में आईसीसी विश्व कप जैसी स्थितियां बन रहीं हैं. उस समय भी पाकिस्तान के नॉक-आउट दौर में पहुंचने की कोई संभावना नहीं दिख रही थी, लेकिन पाकिस्तान ने आखिर में ख़िताब जीता था.
इस बार भी अब तक कुछ ऐसी ही स्थितियां बन रहीं हैं. इस बार पाकिस्तान टीम दो मैचों में भारत और जिम्बाब्वे से हार गया तो माना गया कि वह टूर्नामेंट से बाहर हो गई.
लेकिन दक्षिण अफ्रीका के नीदरलैंड से हार जाने की वजह से उनकी लॉटरी लग गई और वह सेमीफाइनल में पहुंच गई. टीम अब ख़िताब से सिर्फ़ एक कदम दूर है.
पाकिस्तान को 1992 में जीत दिलाने में उस समय के तेज़ बल्लेबाज़ इंजमामुल हक़ ने अहम भूमिका निभाई थी.
इस बार यह भूमिका मोहम्मद हैरिस निभा सकते हैं. वह पाकिस्तान के लिए तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी करते हैं. वह अब तक 161.81 की स्ट्राइक रेट से 89 रन बना चुके हैं. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका पर जीत दिलाने के दौरान 11 गेंदों में 28 रन बनाकर अहम भूमिका निभाई है.
जब पाकिस्तान 1992 में चैंपियन बना था, उस समय रोज़े चल रहे थे. पर मौजूदा समय में रोज़े नहीं चल रहे हैं.
यह कहा जा रहा है कि पाकिस्तानी खिलाड़ी 1992 की तरह ही भाग्य को टीम पर मेहरबान बनाने के लिए आजकल रोज़े रख रहे हैं. लेकिन उनकी ये कोशिश कितना रंग लाएगी, यह देखने वाली बात होगी.
पिछला रिकॉर्ड इंग्लैंड के नाम था
दोनों टीमों के बीच टी-20 विश्व कप में इससे पहले दो बार मुक़ाबला हुआ है. 2009 में ओवल पर और 2010 में ब्रिजटाउन में दोनों का आमना-सामना हुआ था. दोनों मैच इंग्लैंड ने जीते थे.
पर इन मैचों को हुए दशक से ज़्यादा का वक्त बीत चुका है. इस बार दोनों ही टीमें मुश्किल दौर को पार करके फाइनल में पहुंची हैं इसलिए दोनों का मनोबल भी ऊंचा है.
लेकिन फाइनल का परिणाम काफी कुछ इस पर निर्भर करता है कि दोनों टीमों में से जो टीम मानसिक मज़बूती दिखा सकेगी, सेहरा उसके सिर बंधेगा.
हालांकि मेलबर्न में खेल पर बारिश का ख़तरा भी मंडरा रहा है. मौसम विभाग के अनुसार फाइनल वाले दिन शत प्रतिशत और रिज़र्व वाले दिन 95 प्रतिशत बारिश की आशंका है.
ऐसे में बारिश, दोनों टीमों के बीच होने वाले रोमांचक मैच की उम्मीदों पर पानी फेर सकती है. अगर दोनों दिन खेल नहीं हो सका तो दोनों टीमें संयुक्त विजेता बन जाएंगी.
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