यूक्रेन पर इस मुस्लिम देश का जोरदार पलटवार, रूस का साथ देते हुए तोड़ दिए सारे संबंध
सीरिया के विदेश मंत्रालय का ये बयान उस वक्त आया है. जब सीरिया के विदेश मंत्री फैसल मेकदाद ने ईरान की राजधानी तेहरान में रूस और तुर्की के नेताओं के साथ एक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था।
दमस्कस, जुलाई 21: रूस के करीबी सहयोगी सीरिया ने यूक्रेन के साथ डिप्लोमेटिक रिश्ते खत्म करने की घोषणा कर दी है। सीरिया ने कहा है कि, वह कीव के इसी तरह के कदम के जवाब में यूक्रेन के साथ औपचारिक रूप से राजनयिक संबंध तोड़ रहा है। सीरिया के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि, "सीरियाई अरब गणराज्य ने पारस्परिकता के सिद्धांत के अनुरूप यूक्रेन के साथ राजनयिक संबंध तोड़ने का फैसला किया है।"

यूक्रेन ने की थी शुरूआत
पिछले महीने के अंत में यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा था, कि सीरिया द्वारा पूर्वी यूक्रेन में डोनेट्स्क और लुहान्स्क के रूसी समर्थित अलग गणराज्यों को मान्यता देने के बाद कीव ने सीरिया से सारे संबंधों को तोड़े का फैसला किया है। उन्होंने कहा था कि, "यूक्रेन और सीरिया के बीच अब संबंध नहीं होंगे।" वहीं, अब सीरियाई विदेश मंत्रालय ने कहा है कि, यूक्रेन ने पहली बार 2018 में राजनयिक कर्मचारियों को आवास मुहैया कराने से इनकार कर दिया था और फिर संबंधो को तोड़ दिया था, जिसके बाद अब सीरिया के लिए यूक्रेन के साथ डिप्लोमेटिक संबंधों का पालन करवा असंभव हो गया है। सीरिया की तरफ से जो बयान जारी किया गया है, उसमें कहा गया है कि, उस समय सीरियाई दूतावास ने "यूक्रेनी सरकार के शत्रुतापूर्ण रवैये के परिणामस्वरूप" अपने कर्तव्यों को निलंबित कर दिया था। आपको बता दें कि, सीरिया ने यूक्रेन के साथ राजनियक रिश्ते उस वक्त खत्म किए हैं, जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान का दौरा किया है और ईरान के नेताओं के साथ साथ तु्र्की के राष्ट्रपति से मुलाकात की है।

रूस और सीरिया में मजबूत संबंध
सीरिया के विदेश मंत्रालय का ये बयान उस वक्त आया है. जब सीरिया के विदेश मंत्री फैसल मेकदाद ने ईरान की राजधानी तेहरान में रूस और तुर्की के नेताओं के साथ एक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। वहीं, सीरिया के विदेश मंत्री ने तेहरान में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की। वहीं, फरवरी में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद से अपनी दूसरी विदेश यात्रा में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन के साथ सीरिया में संघर्ष पर चर्चा की। आपको बता दें कि, सीरिया और रूस के बीच काफी गहरे संबंध हैं और रूस ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर-असद को राष्ट्रपति बनने में काफी मदद की। वहीं, गृहयुद्ध में जल रहे सीरिया में रूस की मदद से बशर-असद ने अपनी शक्ति को हमेशा मजबूत रखा है, जिसके बाद से ही मॉस्को और दमिश्क में काफी मजबूत रिश्ते बन गये। इसके बदले में 2018 में बशर-असद की सरकार ने रूस के साथ दो रूसी-प्रायोजित अलग गणराज्यों, अबकाज़िया और दक्षिण ओसेशिया को मान्यता दी, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जॉर्जिया के हिस्से के रूप में मान्यता प्राप्त है।

रूस के साथ ही रहता है सीरिया
इतना ही नहीं, सीरिया ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के विपरीत यूक्रेन के डोनेट्स्क और लुहान्स्क क्षेत्रों में अलग हो चुके राज्यों की स्वतंत्रता को भी मान्यता दी है। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में विश्लेषकों ने बताया था कि, सीरिया में शहरी लड़ाई लड़ने में माहिर लड़ाकों को रूस आकर्षक ऑफर देकर अपनी सेना में शामिल करने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि शहरी लड़ाई लड़ने में रूसी सैनिक माहिर नहीं हैं और इसीलिए रूस के लिए कीव पर कब्जा करना संभव नहीं हो पाया।












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