कुरान जलाने के बाद स्वीडन में बिगड़े हालात, सऊदी-ईरान भड़के, कौन हैं अपमान करने वाले रासमस?
स्वीडन की पुलिस के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में दंगे किए जा रहे हैं और चरमपंथी संगठन कई हिस्सों में पूरी प्लानिंग के साथ हमले कर रहे हैं।
स्टॉकहोम, अप्रैल 18: कुरान के कथित अपमान के बाद स्वीडन इन दिनों आग की लपटों में जल रहा है और स्वीडन में सरकारी संपत्तियों को दंगाई जमकर निशाना बना रहे हैं। ऐसा लग रहा है, कि स्वीडन को दंगाई जलाकर खाक कर देना चाह रहे हैं। जिसके बाद अब स्वीडन की पुलिस ने कानून व्यवस्था संभालने के लिए अब सख्त रूख अपनाना शुरू कर दिया है। आपको बता दें कि, स्वीडन में ये दंगे ईसाई त्योहार ईस्टर के बाद शुरू हुए हैं, जो लगातार चौथे दिन भी जारी है और पुलिस की गोली लगने से तीन दंगाई घायल हुए हैं।

चरमपंथियों ने किया हमला
स्वीडन की पुलिस के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में दंगे किए जा रहे हैं और चरमपंथी संगठन कई हिस्सों में पूरी प्लानिंग के साथ हमले कर रहे हैं। वहीं, स्वीडन की प्रधानमंत्री मैग्डेलेना एंडरसन ने इस हमले की निंदा की है। स्वीडन पुलिस की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि, 'तीन लोगों को गोली लगी है, जिनका अस्पताल में इलाज किया जा रहा है और दंगा फैलाने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया है।' वहीं, पुलिस ने नोरकोपिंग शहर में रविवार शाम को स्थिति कंट्रोल में होने की जानकारी दी है। स्वीडन में दंगाईयों की भीड़ पिछले चार दिनों से लगातार दंगे कर रही है और शहरों में जगह-जगह पर आग लगा रही है और दंगाई सार्वजनिक संपत्तियों का नुकसान कर रहे हैं। जिसमें दर्जनों पुलिस वाले घायल हुए हैं।

क्यों जलने लगा स्वीडन?
ये दंगा उस वक्त शुरू हुआ, जब दक्षिमपंथी और मुस्लिमों के खिलाफ हमेशा से जहर उगलने वाले नेता रासमस पलुदान ने पूरे देश में ईस्टर के खत्म होने पर कार्यक्रमों का आयोजन किया था और रासमस पलुदान को कुरान का अपमान करने के लिए जाना जाता है और इन्हीं कार्यक्रमों को मुस्लिम कट्टरपंथियों ने निशाना बनाना शुरू किया। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसी अफवाह फैली या फैलाई गई, कि कार्यक्रम में कुरान की प्रतियां जलाई जाएंगी और इसके बाद से ही पूरे देश में हिंसक प्रदर्शन होने लगे।

सऊदी अरब ने की निंदा
वहीं, सऊदी अरब ने सोमवार को कुरान के कथित अपमान को लेकर स्वीडन की निंदा की है और कहा है कि, स्वीडन में जानबूझकर कुरान का दुरूपयोग किया जाता है और मुसलमानों की भावनाओं को उकसाने के लिए कुरान का अपमान किया जाता है, लिहाजा सऊदी अरब इसकी निंदा करता है। सऊदी अरब विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि, सऊदी किंगडम शांतिपूर्वक संवाद को तरजीह देता है। सऊदी अरब ने सहिष्णुता, सह-अस्तित्व, घृणा, उग्रवाद का बहिष्कार करने और सभी धर्मों और पवित्र स्थलों के दुरुपयोग को रोकने की आवश्यकता पर भी बल दिया है।

कौन हैं रासमस पलुदान?
रासमस पलुदान डेनमार्क-स्वीडिश नागरिक हैं और वो इस्लाम विरोधी आंदोलनों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने स्वीडन में अवैध मुस्लिम घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने की मुहिम छेड़ रखी है और ऐसी रिपोर्ट है, कि उन्होंने अपने कार्यक्रमों में कुरान की प्रतियां जलाने की बात कही थी। रासमस पलुदान को उग्रवादी सोच के लिए नवंबर 2020 में फ्रांस में गिरफ्तार किया गया था और फिर उन्हें फ्रांस की सरकार ने देश से बाहर निकाल दिया था। इसके ठीक बात बेल्जियम में रासमस पलुदान के पांच कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था और ऐसा आरोप है, कि उन्होंने बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में कुरान को जलाकर घृणा फैलाने और मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को भड़काने की कोशिश की थी।

ईरान-इराक ने भी किया विरोध
आपको बता दें कि, कुरान जलाने को लेकर ईरान और इराक ने भी विरोध दर्ज करवाया है और दोनों देशों ने स्वीडन के राजदूतों को तलब किया है और पूरी घटना पर जानकारी मांगी है। वहीं, स्टार्म कुर्स पार्टी चलाने वाले रासमस पलुदान ने कहा है कि, उन्होंने इस्लाम की सबसे पवित्र पुस्तक कुरान को जलाया है और वो आगे भी कुरान को जलाते रहेंगे। स्वीडन से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक, जिन-जिन जगहों पर रासमस पलुदान के कार्यक्रम थे, उन-उन जगहों पर दंगे फैले हैं।












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