अगले हफ्ते अफगानिस्तान में अपहृत भारतीयों के परिवार वालों से मिलेंगी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अगले हफ्ते उन भारतीय इंजीनियर्स के परिवारवालों से मुलाकात करेंगी जिनका पिछले माह अफगानिस्तान में अपहरण हो गया था। विदेश मंत्रालय की ओर से गुरुवार को इस बात की जानकारी दी गई है।
नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अगले हफ्ते उन भारतीय इंजीनियर्स के परिवारवालों से मुलाकात करेंगी जिनका पिछले माह अफगानिस्तान में अपहरण हो गया था। विदेश मंत्रालय की ओर से गुरुवार को इस बात की जानकारी दी गई है।अफगानिस्तान के बाघलान प्रांत में मई माह में पुल-ए-खुमरी इलाके से छह भारतीय इंजीनियरों का अपहरण कर लिया था।अछह भारतीय मजदूरों में से चार झारखंड के हैं और ये लोग साल 2014 में झारखंड से काम करने अफगानिस्तान गए थे।

एक माह बाद भी परिवारवालों को इंतजार
एक माह बाद भी परिवारवालों को इनकी वापसी का इंतजार है। अभी तक उनके बारे में कोई जानकारी भी इन तक नहीं पहुंची है और न ही ये पता लग पाया है कि ये कहा हैं। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि वह अफगानिस्तान सरकार के साथ मिलकर इन मजदूरों के बारे में जानकारी हासिल करने में लगी है और उनकी रिहाई की कोशिशें कर रही हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने जानकारी दी कि सरकार लगातार अफगान अथॉरिटीज के संपर्क में हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अगले हफ्ते इनके परिवार वालों से मुलाकात करेंगी। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय और केंद्र सरकार इस मीटिंग की तारीख और समय पर काम कर रहा है। पाकिस्तान पहले भी अफगानिस्तान में मौजूद भारतीय नागरिकों और भारत के प्रोजेक्ट्स को निशाना बना चुका है।
We are in touch with Afghan authorities. EAM Sushma Swaraj will meet the families of Indians abducted in Afghanistan next week, we are working out time and date for the meeting: Raveesh Kumar, MEA pic.twitter.com/04aI5IdpIM
— ANI (@ANI) June 7, 2018
हक्कानी नेटवर्क और तालिबान आतंकियों ने साल 2008 में भारतीय दूतावास पर हमला किया था। इस हमले में एक आर्मी ऑफिसर और एक वरिष्ठ डिप्लोमैट की मौत हो गई थी। इसके एक वर्ष बाद फिर से भारत के दूतावास को निशाना बनाया गया। इसके अलावा भारतीय जो अफगानिस्तान के विकास और यहां पर मददगार प्रोजेक्ट्स में शामिल भारतीयों को निशाना बना चुके हैं। कई भारतीयों ने यहां पर इसकी वजह से अपनी जान गंवाई है। पहले भी भारतीयों का अपहरण किया गया है और इनमें से कुछ को छोड़ दिया गया या जबकि कुछ की हत्या कर दी गई ।












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