गूगल CEO सुंदर पिचाई की नौकरी छीन ली जाएगी? जेमिनी AI की असफलता के चलते दे सकते हैं इस्तीफा
गूगल ने ChatGPT को टक्कर देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल, जेमिनी (Gemini) को कुछ समय पहले लॉन्च किया था। इस प्रोजेक्ट के विफल होने के बाद अब दावा किया जा रहा है कि गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई की जल्द छुट्टी हो सकती है।
हेलिओस कैपिटल के फाउंडर समीर अरोड़ा ने दावा किया है कि सुंदर पिचाई जल्द ही रिजाइन कर सकते हैं या उन्हें कंपनी से निकाल दिया जाएगा। इन्वेस्टर समीर अरोड़ा का मानना है कि जेमिनी AI के विफल होने के चलते कंपनी सुंदर पिचाई को कंपनी से निकालने का फैसला ले सकती है।

दरअसल एक यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर समीर अरोड़ा से गूगल के दुनिया भर में रिलीज AI चैटबॉट जेमिनी को लेकर हुई कंट्रोवर्सी पर उनका ओपनियन मांगा था। यूजर ने एक्स पर उनसे कहा, "सर जी, गूगल जेमिनी देखा? यह तो श्वेत लोगों के अस्तित्व को ही मानने से इनकार कर रहा है। सुंदर पिचाई भाग्यशाली हैं कि उनका रंग गोरा नहीं है।"
इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि सुंदर पिचाई को हटा देना चाहिए या फिर वे खुद ही इस्तीफा दे देंगे। उन्हें ऐसा ही करना चाहिए। जेमिनी-AI को लीड करने के बाद भी वे इस पर पूरी तरह से विफल हो गए हैं, जबकि दूसरी कंपनियों ने AI पर टेकओवर कर लिया है।"
जेमिनी एआई क्या है?
Google ने हाल ही में वैश्विक स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) टूल को आधिकारिक तौर पर लॉन्च करते हुए अपने चैटबॉट बार्ड को जेमिनी के रूप में रिलॉन्च किया था। गूगल का दावा है कि जेमिनी समझने, तर्क करने, कोडिंग और प्लानिंग में अन्य मॉडलों से बेहतर काम करता है।
गूगल के अनुसार, यूजर्स अब 230 से अधिक देशों और क्षेत्रों में 40 से अधिक भाषाओं में जेमिनी प्रो 1.0 मॉडल के साथ जुड़ सकते हैं। जेमिनी एडवांस्ड Google One AI प्रीमियम प्लान का हिस्सा है, जिसकी कीमत $19.99 प्रति महीने है। हालांकि शुरुआती दो महीने के लिए यह पूरी तरह मुफ्त है।
हालांकि लॉन्च के एक हफ्ते के भीतर ही इस पर विवाद शुरू हो गया। Google ने 23 फरवरी को जेमिनी एआई से जुड़े एक नए एआई इमेज-जनरेटर के दोषपूर्ण रोलआउट के लिए माफी मांगी थी। गूगल के जेमिनी ने यह माना कि कुछ मामलों में उनका टूल सही काम नहीं करता है। इस विवाद के बढ़ने के बाद गूगल ने अपने जेमिनी AI के इमेज जनरेटर को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला भी लिया।
हाल ही में जेमिनी ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में पूछे गए सवाल को लेकर पक्षपातपूर्ण वाला जवाब दिया था। जब गूगल टूल से पूछा गया कि क्या भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फासीवादी हैं तो इसके जवाब में एआई टूल ने कहा, "नरेंद्र मोदी पर कुछ ऐसी नीतियों को लागू करने के आरोप भी लगते हैं, जिन्हें कुछ विशेषज्ञों ने फासीवादी माना है।"
जेमिनी के इस जवाब से हंगामा मच गया। इस मसले पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार एआई आधारित प्लेटफॉर्म्स पर पक्षपात बर्दाश्त नहीं करेगी। अश्विनी वैष्णव ने कहा, "सबसे पहले, सुनिश्चित करें कि इसके (Google) मॉडल प्रशिक्षित हैं। नस्लीय और अन्य पूर्वाग्रहों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"












Click it and Unblock the Notifications