सूडान में बदतर हो रहे हालात, आपस में ही भिड़े सेना और अर्धसैनिक बल, राष्ट्रपति भवन पर कब्जे का दावा
सूडान में मिलिट्री और पैरामिलिट्री फोर्स को मिलाकर एक सेना तैयार करने की प्लानिंग हो रही थी। इसके पहले ही वहां दोनों के बीच लड़ाई शुरू हो गई।

अफ्रीका महाद्वीप के देश सूडान में सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच गोलीबारी और विस्फोट के बाद हालात बिगड़ते जा रहे हैं। देश में गृहयुद्ध के हालत बन गए हैं। हिंसक कार्रवाई के चलते देशभर में कोहराम मच गया है। कई लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है।
पैरामिलिट्री फोर्स ने खार्तूम के एयरपोर्ट, सेना प्रमुख के आवास और राष्ट्रपति भवन पर कब्जा करने का दावा किया है। सेना और अर्धसैनिक बल के बीच ये तनाव कई सालों से चल रहा है। खार्तूम में बढ़ते तनाव के बीच शहर के विभिन्न स्थानों पर सैनिकों को तैनात कर दिया गया है।
सेना की ओर से कहा गया है कि मुल्क की सुरक्षा उसके हाथों में है। नुकसान पहुंचाने वालों को करारा जवाब दिया जाएगा। लड़ाई तेज होने के बाद सूडान के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानें बंद कर दी गई हैं। ऐसे में वहां रहने वाले विदेशी नागरिकों फंस कर रह गए हैं।
इस बीच सेना ने रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) को बागी घोषित कर दिया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक सूडान की आर्मी ने कहा है कि RSF ने राजधानी खार्तूम में स्थित मिलिट्री के हेडक्वार्टर पर कब्जा करने की कोशिश की, जिसके बाद लड़ाई शुरू हुई।
सूडान में अक्टूबर 2021 में एक तख्तापलट के बाद से देश को सेना ही चला रही है। सूडान में अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स को सेना में मिलाने की योजना है, जिसे लेकर कई सालों से विवाद चल रहा है।
सूडान की सेना का ये मानना है कि अर्धसैनिक बल के तहत आने वाली रैपिड सपोर्ट फोर्स को सेना का दर्जा नहीं दिया जाना चाहिए। वहीं, रैपिड सपोर्ट फोर्स खुद को सेना का हिस्सा मानती है और चाहती है कि उसे ये दर्जा मिले।
आर्मी के ब्रिगेडियर जनरल नाबिल अब्दुल्लाह ने बताया है कि RSF के फाइटर्स ने देश भर में आर्मी कैंप पर हमला कर दिया। सेना देश को बचाने की कोशिश कर रही है।
2021 में तख्तापलट के बाद से सूडान को एक काउंसिल बना कर चलाया जा रहा है। RSF सिविलियन रूल को 10 साल बाद लागू करना चाहती है जबकि आर्मी का कहना है कि ये 2 साल में ही लागू हो जाना चाहिए।
इसे आर्मी चीफ अब्देल फत्ताह अल बुरहान और RSF के चीफ मुहम्मद हम्दाम डागलो के बीच की लड़ाई भी माना जा रहा है। इस हफ्ते तनाव बढ़ने पर गुरुवार को RSF ने मेरोवे में सैन्य अड्डे के पास अपनी सेना तैनात कर दिया था।
आर्मी चीफ जनरल बुरहान का कहना है कि प्रस्तावित नागरिक सरकार में एकीकृत सेना का नेतृत्व कौन करेगा इस विवाद को सुलझाने के लिए वे अपने सेकेंड इन कमांड से बात करने को तैयार हैं।
इस बीच सूडान में लगातार बिगड़ते हालातों के बीच भारत सरकार ने वहां रहने वाले अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारत के अलावा अमेरिका, रूस और ब्रिटेन ने भी अपने नागरिकों से घरों के अंदर रहने की हिदायत दी है।
इस बीच अमेरिका ने दोनों पक्षों से तनाव कम करने और बातचीत के टेबल पर लौटकर नागरिक शासन को बहाल करने के लिए कहा है। अमेरिकी राजदूत जॉन गॉडफ्रे ने ट्वीट कर वरिष्ठ सैन्य नेताओं से तत्काल प्रभाव से लड़ाई बंद करने के लिए कहा है।












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