Shinzo Abe: भूत के डर से शिंजो आबे ने बदल दिया था PM निवास, पूर्व पीएम ने देखे थे प्रेत के पैर
जापान के प्रधानमंत्री आवास को भुतहा माना जाता है और कई प्रधानमंत्रियों ने वहां पर भूत होने की बात सार्वजनिक तौर पर कबूल की है।
टोक्यो, जुलाई 08: जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे गोली लगने के बाद जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं और दुनियाभर के नेताओं ने उनपर हुए हमले के बाद शोक जताया है और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। वहीं, जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने भूत के डर से प्रधानमंत्री आवास ही बदल लिया था और उन्होंने खुद प्रधानमंत्री आवास में भूत होने की बात कबूल की थी। आईये जानते हैं क्या है पूरी कहानी...
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जापान का भुतहा प्रधानमंत्री आवास
जापान के प्रधानमंत्री आवास को भुतहा माना जाता है और कई प्रधानमंत्रियों ने वहां पर भूत होने की बात सार्वजनिक तौर पर कबूल की है। शिंजो आबे के बाद देश के प्रधानमंत्री बनने वाले योशिहिदे सुगा ने भी अपने आधिकारिक आवास से ही काम करने का फैसला किया था और उन्होंने प्रधानमंत्री आवास जाने से इनकार कर दिया था। दरअसल, जापान में प्रधानमंत्री की हवेली को भुतहा माना जाता है और योशिहिदे सुगा से पहले जापान के सबसे लंबे वक्त तक प्रधानमंत्री रहे शिंजो आबे ने एक इंटरव्यू के दौरान कबूल किया था, कि प्रधानमंत्री बंगले में भुतहा शक्तियां रहती हैं और इसीलिए उन्होंने प्रधानमंत्री के बंगले को छोड़ दिया था। जब योशिहिदे सुगा जापान के प्रधानमंत्री बने थे, तब उन्होंने कहा था, कि कड़ी सुरक्षा होने के बाद भी वो प्रधानमंत्री के बंगले में शिफ्ट नहीं होंगे।

1929 में बना था आर्ट डेको हाउस
जापान में प्रधानमंत्री के बंगले को आर्ट डेको हाउस कहा जाता है, जो साल 1929 में बनकर तैनात हुआ था और सुगा से पहले शिंजो आबे ने भी इस बंगले में एक साल रहने के बाद आगे रहने से इनकार कर दिया था। जापानी मीडिया को दिए गये एक इंटरव्यू में शिंजो आबे ने कहा था कि, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री योशीरो मोरी सहित जापान के और भी कई पूर्व प्रधानमंत्रियों से हवेली में भूत होने की कहानियां सुनी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जापान के पूर्व प्रधानमंत्री मोरी ने कथित तौर पर कहा था, कि उन्होंने प्रधानमंत्री बंगले में रहने के दौरान एक प्रेत के पैर देखे थे।

शिंजो आबे ने खाली कर दिया था बंगला
जब शिंजो आबे पहली बार साल 2006 में जापान के प्रधानमंत्री बने थे, तब उन्होंने प्रधानमंत्री बंगले में ही रहने का फैसला किया और उन्होंने भूत-प्रेत की कहानी को कोरा बकवास और अंधविश्वास करार दिया। लेकिन, साल 2007 में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और उन्होंने फौरन प्रधानमंत्री का बंगला खाली खर दिया। लेकिन, जब साल 2012 में शिंजो आबे फिर से जापान के प्रधानमंत्री बने, तो उन्होंने प्रधानमंत्री बंगले में रहने से इनकार कर दिया। इसके जगह पर उन्होंने अपने निजी घर में ही रहने का फैसला किया और तब उन्होंने कहा था, कि उनके निजी घर से प्रधानमंत्री कार्यालय में जाने में सिर्फ 15 मिनट का ही वक्त लगता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा था, कि प्रधानमंत्री का बंगला 11 कमरों का है और वो काफी ज्यादा बड़ा है। लेकिन, जापानी अखबार असाही शिंबुन ने बाद में रिपोर्ट छापी थी, कि प्रधानमंत्री बंगले में भूतों की मौजूदगी की वजह से शिंजो आबे ने बंगले में रहने से इनकार कर दिया।

पूर्व प्रधानमंत्री की हुई थी हत्या
आपको बता दें कि, साल 1929 में तैयार हुए बंगले का इतिहास खूनी रहा है और साल 1932 में यहां पर एक प्रधानमंत्री की हत्या की जा चुकी है। 15 मई 1932 को इस बंगले में पूर्व प्रधानमंत्री इनुकाई त्सुयोशी की तख्तापलट करने की कोशिश की गई थी और जापानी नौसेना के 11 अधिकारियों ने उनकी इसी बंगले में हत्या कर दी थी। द गार्जियन के अनुसार, 1936 में एक और तख्तापलट का प्रयास किया गया था और उसके बाद से ही प्रधानमंत्री के बंगले को भुतहा बंगला माना जाने लगा। साल 1932 में किए गये हमले में जापानी इम्पीरियल आर्मी के जवान शामिल थे, लेकिन प्रधानमंत्री पर हुए इस हमले को लेकर जापान में काफी खराब ट्रायल चला था और हत्यारों का काफी कम सजा मिली थी।












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