लंदन में संसद के बाहर लगेगी महात्मा गांधी की प्रतिमा

इस बारे में ब्रिटिश विदेश मंत्री विलियम हेग और वहां के वित्त मंत्री जॉर्ज ओस्बोर्न ने जानकारी दी है। गौरतलब है कि यह दोनों ही इस समय भारत की यात्रा पर आए हुए थे।
इस फैसले के पीछे की वजह के बारे में ब्रिटेन का कहना है कि सारी दुनिया में अहिंसा और मानवाधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले महात्मा गांधी को इससे बेहतर तरीके से श्रद्धांजलि देने का यह उनका एक ख्याल है।
दोनों मंत्रियों ने एक बयान में कहा कि ब्रिटिश पार्लियामेंट हमारे लोकतंत्र का प्रतीक चिन्ह है और महात्मा जी की प्रतिमा वहां लगाने से हमें उनकी विचारधारा और शिक्षा को बनाए रखने की प्रेरणा मिलेगी।
गांधी जी का लंदन से एक खास तरह का संबंध रहा है। उन्होंने सैकड़ों प्रतिभाशाली भारतीय छात्रों की ही तरह वहां शिक्षा ग्रहण की थी।
यह प्रतिमा अगले साल तक लग जाएगी और उस समय महात्मा गांधी की दक्षिण अफ्रीका से भारत वापसी के 100 साल हो जाएंगे।
दक्षिण अफ्रीका में ही उन्होंने स्वशासन का मंत्र दिया था। दोनों मंत्रियों ने कहा कि उनकी प्रतिमा उनके कार्यों की याद दिलाती रहेगी और वहां उनसे जुड़े कार्यक्रम होते रहेंगे।
अगले साल यहां उनकी भारत वापसी की शताब्दी मनाई जाएगी। इसी तरह उनके पुण्यतिथि की 70 वीं वर्षगांठ और उनके जन्मदिन के 150 साल भी यहां मनाए जाएंगे। दोनों ब्रिटिश ने अपनी भारत यात्रा के दौरान मंगलवार को गांधी स्मृति में उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस प्रतिमा को बनाने के लिए मशहूर मूर्तिकार फिलिप जैकसन की सेवाएं ली जाएंगी जिन्होंने राजमाता की मूर्ति बनाई थी।
यह मूर्ति वहां लगाई जाएगी जहां नेल्सन मंडेला और अब्राहम लिंकन की प्रतिमा है और इसके लिए धन ब्रिटिश सरकार और कई एनजीओ देंगी।
दोनों मंत्रियों ने कहा कि महात्मा गांधी न केवल भारत बल्कि सारी दुनिया के लिए जबर्दस्त प्रेरणा स्रोत हैं. इस प्रतिमा को स्थापित करने के लिए एक खास सलाहकार समूह बनाया गया है जिसमें कई नामी हस्तियां हैं।












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