Sri Lanka Crisis: श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल के दाम में बड़ी बढ़ोत्तरी
नई दिल्ली: भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका में आर्थिक संकट के बीच रानिल विक्रमसिंघे ने कहा है कि, वो देश को बहुत जल्द पटरी पर ले आएंगे। हालांकि, श्रीलंका में अभी भी उग्र प्रदर्शन जारी है। इस बीच श्रीलंका में आपातकाल खत्म कर दिया गया है। जबकि, भारत लगातार श्रीलंका की मदद कर रहा है। पड़ोसी देश का मामला होने के चलते भारत सरकार भी लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है। पढ़िए इस खबर से जुड़ा हर अपडेट लाइव-

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क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने बीबीसी को बताया कि दुनिया भर के लोग जीवन यापन की बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं। क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि समर्थन "बहुत लक्षित तरीके से, गरीब लोगों को सीधे सब्सिडी प्रदान करके" दिए जाने की आवश्यकता है। कई सरकारें कुछ सहायता प्रदान कर रही हैं लेकिन आलोचकों का तर्क है कि यह पर्याप्त नहीं है।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि सरकारों को समाज के सबसे गरीब सदस्यों के लिए भोजन और ऊर्जा की लागत पर सब्सिडी देने की जरूरत है और सही सरकारी समर्थन के बिना जो स्थिति श्रीलंका में बनी है, और जिस तरह का विरोध प्रदर्शन हो रहा है, वो दूसरे देशों में भी हो सकता है।
भारत ने देश में ईंधन की कमी को कम करने में मदद करने के लिए श्रीलंका को 40,000 मीट्रिक टन डीजल की एक और खेप की आपूर्ति की है। श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग ने ट्विटर पर मौजूदा खेप की जानकारी दी। इसके अलावा, भारत से 2 बिलियन एसएलआर से अधिक मूल्य के चावल, दूध पाउडर और दवाओं की एक और खेप रविवार को कोलंबो पहुंचने वाली है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने चेन्नई से इस खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
श्रीलंका के केकीरावा के इपालोगामा के रणजयपुरा में एक आईओसी फिलिंग स्टेशन के मालिक के घर में कल रात गुस्साई भीड़ ने आग लगा दी क्योंकि स्टेशन में ईंधन खत्म हो गया था। पुलिस के अनुसार, 21 मई को ईंधन लेने के लिए एक बड़ी भीड़ जमा हो गई थी और उनमें से कुछ को ईंधन नहीं दिया गया था क्योंकि शेड में ईंधन खत्म हो गया था, जिससे भीड़ उग्र हो गई और मालिक के घर में आग लगा दी।
श्रीलंका के नये प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने देश की वर्तमान आर्थिक संकट के लिए पिछली महिंदा राजपक्षे सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने स्काई न्यूज को बताया कि देश के मौजूदा संकट के लिए "अंतिम प्रशासन जिम्मेदार है"। आपको बता दें कि, श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में प्रदर्शनकारियों की पुलिस से फिर झड़प हो गई है, क्योंकि लोगों ने राष्ट्रपति और नएप्रधान मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
फिच रेटिंग्स ने श्रीलंका की दीर्घकालिक विदेशी मुद्रा (LTFC) जारीकर्ता डिफ़ॉल्ट रेटिंग (IDR) को 'C' से प्रतिबंधित डिफ़ॉल्ट (RD) में डाउनग्रेड कर दिया। गुरुवार को जारी अपनी रेटिंग एक्शन कमेंट्री में फिच ने कहा कि, 18 अप्रैल 2022 को श्रीलंका को सॉवरेन बॉन्ड भरना था, जो एक महीने की अवधि के बाद भी श्रीलंका नहीं भर पाया, लिहाजा श्रीलंका की रेटिंग घटा दी गई है।
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