श्रीलंका बम धमाके: जब हमलावर और चर्च के पादरी का हुआ आमना-सामना

चर्च का पादरी
BBC
चर्च का पादरी

श्रीलंका में बीते रविवार को हुए बम धमाकों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 310 हो गई है.

पीड़ित परिवारों ने अपने मृत परिजनों के अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी हैं.

इस दर्दनाक माहौल में एक चर्च के पादरी फादर स्टेनली ने हमले से पहले कथित हमलावर के साथ हुई अपनी बातचीत को बीबीसी से साझा किया है.

कथित हमलावर से फादर स्टेनली का सामना श्रीलंका के मट्टकालाप्पु इलाके में स्थित सियोन चर्च में हुआ. इस चर्च में हुए हमले में 26 लोगों की मौत हुई जिनमें से ज़्यादातर बच्चे थे.

'मैंने उससे बात की थी'

फादर स्टेनली बताते हैं, "हमारे पेस्टर (पादरी) विदेश में हैं. चूंकि असिस्टेंट पेस्टर भी उपलब्ध नहीं थे. उन्होंने मुझे कई नए लोगों से मिलवाया था. शायद कथित रूप से उस व्यक्ति से भी जिसने इस हमले को अंजाम दिया"

"मैंने उससे बात की थी. मैंने उसे चर्च के अंदर बुलाया. उसने मना कर दिया और कहा कि वह किसी फोन कॉल का इंतज़ार कर रहा है, ऐसे में कॉल आने पर उसे फोन उठाना होगा."

'उसने सर्विस शुरू होने का टाइम पूछा'

फ़ादर स्टेनली कहते हैं, "हमारा ऑफ़िस चर्च के सामने ही है. वह वहीं खड़ा था. उसने मुझसे पूछा कि सर्विस कब शुरू होती है. मैंने उसके सवाल का जवाब दिया और उसे चर्च में दोबारा बुलाया. हम हमेशा सभी का स्वागत करते हैं."

"वह अपने कंधों पर एक बैग टांगे हुए था. आगे की ओर कैमरा बैग जैसी चीज़ थी. मैं उस समय उसके मकसद से परिचित नहीं था. कई बच्चे कह रहे हैं कि ये काम उसी ने किया है."

"एक बार जब सर्विस शुरू हो गई तब मैं अंदर चला गया. इसके दो - तीन मिनट बाद उसने बाहर बम धमाका कर दिया. बम चर्च के अंदर नहीं फटा. कई बच्चे अपनी संडे क्लास के बाद चर्च के बाहर पानी पी रहे थे. वो इसके बाद ही चर्च के अंदर आते हैं. वे बच्चे और कई लोग उस समय चर्च के अंदर घुस रहे थे. उसी समय बम धमाका हो गया."

श्रीलंका बम धमाके
Getty Images
श्रीलंका बम धमाके

धमाके के बाद क्या?

फादर स्टेनली बताते हैं कि चर्च के बाहर धमाके के बाद हर तरफ़ कोलाहल का माहौल बन गया.

वह कहते हैं, "धमाके के बाद, गाड़ियों और जेनरेटरों में आग लग गई. आग की वजह से हम धमाके में घायल कई लोगों को बचा नहीं सके. हमने बस कुछ बच्चों को धमाके से दूर निकाला."

'फिर एक और धमाका हुआ'

फादर स्टेनली के मुताबिक़, उनके चर्च में पहले धमाके के बाद एक और धमाका हुआ था.

वह कहते हैं, "हमने लोगों को बचाने के लिए पूरी कोशिश की. इसके बाद हमें धमाके की आवाज़ सुनाई दी और सब कुछ आग में बदल गया. हम ये भूलकर इधर-उधर भागने लगे कि कौन ज़िंदा है और कौन मर गया. इस भागदौड़ में मेरी पत्नी और बेटा भी खो गया. इसके बाद मैंने उनकी तलाश शुरू की तो उन्हें एक अस्पताल में पाया. इस हमले में कई बेगुनाह और बच्चों की मौत हुई है. हमें बस इतना पता है."

sri lanka attack, श्रीलंका हमला
Getty Images
sri lanka attack, श्रीलंका हमला

तथाकथित इस्लामिक स्टेट ने अपने मीडिया पोर्टल 'अमाक़' पर इन हमलों की ज़िम्मेदारी क़बूल की है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती क्यूंकि आम तौर से इस्लामिक स्टेट हमलों के बाद हमलावरों की तस्वीरें प्रकाशित करके हमलों की ज़िम्मेदारी तुरंत क़बूल करता है.

इस बात का कोई सबूत नहीं है कि श्रीलंका के हमलों के तीन दिन बाद किया गया इसका दावा सही है.

श्रीलंका सरकार ने एक स्थानीय जेहादी गुट- नेशनल तौहीद जमात- का नाम लिया है और अधिकारियों ने बम धमाके किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की मदद से कराए जाने की बात की है.

अब तक 38 लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं. इनमें से 26 लोगों को सीआईडी ने, तीन को आतंकरोधी दस्ते ने और नौ को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है.

गिरफ़्तार किए गए लोगों में से सिर्फ़ नौ को अदालत में पेश किया गया है. ये नौ लोग वेल्लमपट्टी की एक ही फ़ैक्ट्री में काम करते हैं.


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