श्रीलंका में अब नहीं रूक पाएंगे चीनी जासूसी जहाज, विक्रमसिंघे सरकार ने भारत के हित में लिया बड़ा फैसला
हाइलाइट्स
- श्रीलंका ने चीन को नए साल पर दिया झटका
- चीनी जासूसी जहाजों के प्रवेश पर लगा बैन
- चुनाव से पहले सरकार का बड़ा फैसला
पड़ोसी देश श्रीलंका ने चीन को बड़ा झटका देते हुए भारत के हित में एक अहम फैसला लिया है। श्रीलंका ने अपने समुद्री क्षेत्र में विदेशी जासूसी जहाजों के संचालन पर 12 महीने की रोक लगा दी है। इसका मतलब है कि चीन के रिसर्च और जासूसी जहाज अब पहले की तरह श्रीलंका के बंदरगाहों पर नहीं रुक पाएंगे।

12 महीने के लिए लगी रोक
इस मामले से जुड़े लोगों ने रविवार को बताया कि श्रीलंका ने इस बात की जानकारी भारत को दे दी है। उन्होंने कहा है कि अगले 1 साल के लिए किसी भी चीनी रिसर्च जहाजों को अपने बंदरगाहों पर रुकने या अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के भीतर संचालन की अनुमति नहीं देगा।
पीएम मोदी ने की थी अपील
मामले से परिचित लोगों ने बताया कि श्रीलंका ने इसकी जानकारी भारत सरकार को बीते सप्ताह ही दे दी थी। श्रीलंकाई सरकार ने ये फैसला पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से 21 जुलाई, 2023 को अपनी बैठक के दौरान राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से भारतीय रणनीतिक और सुरक्षा चिंताओं का सम्मान करने के आग्रह के बाद लिया है।
भारत जताता रहा है आपत्ति
आपको बता दें कि भारत श्रीलंकाई तटों पर चीनी जहाजों के रुकने पर आपत्ति जताता रहा है। इस वजह से दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव भी देखने को मिलता है। इससे पहले एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन अपने समुद्री वैज्ञानिक अनुसंधान (MSR) जहाज, जियांग यांग होंग 3 को 5 जनवरी को श्रीलंकाई बंदरगाहों पर खड़ा करना चाहता था।
श्रीलंका में इस साल होंगे चुनाव
इसे लेकर भारत ने आपत्ति जताई थी जिसे देखते हुए श्रीलंकाई पक्ष ने यह फैसला लिया है। नए फैसले के बाद अब जासूसी जहाज जियांग यांग होंग श्रीलंकाई बंदरगाह पर रूक नहीं पाएगा। आपको बता दें कि श्रीलंका में इस साल चुनाव होने जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति चुनावों से पहले श्रीलंका, भारत और चीन दोनों ही देशों को खुश करने या नाराज करने से बच रहा है।
अमेरिका ने भी दी थी चेतावनी
श्रीलंकाई सरकार को पिछले हफ्ते भारत और अमेरिका ने हिंद महासागर में चीनी वैज्ञानिक अनुसंधान जहाजों और बैलिस्टिक मिसाइल ट्रैकर्स को मदद पहुंचाने के लिए चेतावनी जारी की थी। इसके बाद श्रीलंका ने चीन के रिसर्च जहाज पर एक साल का बैन लगा दिया।
समुद्री क्षमताओं का विस्तार करेगा श्रीलंका
श्रीलंका के समाचार आउटलेट डेली मिरर की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सप्ताह श्रीलंका के विदेश मंत्री अली साबरी ने कहा था कि श्रीलंका अगले 12 महीने तक अपने समुद्री रिसर्च क्षमताओं को विकास करेगा ताकि भविष्य के विदेशी रिसर्च अभियानों में समान भागीदार के रूप में हिस्सा ले सके।
अक्टूबर में श्रीलंका पहुंचा था चीनी जहाज
आपको बता दें कि बीते साल अक्टूबर में, श्रीलंका ने एक चीन के खोजी जहाज Shi Yan 6 को अपने एक बंदरगाह पर रुकने और रिसर्च करने की अनुमति दी थी। चीन इस तरह के रिसर्च जहाजों, जिसे जासूसी जहाज कहा जाता है, का खूब इस्तेमाल करता है। चीन इन जहाजों के जरिए श्रीलंका से लगे दक्षिण भारत में रणनीतिक प्रतिष्ठानों की जासूसी और मन्नार की खाड़ी में खनिजों की जानकारी जमा करता है।












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