स्पेन में ऐतिहासिक श्रम सुधार बिल पास, विपक्ष ने कहा, 'कंप्यूटर की गलती'

स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज.

वॉशिंगटन, 04 फरवरी। तीन फरवरी को स्पेन की संसद में प्रस्तावित श्रम सुधार विधेयक पास हो गया. लेकिन इस विधेयक से ज्यादा चर्चा, इसके पास होने के तरीके की हो रही है. दरअसल, विधेयक के लिए हुए मतदान में सत्ता पक्ष एक वोट से आगे रहा. विपक्ष का दावा है कि उनके ही एक सांसद से गलती हुई और विधेयक के समर्थन में वोट चला गया. स्पेन की संसद के निचले सदन हाउस ऑफ डेप्युटीज में 350 सीटें हैं. किसी भी विधेयक को पास करवाने के लिए न्यूनतम संख्या बल 175 होना चाहिए.

सत्ताधारी सोशलिस्ट गठबंधन के पास सिर्फ 155 सीटें हैं. सोशलिस्ट पार्टी और उसके सहयोगियों ने नौ अन्य पार्टियों के साथ विधेयक पर आम सहमति बनाई. इसके बावजूद वे बिल पास करवाने की स्थिति में नहीं लग रहे थे. जब मतदान हुआ तो सत्ता पक्ष को एक मत विपक्षी सांसद की ओर से मिल गया. विधेयक के पक्ष में 175 और विपक्ष में 174 मत डाले गए. और सिर्फ एक मत के अंतर से विधेयक पास हो गया.

दूसरी तरफ विपक्ष इसे बेईमानी बता रहा है. पीपल्स पार्टी का कहना है कि उनके एक सांसद ने स्क्रीन पर "ना" का बटन दबाया था, लेकिन मत "हां" के पक्ष में चला गया. कंप्यूटर की गलती की वजह से ऐसा हुआ है. उनकी शिकायत है कि सदन की अध्यक्षा ने उनकी शिकायत के बावजूद नतीजा बदलने से इनकार कर दिया. पीपल्स पार्टी के अध्यक्ष पाबलो कसादो ने कहा है कि वे इस कानून को संवैधानिक न्यायालय में चुनौती देंगे.

विधेयक में क्या था?

ये विधेयक श्रम सुधारों से जुड़ा है. नए कानून से ज्यादातर अस्थायी अनुबंध अधिकतम तीन महीने के लिए ही किए जा सकेंगे. इसके अलावा वेतन और सेवा शर्तों पर फिर से ट्रेड यूनियनें और कर्मचारी संघ सरकार या कंपनियों से मोलभाव कर सकेंगी. इस नए कानून से, पिछली रूढ़िवादी सरकार की ओर से साल 2012 में उद्योगों के हित में लाए गए कुछ नियम खत्म हो जाएंगे. जिस वक्त ये कानून लाए गए थे, तब स्पेन बड़े कर्ज संकट का सामना कर रहा था. इस विधेयक को दिसंबर 2021 में मंत्रिमंडल ने पास कर दिया था.

प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज की सरकार के लिए ये कानून बनाना आर्थिक नजरिए से भी जरूरी था. यूरोजोन की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति स्पेन को यूरोपीय संघ की ओर से महामारी से रिकवरी के लिए आर्थिक मदद मिलनी है. उस मदद के लिए एक जरूरी शर्त ये श्रम सुधार भी थे. यानी इस कथित गलती से स्पेन को यूरोपीय संघ से अरबों डॉलर की आर्थिक मदद का रास्ता खुल गया है. सत्तारूढ़ समाजवादी गठबंधन ने ये विधेयक लाने से पहले ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संघों से चर्चा की थी. चर्चा के बाद वे भी विधेयक के समर्थन में थे.

क्यों जरूरी था विधेयक?

स्पेन में अस्थायी और कम अवधि के अनुबंधों की वजह से नौकरी की सुरक्षा एक बड़ा सवाल है. खासतौर पर युवाओं के बीच में. नवंबर 2021 तक के उपलब्ध आंकड़ों में 25 साल से कम उम्र के युवाओं में से 29.2 फीसदी बेरोजगार हैं. ये देश के औसत 14.1 फीसदी के दोगुने से भी ज्यादा है. पूरे यूरोजोन यानी यूरो मुद्रा वाले 19 देशों में ये आंकड़ा 7.2 फीसदी है. छोटी अवधि के अनुबंध असुक्षा का भाव बढ़ाते हैं और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकते हैं.

आरएस/एके (एपी, रॉयटर्स)

Source: DW

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