स्पेन चुनाव में दक्षिणपंथी पार्टी को सबसे अधिक सीटें, फिर भी नहीं बन पाएगी राइट विंग सरकार, कौन होगा अगला PM?
स्पेन में रविवार को हुए आम चुनाव के परिणाम आ चुके हैं। घोषित चुनाव परिणाम में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। लेकिन दोनों ही गठबंधन अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।
चुनाव में स्पेन की विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी रूढ़िवादी पॉपुलर पार्टी (पीपी) को सर्वाधिक मत मिले हैं और इसके नेता अल्बर्टो नुनेज़ फीजू ने जीत का दावा भी किया है, लेकिन उन्हें अपेक्षित परिणाम नहीं मिला है।

धुर दक्षिणपंथियों के समर्थन के बावजूद भी पॉपुलर पार्टी (पीपी) संसद में बहुमत से पीछे रह गई है। इस चुनाव से जुड़े लगभग सभी सर्वेक्षणों में दक्षिणपंथी गठबंधन के जीत के दावे किए जा रहे थे।
सत्ताधारी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिल पाया है मगर इसने सभी भविष्यवाणियों को झूठा साबित करते हुए उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। विपक्षी पार्टियों की प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज को सत्ता से हटने के लिए मजबूर करने की उसकी उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्षी पार्टी पीपी को 350 सीटों वाले निचले सदन में 136 सीटें, कांग्रेस ऑफ डेप्युटीज़ और सोशलिस्टों को 122 सीटें मिलेंगी। तीसरी सबसे बड़ी और धुर दक्षिणपंथी वोक्स पार्टी को इस चुनाव में महज 33 सीटें मिली हैं। जबकि पिछले चुनाव में उसे 52 सीटें मिली थीं।
सबसे बड़ी सोशलिस्ट पार्टी को पिछले चुनाव में 120 सीटें मिली थीं। वहीं, पीपी को 2019 के चुनाव में 88 सीटें मिली थीं। पीपी और धुर दक्षिणपंथी वोक्स के पास अभी कुल मिलाकर 169 सीटें हैं, जबकि पीएसओई और सुमार (15 छोटे वामपंथी दलों का एक समूह) ने मिलकर 153 सीट जीता है। ऐसे में दक्षिणपंथी गठबंधन बहुमत से 7 सीटें पीछे रह गया है।
नतीजों से पता चला कि पीपी और प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की सोशलिस्ट वर्कर्स पार्टी (पीएसओई) के पास क्रमशः 33.1% और 31.7% वोट शेयर थे। इस बीच, प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने वामपंथियों की जीत का दावा किया है, बावजूद इसके नतीजे हंग संसद की ओर इशारा कर रहे हैं।
फिलहाल किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाने के कारण देश राजनीतिक गतिरोध की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।












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