सोमालिया ब्लास्ट में करीब 300 की मौत पर दुनिया का दोहरा रवैया: कोई हेशटेग नहीं, ट्वीटर पर ट्रेंड नहीं, किसी बड़े नेता की प्रतिक्रिया तक नहीं
मोगादिशू। लास वेगास में एक शख्स ने बंदूक से गोलीबारी करते हुए करीब 60 लोगों को मौत की नींद सुला दिया था। वहीं, सोमालिया में हुए आतंकी हमले ने करीब 300 लोगों की जान ले ली और 500 से ज्यादा घायल हो गए। सोमालिया के इतिहास का यह सबसे दर्दनाक आतंकी हमला है, जिसके कारण देश में तीन दिन का शोक घोषित किया गया है। लास वेगास हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन ISIS ने ली थी तो वहीं सोमालिया हमलों के लिए अल-कायदा सहयोगी अल-शबाब पर संदेह जताया जा रहा है, लेकिन दोनों ही हमलों पर दुनिया का दोहरा रवैया आपको हैरान कर देगा।

अक्टूबर माह में हुए इन दोनों हमलों ने दुनिया को झकझोर कर रख दिया, लेकिन सोशल मीडिया पर एक बहस उन लोगों को लेकर छिड़ी है जो हर हमले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आतंकवाद की निंदा करते हैं। सोशल मीडिया लोग आरोप लगाया जा रहा है कि सोमालिया और लास वेगास के हमलों को लोग और दुनिया के ताकतवर नेता अलग-अलग निगाह से देखते हैं। हैरान करने वाली बात यह है सोमालिया की मौत पर किसी बड़े नेता ने निंदा तो दूर, 140 शब्दों में सिमटने वाला ट्वीट तक नहीं आया।
सोमालिया आतंकी हमले पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, यूके की प्रधानमंत्री थेरेसा मे, जर्मनी चांसलर एंजेला मार्कल, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं, इनमें से ज्यादातर नेता लास वेगास हमले पर दु:ख व्यक्त कर चुके हैं।
सोमालिया पर दुनिया के बड़े देशों और नेताओं के दोहरे रवैये को लेकर इंटरनेशनल ऑरगनाइजेशन फॉर माइग्रेशन के प्रवक्ता इताई विरिरि ने सवाल उठाते हुए कहा कि आतंकी हमलों की निंदा करने वाले और पीडितों को सांत्वाना देने वाले अब सोशल मीडिया पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।
पाकिस्तानी एक्टर हमजा अली ने ट्वीट कर कहा कि सोमालिया ब्लास्ट में 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। कोई ट्वीटर ट्रेंड, हेडलाइंस नहीं दिखाई दी। साबित हो चुका है कि दुनिया पॉवर पोलिटिक्स से चलती है, मानवता से नहीं।












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