सोमालिया: '11 मर्दों की बेग़म' की पत्थर मार-मारकर हत्या
ये मामला सोमालिया का है जहां एक महिला की पत्थर मार-मार कर हत्या कर दी गई. महिला पर बिना तलाक़ लिए कई शादियां करने का आरोप था.
सोमालिया की महिला को सज़ा देने का फ़ैसला चरमपंथी संगठन 'अल शबाब' की अदालत ने सुनाया है.
शुक्री अब्दुल्लाही वार्सेम नाम की महिला पर बिना तलाक़ लिए 11 बार शादी करने का आरोप था.
साब्लेल शहर के लोगों ने बताया कि 'अल शबाब' के लड़ाकों ने महिला को ज़मीन में गर्दन तक गाड़ दिया और फिर उन्हें तब तक पत्थर मारे गये जब तक वो मर नहीं गईं.
चरमपंथी संगठन 'अल शबाब' का सोमालिया के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा है और वो वहां इस्लाम के शरिया क़ानून को कड़ाई से लागू करता है.
राजधानी मोगादिशु में केंद्रीय सरकार का शासन चलता है और 'अल-शबाब' के लड़ाके इसे सत्ता से हटाने के लिए आत्मघाती हमले करते रहते हैं.
साब्लेल शहर में अल-शबाब के गवर्नर मोहम्मद अबु उसमा ने रॉयटर्स को बताया, "शुक्री अब्दुल्लाही और उनके नौ पतियों को कोर्ट लाया गया. इनमें उनके कानूनी पति भी शामिल थे. और सभी ने महिला को अपनी पत्नी बताया."
सोमालिया में तलाक़
इस्लामी कानून के अनुसार, महिला का एक से अधिक पति रखना ग़ैरक़ानूनी है लेकिन एक पुरुष को चार पत्नी तक रखने की इज़ाज़त हैं.
तलाक़ दोनों तरफ़ से दिया जा सकता है. पति अपनी पत्नी से अलग रह सकता है, लेकिन महिला को पति की अनुमति लेनी पड़ती है.
अगर वो मना करता है तो वे अपने धार्मिक कोर्ट जाकर इसकी स्वीकृति ले सकती है.
अल-शबाब समर्थित एक न्यूज़ वेबसाइट का कहना है जब उसे साब्लेल कोर्ट लाया गया तब महिला की सेहत सही थी और उसे सभी आरोपों का दोषी पाया गया.
बीबीसी सोमाली सेवा के मोवलिद हाजी आब्दी कहते हैं कि सोमालिया में तलाक़ आम बात है, लेकिन ये मामला असामान्य है.
अल शबाब अपने नियंत्रण वाले इलाकों में शरियत क़ानून को सख़्ती से लागू करता है.
जो इसे नहीं मानते हैं उन्हें वे शारीरिक दंड देते हैं, इसमें चोरों के हाथ काट डालना और व्याभिचार की आरोपी महिला की पत्थर मारकर हत्या करना शामिल है.












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