सोमवार को पृथ्वी से टकराएगा सौर तूफान, इस बार खतरा तीन गुना ज्यादा, ये देश हो सकता है प्रभावित
नई दिल्ली, 13 मार्च: हाल ही में सूर्य पर एक विस्फोट हुआ था, जिसके बाद अंतरिक्ष में सौर तूफान उठा। अब ये तेजी से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है और 14 मार्च तक हमारे ग्रह से टकराएगा। इसको लेकर वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी की है, क्योंकि इस बार खतरा तीन गुना ज्यादा है। अभी कुछ दिनों पहले ही एक एस्टेरॉयड पृथ्वी के बहुत करीब से गुजरा था। हालांकि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ।

डेटा से हुई 'भविष्यवाणी'
नासा और अमेरिका स्थित नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (एनओएए) के डेटा ने 'भविष्यवाणी' की है कि ये घटना अगले दो हफ्तों में ग्रह को प्रभावित करेगी। अभी जो सौर तूफान उठा है, उसके पृथ्वी से टकराने की 80 प्रतिशत आशंका है।

काफी ज्यादा होगा प्रभाव
वैज्ञानिकों के मुताबिक इस सौर तूफान से रेडियो और जीपीएस सेवा प्रभावित हो सकती है, खासकर सुबह और शाम के वक्त। मामले में अंतरिक्ष मौसम भौतिक विज्ञानी डॉ. तमिथा स्कोव ने ट्वीट कर लिखा कि डायरेक्ट हिट! एनओएए और नासा भविष्यवाणी मॉडल के मुताबिक 13 मार्च को 12:00 और 21:00 यूटीसी (भारत के हिसाब से 14 मार्च) के बीच सौर तूफान पृथ्वी पर आ सकता है। इसके बाद एक दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि इसका प्रभाव काफी तेज होगा।

अचूक होते हैं प्लेयर्स
नासा के मुताबिक पिछले हफ्ते गुरुवार को सूर्य में एक विस्फोट हुआ था, जिससे सौर तूफान उठा जो पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है। मामले में spaceweather.com के डॉ. टोनी फिलिप्स ने कहा कि ये फ्लेयर्स आमतौर पर अचूक होते हैं और करीब 12 घंटे तक रहते हैं। अभी तक की भविष्यवाणी के मुताबिक 20 प्रतिशत संभावना है कि ये यूके को प्रभावित करेगा।

क्या है सौर तूफान का मतलब?
सौर तूफान का मतलब सूरज से निकलने वाला कोरोनल मास है, जो बेहद नुकसानदायक और प्रयलकारी साबित हो सकता है। अगर ये पृथ्वी से टकराता है, तो इससे सबसे ज्यादा प्रभावित सैटेलाइट्स होती हैं। जिस वजह से संचार के माध्यम प्रभावित हो सकते हैं।












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