पीठ पर 26 साल के बेटे को लादकर दुनिया की यात्रा... जानिए एक मां और बेटे के रिश्ते की भावुक कहानी
मां निकी अपने बेटे के साथ जहां भी घूमती हैं, उसे इंस्टाग्राम पर अपने फॉलोवर्स के साथ शेयर करती हैं और यात्रा को लेकर अपने अनुभवों को लोगों के साथ शेयर करती हैं।
पर्थ, जनवरी 23: ऑस्ट्रेलिया के पर्थ का रहने वाला 26 साल का जिमी अपनी मां की आंखों से दुनिया देख रहा है। दुनिया में जिमी ने अपनी मां की आंखों से खूब सारे दृश्य देखे हैं और अभी भी मां अपने बेटे को दुनिया की सैर करवा रही है। जिमी दुनिया घूम रहा है, लेकिन वो सिर्फ अपनी मां की आंखों से ही देख सकता है, क्योंकि कुदरत से उसे देखने की इजाजत नहीं मिली है। 26 साल का जिमी देख नहीं सकता है और बीमारियां कुछ ऐसी हैं, कि चलने के लिए उसे अपनी मां के कंधे पर सवार होना पड़ता है।

पीठ पर 26 साल बेटा
26 साल के जिमी बचपन से ही देख नहीं सकते हैं और उनकी मां निकी अंतरम उन्हें अपनी पीठ पर लादकर उन्हें वर्ल्ड टूर करवा रही हैं। 26 साल के बेटे जिमी को लेकर मां निकी अभी तक कई देश घूम चुकी हैं और जिमी उनके पीठ पर सवार होकर दुनिया देख रहे हैं।

वर्ल्ड टूर क किया वादा
महज 17 साल की उम्र में जिमी को जन्म देने वाली मां निकी को जब पता चला था, कि उनका बेटा देख नहीं सकता है, तभी उन्होंने खुद से वादा किया था, कि वो अपनी आंखों से अपने बेटे को पूरी दुनिया दिखाएंगी और फिर अपने वादे को पूरा करने के लिए मां निकी वर्ल्ड टूर पर निकल चुकी है। कोविड की वजह से जब दुनिया के कई देशों के दरवाजे बंद हैं, फिर भी निकी और जिमी का ये सफर समाप्त नहीं हुआ है।

43 साल की हैं मां निकी
मां निकी अब 43 साल की हो चुकी हैं और बेटा जिमी 26 साल का। मां निकी को पता है, कि अब वो अपने पेटे को पीठपर लादकर ज्यादा दिनों तक यात्रा नहीं कर सकती है, लिहाजा उसे थोड़ी चिंता है। लेकिन, वो घबराई नहीं है। वो अपने बेटे के पीठ पर उम्मीदों से हाथ फेरती है और आगे की यात्रा की प्लान बनाती है। बचपन से ही जिमी देश नहीं सकते हैं और कई शारीरिक और मानिक परेशानियों के भी जिमी शिकार हैं, लिहाजा 26 साल के जिमी का ज्यादातर काम मां निकी ही करती है और जिमी को 24घंटे देखभाल की जरूरत होती है।

थकाने वाली होती है यात्रा
मां निकी अपने बेटे के साथ जहां भी घूमती हैं, उसे इंस्टाग्राम पर अपने फॉलोवर्स के साथ शेयर करती हैं और यात्रा को लेकर अपने अनुभवों को लोगों के साथ शेयर करती हैं। खासकर जब डेली मेल में मां-बेटे की कहानी पब्लिश हुई है, उनके इंस्टाग्राम पर तेजी से लोग जुड़े हैं, जहां मां निकी अपनी कहानी लोगों के साथ शेयर करती हैं। मां निकी के मुताबिक, बेटे जिमी के लिए उनके पास व्हीलचेयर है, लेकिन उसने तय किया कि वो अपने बेटे को अपने पीठ पर लादकर घूमेगी, व्लीलचेयर पर नहीं। डेली मेल ऑस्ट्रेलिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, 'बड़ी छुट्टियों की योजना बनाते हुए, मैं हमेशा यह सुनिश्चित करती हूं कि मेरे पास ढेर सारे लंगोट, कपड़े और यहां तक कि बिस्तर के पैड, चादरें और तकिए भी हों।''

कनाडा जाने की प्लानिंग
43 साल कि निकी और जिमी अभी तक कई देशों की यात्रा कर चुकी हैं और अब मां निकी बताती हैं कि, उनकी उम्र ज्यादा हो रही है और शायद अब ज्यादा दिनों तक अपने बेटे को पीठ पर लादकर वो ना चल सकें। उन्होंने कहा कि, अब जिमी को पीठ पर लादकर लंबी यात्रा करना थकाने वाला होता है। दोनों अभी तक हवाई, बाली और ऑस्ट्रेलिया में कई जगहों पर यात्रा कर चुके हैं और अब कनाडा जाने का प्लान बना रहे हैं। मां निकी बताती हैं कि, धीरे धीरे अब काफी लोग उन्हें जानने लगे हैं और उन्हें ज्यादातर जगहों पर लोगों से बेशुमार प्यार भी मिलता है, लिहाजा कई जगहों पर उन्हें काफी आसानी भी होती है।

बेटे के बारे में कब पता चला?
मां निकी बताती हैं कि, उन्हें जिमी के जन्म के करीब 2 महीने के बाद पता चला कि, वो देख नहीं सकता है। निकी के मुताबिक, 2 महीने के होने पर उसकी दादी ने महसूस किया, कि जिमी अपने खिलौनों तक नहीं पहुंच पा रहा है और फिर डॉक्टर ने उसके नहीं देख पाने की पुष्टि कर दी।

मिर्गी की थी बीमारी
इसके साथ ही जब जिमी 6 महीने का हुआ, तब उन्होंने महसूस किया, कि जिमी को मिर्गी की बीमारी भी है, हालांकि मां निकी का कहना है कि, कई सालों के इलाज के बाद अब मिर्गी की बीमारी उसे नहीं रही। मां निकी बताती हैं कि, बेटा जिमी उनके जीने की असली शक्ति है और उसके लिए वो एक प्रेरणा की तरह गहै, जिसे वो हमेशा खुश और मुस्कुराता हुआ देखना चाहती हैं। मां निकी बताती है कि, जिमी भले ही उसे देख नहीं सकता है, लेकिन उसे पता है, कि जिमी जैसा सोचता है, वो ठीक वैसी ही है।












Click it and Unblock the Notifications