सिंगापुर में हिंदू पुजारी पर आरोप, मंदिर का सोना गिरवी रख जुटाए 15 लाख डॉलर
Singapore Hindu Priest Fraud: सिंगापर में एक हिंदू मंदिर के पूर्व पुजारी को 15 लाख डॉलर की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी बनाया गया है। हिंदू पुजारी पर आरोप है कि उसने मंदिर में चढ़ाए जाने वाले सोने के आभूषणों को बार-बार गिरवी रखा जिसके चलते उसने 15 लाख डॉलर की धोखाधड़ी कर डाली।

स्थानीय मीडिया के अनुसार कंदासामी सेनापति मंदिर से आभूषण ले लेकर उसे गिरवी रखकर काफी पैसा ले लिया लेकिन कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद उनके पास पर्याप्त नकदी नहीं उपलब्ध हो पाई जिसके चलते वह सोना वापस नहीं कर सके। 37 वर्षीय कंदासामी श्रीमरिअम्मन मंदिर में पुजारी थी। 194 साल पुराना ये मंदिर सिंगापुर में रहने वाले हिंदुओं के साथ ही पर्यटकों के बीच भी काफी लोकप्रिय है।
सोना रखा गिरवी
उन पर आरोप है कि 2016 से 2020 के दौरान, जब वह मुख्य पुजारी थे, उस दौरान उन्होंने 5 बार मंदिर के सोने को गिरवी पर रखा था। मंदिर प्रबंधन ने जब ऑडिट के दौरान देखा कि मंदिर में सोना गायब है तो कंदासामी को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें मंदिर के मुख्य पुजारी के पद से भी हटा दिया।
बाद में कंदासामी सोने को वापस पाने में सफल हुए जिसके बाद उन्होंने इसे मंदिर को वापस किया। कोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक इस टोटल सोने की कीमत 15 लाख डॉलर थी जिसका इस्तेमाल पूजा के दौरान किया जाता था। इन आभूषणों को मंदिर के मुख्य पुजारी की निगरानी में मंदिर के अंदर रखा जाता था।
5 मामलों में लगाया आरोप
कंदासामी पर 141000 सिंगापुर डॉलर की रकम भारत भेजने पहुंचाने के लिए भ्रष्टाचार के 5 मामलों का भी आरोप लगाया गया था। उन पर विश्वास भंग कर सामान को गिरवी रखने के आपराधिक कानून के तहत आरोपी बनाया गया था। उन्हें दोष सिद्ध होने पर भ्रष्टाचार के प्रत्येक मामले में 10 साल तक जेल की सज़ा का सामना करना पड़ेगा।
श्री मरिअम्मन का निर्माण 1827 ईस्वी में दक्षिण भारत से गए प्रवासियों ने किया था। श्री मरिअम्मन को महामारियों और बीमारियों से मुक्ति दिलाने वाली देवी के रूप में जाना जाता है।












Click it and Unblock the Notifications