सिंगापुर ने मानसिक दिव्यांग धर्मलिंगम की नहीं बख्शी जिंदगी, बेटे को बचाने आखिर तक छटपटाती रही मां
धर्मलिंगम को फांसी दिए जाने की पुष्टि सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उसके परिवारवालों ने कर दी है।
सिंगापुर, अप्रैल 27: सिंगापुर ने बुधवार को एक मानसिक रूप से विकलांग भारतीय मूल के मलेशियाई व्यक्ति धर्मलिंगम को ड्रग अपराध के लिए दोषी ठहराते हुए फांसी दे दी। सिंगापुर के अदालत ने मानसिक तौर पर बीमार धर्मलिंगम की मां की चुनौती को आखिरी मिनट में खारिज कर दिया और उसके बाद धर्मलिंगम को फांसी दे दी गई।

धर्मलिंगम को दी गई फांसी
धर्मलिंगम को बचाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मुहिम चलाई गई थी, क्योंकि वो मानसिक तौर पर बीमार था और सिंगापुर की अदालत में कई अंतर्राष्ट्रीय याचिकाएं दायर की गई थीं, लेकिन कोर्ट ने सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। 34 साल के नागेंथ्रन धर्मलिंगम को सिंगापुर में लगभग 43 ग्राम हेरोइन की तस्करी का दोषी ठहराया गया था और धर्मलिंगम का केस सिंगापुर की अदालतों में पिछले 10 सालों से चल रहा था, लेकिन अंत में अदालत ने धर्मलिंगम की मां की आखिरी चुनौती को भी खारिज कर दिया, जिसके बाद उसे फांसी दे दी गई। धर्मलिंगम को फांसी देने के बाद सरकार ने कहा कि, नशीली दवाओं के अपराधों के लिए मौत की सजा का उपयोग सीमाओं पर स्पष्ट किया गया है।

मानसिक तौर पर बीमार था धर्मलिंगम
धर्मलिंगम को फांसी दिए जाने की पुष्टि सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उसके परिवारवालों ने कर दी है। वहीं, भाई को फांसी दिए जाने के बाद उसकी बहन सरमिला धर्मलिंगम ने कहा कि, 'मैं कहना चाहती हूं और मैं घोषणा करना चाहती हूं, कि इस मामले में मलेशिया ज्यादा मानवीय है, लेकिन सिंगापुर में कोई सुनवाई नहीं हो सकती है'। आपको बता दें कि, नागेंथ्रन धर्मलिंगम की फांसी का विरोध करने वाले और वकीलों ने कहा कि, उसका आईक्यू लेवल सिर्फ 69 है और वह बौद्धिक रूप से अक्षम था, और मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को फांसी देना अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के तहत प्रतिबंधित है। वहीं, एनजीओ रेप्रीव की डायरेक्टर माया फोआ ने कहा कि, 'सिंगापुर में कानून का दुखद गर्भपात हुआ है और धर्मलिंगन का नाम इतिहास में दर्ज होगा'।
मां की आखिरी कोशिश भी गई बेकार
माया फोआ ने कहा कि, धर्मलिंगम मानसिक तौर पर बीमार था और उसे तीन बड़े चम्मच से कम डायमॉर्फिल ले जाने के लिए मजबूर किया गया था और उसे पता भी नहीं था कि, वो अपने हाथों में क्या ले जा रहा है, लिहाजा ऐसे व्यक्ति को फांसी दे देना मानवाधिकार का घोर उल्लंघन ने और सिंगापुर ने अंतर्राष्ट्रीय कानूनों को तोड़ा है। आपको बता दें कि, धर्मलिंगम की मां ने सोमवार को अपने बेटे को फांसी से बचाने के लिए आखिरी बार प्रस्ताव दायर किया था और कहा था, कि धर्मलिंगम को फांसी देना असंवैधानिक है और धर्मलिंगम के केस की निष्पक्ष सुनवाई भी नहीं की गई थी, लेकिन कोर्ट ने इस प्रस्ताव को "तुच्छ" बताते हुए खारिज कर दिया। अब धर्मलिंगम के परिवार ने कहा कि, उसके शव को मलेशिया के उत्तरी राज्य पेराक में उनके गृहनगर लाया जाएगा, जहां उन्होंने उनके अंतिम संस्कार की तैयारी की है।












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