अखबार में छपा विज्ञापन: सोनिया गांधी के खिलाफ सबूत देने वाले को 20 हजार डॉलर का इनाम

मालूम हो कि पुख्ता सबूतों के आभाव में अदालत में सोनिया गांधी के खिलाफ यह मुकदमा खारिज होने की कगार पर है। अदालत में मुकदमा दायर करने वाले यह साबित नहीं कर पा रहे हैं कि उन्होंने सोनिया गांधी को अदालती समन पहुंचा दिए थे। "सिख्स फॉर जस्टिस" संस्था के वकील गुरपतवंत पानुन कहते हैं, "सोनिया गांधी के खिलाफ मुकदमे में चूंकि इनके इस दावे का बहुत महत्व है कि जब उनको अदालती समन दिए गए थे तब वह सितंबर महीने में अमरीका में थीं ही नहीं।
इसलिए हमने इनाम की घोषणा की है जिससे इस रहस्य पर से पर्दा हटाया जा सके कि सोनिया गांधी 2013 के सितंबर महीने में अमरीका में थीं या नहीं।" हालांकि पानुन यह मानते हैं कि उन्होंने अमरीका में सोनिया गांधी को नहीं देखा था। पानुन कहते हैं कि हम तो भारत के समाचार पत्रों में सोनिया गांधी के न्यूयॉर्क आने जाने के बार में छपी खबरों के आधार पर उस अस्पताल में उनके खिलाफ अदालती समन पहुंचा कर आए थे, हमने उन्हें देखा तो नहीं था।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक संस्था की ओर से न्यूयॉर्क शहर के एक समाचार पत्र 'एएम न्यूयॉर्क' में एक विज्ञापन छापा गया है जिसमें सोनिया गांधी की तस्वीर के साथ लिखा है कि अगर आपने सोनिया गांधी को सितंबर 2, 2013 और सितंबर 9, 2013 के बीच अमरीका में देखा है और आप अमरीकी अदालत में जज के सामने गवाही दे दें तो आपको 'सिख्स फॉर जस्टिस' की ओर से 20,000 डॉलर (करीब 12 लाख रुपये) इनाम दिया जाएगा।












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